जापान में क्रिकेट लीग, इंटरनेशनल स्टार्स बिना पैसे लिए खेलेंगे:2 मई से तीन दिन की लीग में खेलेंगे दिमुथ करुणारत्ने, करण केसी और जोश ब्राउन
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क्रिकेट का क्रेज अब सिर्फ भारत, ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड तक सीमित नहीं है। अब ‘उगते सूरज का देश’ यानी जापान भी इस खेल में तेजी से पहचान बना रहा है। जापान प्रीमियर लीग (जेपीएल) नाम का टी20 टूर्नामेंट धीरे-धीरे दुनिया भर के क्रिकेट फैंस और खिलाड़ियों का ध्यान खींच रहा है। इस साल लीग में श्रीलंका के पूर्व कप्तान दिमुथ करुणारत्ने, ऑस्ट्रेलिया के बिग बैश लीग स्टार जोश ब्राउन और नेपाल के ऑलराउंडर करण केसी जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी खेलते नजर आएंगे। आखिर जापान में क्रिकेट का क्या माहौल है और यह लीग कैसे काम करती है? जानते हैं… जापान प्रीमियर लीग के बारे में वो सबकुछ, जो आपके लिए जानना जरूरी है 1. जापान प्रीमियर लीग क्या है और यह कब शुरू हुई? इसकी शुरुआत 2015 में हुई थी। इसमें 4 टीमें (नॉर्थ, साउथ, ईस्ट, वेस्ट कांटो) थीं, जो घरेलू मैदानों पर खेलती थीं। लेकिन दर्शकों की कमी के कारण वह फ्लॉप हो गया। अब मैच सानो इंटरनेशनल ग्राउंड पर होंगे। इसमें पांचवीं टीम ‘कंसाई’ भी जुड़ गई है। टूर्नामेंट 2 से 4 मई तक चलेगा, जिसमें 12 मैच खेले जाएंगे। 2. क्या जापान में क्रिकेट का कोई पुराना इतिहास है? जापान में क्रिकेट 1863 से खेला जा रहा है। 80 के दशक में जापान क्रिकेट एसोसिएशन की स्थापना भी हो गई थी। हालांकि, लंबे इतिहास के बावजूद क्रिकेट वहां मुख्यधारा का खेल नहीं बन पाया है। जापान की अंडर-19 पुरुष टीम ने 2020 और 2026 के वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया था। 3. इस लीग में खेलने वाले स्थानीय खिलाड़ी कौन हैं? जापान में क्रिकेटर्स पेशेवर नहीं हैं। वे या तो छात्र हैं या फिर कहीं नौकरी करते हैं। ये खिलाड़ी मैच खेलने के लिए दफ्तरों से सालाना छुट्टियां लेते हैं। उनके लिए क्रिकेट पेशे से ज्यादा एक शौक है। साल की शुरुआत में ट्रायल्स और घरेलू प्रदर्शन के आधार पर इन खिलाड़ियों को 14-सदस्यीय टीम में ड्रॉफ्ट के जरिए चुना जाता है। 4. जब पैसा नहीं मिलता, तो विदेशी क्यों खेलने जाते हैं? फैंस को हाई-क्वालिटी क्रिकेट दिखाने व स्थानीय खिलाड़ियों को एक्सपोजर देने हर टीम में एक विदेशी खिलाड़ी रखा जाता है। इस लीग में विदेशी खिलाड़ियों को खेलने की कोई सैलरी नहीं मिलती। ये खिलाड़ी क्रिकेट के विकास में मदद करने और सद्भावना के तहत यहां खेलने आते हैं। 5. आयोजक दर्शकों को आकर्षित करने के लिए क्या कर रहे हैं? इसका भविष्य क्या है? जापान में सिर्फ क्रिकेट दर्शकों को मैदान तक लाने के लिए काफी नहीं है। इसलिए आयोजक डांस, म्यूजिक, फूड स्टॉल्स, जापानी भाषा में कमेंट्री का सहारा लेते हैं। एसोसिएशन के चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर एलन का मानना है कि बिना सैलरी के खिलाड़ियों को बुलाना लंबे समय तक मुमकिन नहीं है। अच्छे स्पॉन्सर और तगड़ी फंडिंग की जरूरत है।
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