March 28, 2026

'बड़े नेता-अफसर समुदाय विशेष को टारगेट नहीं कर सकते':सुप्रीम कोर्ट ने कहा- धर्म या जाति के आधार पर बदनाम करने का अधिकार नहीं

0
1rxyzd_1772019663.jpg




सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि ऊंचे संवैधानिक पदों पर बैठे नेता-अफसर किसी समुदाय को धर्म-जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर निशाना नहीं बना सकते। कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना संविधान के खिलाफ है। किसी भी माध्यम से समुदाय को बदनाम करना अस्वीकार्य है। कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुसार राज्य या गैर-राज्य अभिनेता सहित कोई भी व्यक्ति भाषण, मीम, कार्टून या दृश्य कला जैसे किसी भी माध्यम से किसी समुदाय को बदनाम या अपमानित नहीं कर सकता। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जवल भुयान की बेंच ने नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ पर रोक की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए अलग से यह टिप्पणी की। बेंच ने 19 फरवरी को फिल्म निर्माता नीरज पांडे के हलफनामे को रिकॉर्ड में लेकर याचिका खत्म कर दी। अदालत ने उम्मीद जताई कि विवाद अब खत्म हो जाएगा। जस्टिस भुयान ने अपने 39 पन्नों के अलग फैसले में कहा कि संविधान की प्रस्तावना में सभी नागरिकों के बीच भाईचारा बढ़ाने और देश की एकता व अखंडता बनाए रखने का वादा किया गया है। मामले से जुड़ी पिछली सुनवाई- 19 फरवरी : SC के आदेश पर ‘घूसखोर पंडत’ नाम हटाया गया, नीरज पांडेय बोले- नया टाइटल अभी तय नहीं मनोज बाजपेयी की फिल्म घूसखोर पंडत का नाम बदल दिया गया है। फिल्ममेकर नीरज पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल करके इसकी जानकारी दी। जिसमें बताया गया कि फिल्म का विवादित टाइटल हटा दिया गया है। अब इसका कहीं इस्तेमाल नहीं होगा। नया नाम अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन जो भी रखा जाएगा, वह पुराने नाम जैसा या उससे मिलता-जुलता नहीं होगा। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी को टीजर के साथ फिल्म के नाम का ऐलान हुआ था नेटफ्लिक्स ने 3 फरवरी 2026 को मनोज बाजपेयी की ‘घूसखोर पंडत’ का ऐलान भी टीजर रिलीज करके किया गया था। लेकिन जैसे ही इसका टीजर जारी किया गया तो इसके टाइटल को लेकर विवाद शुरू हो गया है। लोग सड़कों पर उतर गए। इसके बाद यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया। ब्राह्मण समाज ने फिल्म का विरोध किया अलग-अलगह जगहों पर ब्राह्मण समाज ने नेटफ्लिक्स की ‘घूसखोर पंडत’ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा मुंबई के वकील आशुतोष दुबे का आरोप है कि ‘पंडत’ जैसे सम्मानजनक शब्द को भ्रष्टाचार के साथ जोड़ना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि इससे पूरे समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचती है। नोटिस में कहा गया है कि यह फिल्म जानबूझकर एक समुदाय की छवि को खराब करने की कोशिश कर रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *