March 25, 2026

कांग्रेस को नोटिस- अकबर रोड-रायसीना हिल्स का दफ्तर खाली करें:28 मार्च तक का वक्त; दावा- एस्टेट डिपार्टमेंट के खिलाफ कोर्ट जाएगी पार्टी

0
32-2_1774416550.gif




कांग्रेस पार्टी को 24 अकबर रोड वाला दफ्तर 28 मार्च तक खाली करना होगा। एस्टेट डिपार्टमेंट ने पार्टी को नोटिस दिया है। न्यूज एजेंसी ANI ने कांग्रेस सूत्रों के हवाले से कहा है कि दफ्तर खाली करने के लिए 3 दिन का समय दिया गया है। हालांकि, कांग्रेस का हेडक्वॉर्टर पहले ही यहां से इंदिरा भवन शिफ्ट हो चुका है। पार्टी इस बंगले को खाली नहीं करना चाहती है। उधर, एस्टेट डिपार्टमेंट ने कांग्रेस के 5 रायसीना हिल्स रोड स्थित इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यालय के लिए भी एक और नोटिस जारी किया है। कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि कांग्रेस, सरकार के इस रवैए के खिलाफ कोर्ट में अपील करेगी। कांग्रेस का आरोप है कि 1 अशोक रोड या पंत मार्ग वाले BJP के दफ्तर भी खाली नहीं करवाए गए हैं। कांग्रेस का दफ्तर 2025 में 24 अकबर रोड से इंदिरा भवन में शिफ्ट कांग्रेस ने 14 जनवरी 2025 को ही अकबर रोड वाले ऑफिस से अपना दफ्तर इंदिरा भवन में शिफ्ट किया है। 46 साल बाद पार्टी ने अपना पता बदला था। इंदिरा भवन की आधारशिला 2009 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने रखी थी। इसे बनने में 252 करोड़ रुपए लगे। बर्मा हाउस बना कांग्रेस का लकी चार्म 70 के दशक में कांग्रेस का ऑफिस डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड पर था। इसका एड्रेस 3, रायसीना रोड था। इसके ठीक सामने 6, रायसीना रोड पर अटल बिहारी वाजपेयी रहा करते थे। 1978 में कांग्रेस में टूट के बाद ऑफिस पार्टी सांसद जी वेंकटस्वामी को अलॉट बंगले 24, अकबर रोड में शिफ्ट किया गया था। तब से 2025 तक यह कांग्रेस मुख्यालय का पता रहा। 24, अकबर रोड कभी इंडियन एयरफोर्स के चीफ का घर हुआ करता था। इसके अलावा यह इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की पॉलिटिकल सर्विलांस विंग का ऑफिस भी रहा। इसे बर्मा हाउस भी कहा जाता था। बंगले को यह नाम पंडित जवाहर लाल नेहरू ने दिया था। दरअसल, इसी बंगले में म्यांमार की भारत में राजदूत डॉ. खिन काई रहती थीं। वे म्यांमार की आयरन लेडी कही जाने वाली आंग सान सू की, की मां थीं और करीब 15 साल तक आंग के साथ इस बंगले में रही थीं। इंदिरा ने जब 24, अकबर रोड को कांग्रेस मुख्यालय चुना था, तब पार्टी काफी मुश्किलों से जूझ रही थी। लेकिन यह ऑफिस कांग्रेस और इंदिरा दोनों के लिए काफी लकी साबित हुआ। 1980 के मध्यावधि चुनाव में कांग्रेस भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौटी। यह ऑफिस 4 प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह का गवाह रहा। सुप्रीम कोर्ट ने दफ्तर बदलने का निर्देश दिया था सुप्रीम कोर्ट ने लुटियंस जोन में भीड़-भाड़ की वजह से सभी पार्टियों को अपना दफ्तर बदलने का निर्देश दिया था। इसके बाद सबसे पहले भाजपा ने 2018 में दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर अपना ऑफिस बनाया। कांग्रेस ने भी अपना नया ठिकाना भाजपा के पड़ोस में ढूंढा। नए ऑफिस ‘इंदिरा भवन’ में शिफ्ट होने के बाद भी कांग्रेस अपना पुराना ऑफिस खाली नहीं किया था। यहां बड़े नेताओं का उठना-बैठना जारी है। केंद्र सरकार ने 2015 में कांग्रेस को दिए गए चार बंगलों का आवंटन रद्द किया था। इसमें 24, अकबर रोड भी शामिल था। इसके अलावा 26 अकबर रोड (कांग्रेस सेवा दल ऑफिस), 5-रायसीना रोड (यूथ कांग्रेस ऑफिस) और C-II/109 चाणक्यपुरी (सोनिया गांधी के सहयोगी विन्सेंट जॉर्ज को आवंटित) का आवंटन भी रद्द कर दिया था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *