March 31, 2026

लग्जरी प्रॉपर्टी वाले निवेशकों का पैसा फंसा:अमेरिका-ईरान युद्ध में झुलस रहे दुबई में विला-अपार्टमेंट की मांग घटी; 2-4 करोड़ की छूट, फिर भी नहीं मिल रहे खरीदार

0
orig_new-project-19_1774091233.jpg




ब्रिटेन के रियलिटी शो स्टार सैम गॉलेंड ने कुछ महीनों पहले दुबई में एक लग्जरी विला खरीदा। विला की कीमत करीब 19 करोड़ रुपए थी, जो रेनोवेशन के बाद और बढ़ गई। सैम ने प्रॉपर्टी बेचने के लिए हाल में इसे बाजार में उतारा, लेकिन इसी दौरान अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो गया। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से हालत यह है कि अब विला के लिए कोई खरीदार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कम दाम पर भी घर बेचने की कोशिशें की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इस तरह की मुश्किलें सिर्फ सैम तक सीमित नहीं है। युद्ध के बाद से दुबई में लग्जरी प्रॉपर्टी के दाम औसतन 25% तक गिर चुके हैं और प्रॉपर्टी डील्स की संख्या भी पहले के मुकाबले आधी रह गई है। मार्च की शुरुआत में पिछले साल के मुकाबले 31% कम प्रॉपर्टी के सौदे हुए हैं, जबकि फरवरी की तुलना में ये गिरावट 51% की है। मसलन खरीदार कीमतें गिरने से पहले ही बाजार से बाहर हो गए थे। दुबई को अब तक एक टैक्स-फ्री और राजनीतिक रूप से स्थिर इकोनॉमी माना जाता था। लेकिन ईरानी हमलों के चलते उसके यह छवि दरकती दिख रही है। गोल्डमैन सैक्स के एक्सपर्ट्स का मानना है कि शहर का रियल एस्टेट मार्केट काफी हद तक ‘सेंटीमेंट-ड्रिवन’ रहा है। जैसे ही मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें आईं, लोगों में डर बैठ गया और महंगी प्रॉपर्टी के खरीदार गायब हो गए। लग्जरी प्रॉपर्टी के खरीदार नहीं मिलने के कारण एमार जैसे बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स के शेयरों में भारी गिरावट आई है। कई प्रॉपर्टी मालिक जो अपनी प्रॉपर्टी बेचना चाहते हैं उन्होंने कीमतें भी घटा लीं हैं, इसके बावजूद खरीदार नहीं मिल पा रहे हैं। लग्जरी प्रॉपर्टी के दाम 25% गिरे, सौदों में 51% की भारी कमी दुनियाभर के अरबपतियों की पहली पसंद माने जाने वाले दुबई के लानाई आइलैंड, अरेबियन रैंचेस और पाम जुमेराह आइलैंड्स जैसे इलाकों में प्रॉपर्टी के दाम में 20% की कटौती आम बात हो गई है। निवेशक अपने महंगे विला, पेंटहाउस और लग्जरी अपार्टमेंट्स को 2-4 करोड़ रुपए के डिस्काउंट पर बेचने को तैयार हैं। इससे साफ है कि दुबई का रियल एस्टेट बाजार फिलहाल ठहराव की स्थिति में पहुंच गया है, जहां कीमतों से ज्यादा बड़ी समस्या खरीदारों की कमी है। निवेशकों के लिए यह दौर अनिश्चितता भरा है, क्योंकि उनकी पूंजी कागज पर तो मौजूद है, लेकिन उसे नकदी में बदलना मुश्किल हो गया है। जब तक क्षेत्र में तनाव कम नहीं होता, बाजार में यह सुस्ती बनी रह सकती है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed