March 27, 2026

ईरान के राष्ट्रपति बोले- खामेनेई पर हमले को जंग मानेंगे:ट्रम्प ने कहा था- प्रदर्शनकारियों की हत्याएं जारी रहीं तो हम दखल दे सकते हैं

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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर हमला हुआ, तो इसे ईरान के खिलाफ जंग माना जाएगा। पजशकियान ने X पर पोस्ट कहा कि किसी भी हमले का कठोर और पछतावे वाला जवाब दिया जाएगा। पजशकियान की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों के बाद आई है। ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्याएं या फांसी जारी रहीं, तो अमेरिका दखल दे सकता है। ईरान में 28 दिसंबर से जारी हिंसक प्रदर्शन में अब तक 5,000 लोगों की मौत हो गई है। इनमें करीब 500 सुरक्षाकर्मी शामिल है। एक ईरानी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर रॉयटर्स को यह जानकारी दी है। दावा- ट्रम्प के दबाव में 800 लोगों की फांसी रुकी ट्रम्प ने 15 जनवरी को बताया था कि हत्याएं अब कम हो रही हैं। व्हाइट हाउस ने भी दावा किया कि ट्रम्प के दबाव के बाद ईरान ने 800 लोगों की फांसी की योजना रोक दी है। संयुक्त राष्ट्र की सहायक महासचिव मार्था पोबी ने परिषद को बताया कि ये प्रदर्शन तेजी से फैले। इसमें काफी जान-माल का नुकसान हुआ है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक 3,428 प्रदर्शनकारियों को मार डाला गया, जबकि 18,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं कर सका है। क्राउन प्रिंस पहलवी बोले- जल्द ईरान लौटूंगा ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने कहा है कि वह जल्द ईरान लौटेंगे और देश का नेतृत्व करेंगे। पेरिस से जारी किए एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, आज ईरान में लड़ाई कब्जे और आजादी के बीच है। ईरानी जनता ने मुझे नेतृत्व के लिए बुलाया है। मैं ईरान लौटूंगा। पहलवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि वह एक ‘मुक्त ईरान’ का सपना देखते हैं, जो इस्लामिक रिपब्लिक की नीतियों से पूरी तरह अलग होगा। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य शांति, समृद्धि और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की ओर लौटना है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान में लोकतांत्रिक सरकार बनती है तो देश अपना परमाणु सैन्य कार्यक्रम खत्म करेगा, आतंकी संगठनों को समर्थन बंद करेगा और अमेरिका के साथ संबंध सामान्य करेगा। पहलवी ने यह भी कहा कि एक मुक्त ईरान इजराइल को मान्यता देगा और मध्य-पूर्व में स्थिरता लाने वाली ताकत बनेगा। अमेरिका ने ईरानी नेतृत्व पर नए प्रतिबंध लगाए ट्रम्प प्रशासन ने 18 ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ नए प्रतिबंधों लगाए हैं। इनमें ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी और कई अन्य अधिकारी शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने प्रदर्शनों पर क्रूर कार्रवाई की योजना बनाई। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इसकी घोषणा करते हुए कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं और उन्होंने वित्त मंत्रालय को प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।’ ईरान पहले से ही कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था और ज्यादा कमजोर हुई है। इसी आर्थिक संकट को मौजूदा विरोध-प्रदर्शनों की बड़ी वजह माना जा रहा है। ईरान में हुए प्रदर्शन का कारण जानिए… ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुई हिंसा कई कारणों से भड़की है। ये प्रदर्शन अब तक के सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक माने जा रहे हैं। महंगाई और आर्थिक संकट: ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत इतिहास में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 1,455,000 से 1,457,000 रियाल (ओपन मार्केट रेट) हो गई है। चाय, ब्रेड जैसी रोजमर्रा की चीजें भी बहुत महंगी हो गईं (महंगाई 50-70% से ज्यादा)। व्यापारियों की हड़ताल: 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के बड़े बाजार के व्यापारियों ने दुकानें बंद कर विरोध शुरू किया, जो तेजी से पूरे देश में फैल गया। लोग बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान हैं। सरकार के खिलाफ गुस्सा: लोग सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई और इस्लामिक रिपब्लिक की पूरी व्यवस्था के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। कई लोग पुरानी राजशाही (शाह का शासन) वापस लाने की मांग कर रहे हैं। कठोर कार्रवाई: सुरक्षा बलों ने लाइव फायरिंग, गोलियां चलाईं, जिससे हजारों मौतें हुईं (अनुमान 2,000 से 12000 तक, विभिन्न स्रोतों के अनुसार)। इंटरनेट और फोन बंद कर दिए गए, जिससे हिंसा और बढ़ी। अंतरराष्ट्रीय तनाव: ईरान सरकार, अमेरिका और इजराइल को हिंसा भड़काने का जिम्मेदार बता रही है। ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और हस्तक्षेप की धमकी दी थी। ——————— यह खबर भी पढ़ें… ईरानी प्रदर्शनकारी बोले- ट्रम्प ने हमें धोखा दिया:सबसे ज्यादा जरूरत के वक्त समर्थन नहीं किया; हिंसा में अब तक 5000 लोगों की मौत ईरान में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से उम्मीद थी कि वे उनके लिए मददगार साबित होंगे। लेकिन अब ट्रम्प के रुख में बदलाव आ गया है, इससे वह अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ट्रम्प ने जो कहा और बाद में जो किया, उनके बीच बहुत बड़ा फर्क था। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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