Barnala House Lift Accident | Labour Struggle Continues | Punjab viral video
बरनाला में मकान गिरने से 3 लोगों की मौत हुई है।
बरनाला में आज (रविवार) सुबह एक मकान गिरने से 3 लोग उसके मलबे में दब गए। इससे तीनों लोगों की मौत हो गई। ये तीनों मकान में अंदर सोए हुए थे। इन्हें मलबे से निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने इनकी मौत की पुष्टि की।
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मलबा हटाने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन की टीमें पहुंची थीं। उन्होंने जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटवाया। अधिकारियों ने 3 शव बरामद होने के बाद भी कई घंटे तक जेसीबी चलवाई, ताकि यदि कोई और भी मलबे में दबा हो तो उसे भी निकाला जा सके।
बताया जा रहा है कि मकान की नींव धंस जाने के बाद उसे जैक से ऊपर उठाने का काम चल रहा था। जिन लोगों की मौत हुई है, वे इसी काम में लगे हुए थे। ये कुल 4 लोग थे, लेकिन एक व्यक्ति शनिवार शाम को ही घर निकल गया था, जिससे उसकी जान बच गई।
घर गिरने का VIDEO…
सरपंच ने हादसे के बारे में ये जानकारी दी…
- जैक से उठाई जा रही थी बिल्डिंग: यह हादसा बरनाला जिले के फरवाही गांव में हुआ। गांव के सरपंच जगसीर सिंह ने बताया कि हादसा सुबह करीब सवा 4 बजे हुआ है। दिवंगत जीवन कुमार के बेटे विशाल के मकान को जैक की मदद से ऊपर उठाने का काम चल रहा था।
- 3 मजदूर अंदर मौजूद थे: सरपंच ने बताया कि यह काम कई सप्ताह से लगा हुआ है। इसके लिए मोगा के ठेकेदार को ठेका दिया हुआ है। काम में 4 मजदूर लगे हुए थे। ये लोग इस बिल्डिंग में ही काम करने के बाद सोते थे। रविवार को काम की छुट्टी थी, इसलिए इनमें से एक मजदूर अपने घर चला गया था। जबकि, 3 मजदूर घर में मौजूद थे।
- बिल्डिंग के बाहर मौजूद व्यक्ति ने वारदात देखी: सरपंच बताते हैं कि आज सुबह करीब सवा 4 बजे यह बिल्डिंग गिर गई। हादसे के समय बिल्डिंग में काम करने वाले 3 मजदूर सोए हुए थे। वे मलबे में दब गए। हादसे के समय एक व्यक्ति बिल्डिंग के बाहर गली में मौजूद था। उसने यह वारदात देखी।
- गुरुद्वारे से ऐलान कर मदद मांगी गई: उन्होंने बताया- बिल्डिंग गिरने की जोरदार आवाज भी हुई, जिससे आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने तुरंत गुरुद्वारा साहिब में अनाउंसमेंट कर लोगों से मदद मांगी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू का काम शुरू किया।
- डॉक्टर ने तीनों की मौत की पुष्टि की: लोगों ने खुद ही मलबा हटाना शुरू किया और पुलिस को भी सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाने की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने के लिए जेसीबी लगाई, जिसकी मदद से 3 लोगों के शवों को निकाला गया। तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उनकी मौत की पुष्टि की।
दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोग…

सरपंच ने कहा- प्रशासनिक मदद नहीं मिली
सरपंच ने बताया कि पहले पता चला कि मलबे में 4 मजदूर दबे हैं, लेकिन पुष्टि 3 की ही हुई है। चौथा मजदूर कल रात 10 बजे के करीब अपने घर पहुंच गया। इस हिसाब से कोई अब दबा नहीं है। फिर भी हम मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि कोई फंसा न रह जाए।
उन्होंने कहा कि सारे गांव ने मिलकर मलबा हटाया। प्रशासन के कुछ अधिकारी पहुंचे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। हम सरकार से मांग करते हैं कि जिन लोगों की जान गई है, उन्हें मुआवजा दिया जाए। जो मकान का नुकसान हुआ है, उन्हें सीएम फंड से राशि जारी की जाए।

मलबे से निकालकर 3 लोगों को अस्पताल भेजा गया। बूंदाबांदी होने के चलते लोग ऊपर तिरपाल डालकर मलबा हटाने में लगे रहे।
DSP बोले- मोगा के लोग मरम्मत कर रहे थे
इस मामले में बरनाला के DSP सतवीर सिंह ने बताया कि गांव फरवाही में विशाल के घर की मरम्मत मोगा का ठेकेदार रणजीत करवा रहा था। इस मकान की दीवारों में सीवर का पानी घुसने के कारण यह एक तरफ धंस गया था। उसी की मरम्मत के लिए काम चल रहा था।
उन्होंने बताया कि मकान की मरम्मत में 4 युवक बॉबी सिंह, प्रिंस, गुरजीत सिंह और एक अज्ञात लगे हुए थे। ये सभी मोगा के रहने वाले थे। आज सुबह अचानक मकान की दीवार एक तरफ झुक गई और मकान गिर गया। इसमें 3 युवकों की मौत हो गई, जिनके शव सिविल अस्पताल बरनाला में रखवा दिए गए हैं। एक अज्ञात युवक कल रात अपने घर पहुंच गया।

मलबे को खंगालने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे।
विधायक बोले- मुआवजे की मांग रखेंगे
मौके पर पहुंचे बरनाला के विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने बताया मलबे में दबने से 3 लोगों की मौत हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर मृतकों के परिवार को मुआवजा देने की मांग रखेंगे। मकान मालिक को मुआवजा देने की बात करेंगे। अब देखते हैं कि प्रशासन क्या मदद कर सकता है? मैं भी पत्र लिखने जा रहा हूं कि मुआवजा दिया जाए।

मृतक बॉबी की मां ने रोते हुए सरकार से मदद की मांग की।
मृतक की मां बोलीं- ठेकेदार चिट्टा पिलाकर काम करवाता था
एक मृतक की मां चरणजीत कौर ने रोते हुए बताया- मेरे बेटे का नाम बरिंदर सिंह बॉबी था। मेरे एक बेटे की पहले ही मौत हो चुकी है। वह 16 साल का था। मेरे पति भी गुजर चुके हैं। यह मेरा आखिरी बेटा था। मेरी आंखों का तारा था। वह शादीशुदा था। उसके 3 बच्चे हैं। अब मैं अपनी बहू को क्या दिलासा दूंगी?
चरणजीत कौर ने कहा- हम मोगा में दोसांझ तलवंडी के रहने वाले हैं। यहां हमें रणजीत लेकर आया था। वह खुद नशे-पत्ते में लगा था। रणजीत इन लोगों (मदजूरों) को भी चिट्टा पिलाता था। चिट्टा पिलाकर काम लगवाता था। कैप्सूल और गोलियां खिलाकर काम पर लगाया था।
उन्होंने बताया- रणजीत ठेकेदार है। उसने हमें घटना के बारे में एक भी फोन नहीं किया। हमें पंडित ने फोन कर बताया है। हम सरकार से मांग करते हैं, हमारा साथ दो। मैं इन बच्चों को कैसे पालूंगी?