जब जज साहब की बन गई फर्जी फेसबुक ID:दोस्त से पैसे ऐंठे, साइबर अपराधी ने महिला जज के पिता का फ्रेंड बनकर कॉल किया
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राजस्थान के स्कूलों में मंगलवार को अनूठा नजारा देखने को मिला। प्रदेश के करीब 1400 स्कूलों में शिक्षकों की जगह बच्चों को पाठ पढ़ाते न्यायिक अधिकारी (जजेज) दिखे। मंगलवार को ‘एम्पावरिंग राजस्थान यूथ: ए लीगल लिटरेसी इनेशेटिव-2026’ के तहत जजों ने छात्रों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ से लेकर ‘ओटीपी स्कैम’ तक की बारीकियां सिखाईं। हैरानी तब हुई, जब जजों ने खुद के साथ हुए साइबर फ्रॉड के किस्से सुनाए, जिसे सुनकर स्टूडेंट्स दंग रह गए। केस-1 : जज के दोस्तों से पैसे मांगे
एक जज ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि साइबर अपराधियों ने उनकी फोटो का इस्तेमाल कर एक फर्जी फेसबुक प्रोफाइल तैयार कर ली। अपराधी ने उनके परिचितों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और जज की तबीयत खराब होने का झूठा हवाला देकर पैसे मांगना शुरू कर दिया। इस झांसे में आकर उनके एक दोस्त ने 16 हजार रुपए साइबर अपराधी के खाते में ट्रांसफर कर दिए। केस-2 : महिला जज की सूझबूझ से बची ठगी
एक महिला जज ने बच्चों को सतर्क करते हुए बताया- एक व्यक्ति ने मेरे पिता का दोस्त बनकर मुझे कॉल किया और पेटीएम के जरिए पैसे भेजने को कहा। मैंने तुरंत पैसे भेजने के बजाय अपने पिता को फोन कर सच्चाई जानी। पता चला कि पिता ने किसी को पैसे देने के लिए कहा ही नहीं था। मोबाइल गेम्स छोड़ो, मैदान में कबड्डी-क्रिकेट खेलो
बांसवाड़ा के जिला जज राम सुरेश प्रसाद ने छात्रों को भावनात्मक सीख दी। उन्होंने कहा, सोशल मीडिया की आभासी दुनिया आपको असली ज्ञान से दूर कर रही है। मोबाइल गेम्स की लत छोड़कर किताबों की तरफ बढ़ें और शाम को मैदानी खेलों जैसे कबड्डी, क्रिकेट और बैडमिंटन में पसीना बहाएं। शारीरिक खेल ही आपको मानसिक रूप से मजबूत बनाएंगे। राजस्थान में विधिक जागरूकता अभियान की PHOTOS… शिकायत के लिए ‘सीक्रेट बॉक्स’
विधिक जागरूकता अभियान के तहत स्कूलों में शिकायत पेटिकाएं लगाई गई हैं। यदि कोई छात्र किसी साइबर अपराध या अन्य प्रताड़ना का शिकार है, तो वह गुप्त रूप से अपनी शिकायत इसमें डाल सकता है, जिस पर विधिक सेवा प्राधिकरण सीधा एक्शन लेगा। पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…
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