April 1, 2026

She-Box Portal Upgrade | Women Harassment Complaint to Police Station Connect

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नई दिल्ली17 घंटे पहले

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महिलाओं को उत्पीड़न के माहौल से बचाने के लिए केंद्र सरकार तकनीकी निगरानी तंत्र को देश के सभी 17 हजार पुलिस थानों से जोड़ने जा रही है। इसके लिए शी-बॉक्स पोर्टल को अपग्रेड किया जा रहा है।

अभी पोर्टल के जरिए सरकारी और निजी क्षेत्र के दफ्तर जुड़े हैं, जहां काम करने वाली महिलाएं किसी भी तरह के लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत बिना अपनी पहचान बताए पोर्टल पर दर्ज कर सकती हैं।

पोर्टल महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत काम करता है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने भास्कर को बताया कि पोर्टल पर अब घर से ऑफिस तक आने-जाने वाले रास्ते पर होने वाले शोषण, उत्पीड़न और ताने मारने की भी शिकायत दर्ज हो सकेगी।

इसमें बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बस, ट्रेन, मार्केट आदि भी शामिल रहेंगे। इसके लिए पोर्टल को तकनीकी रूप से अपग्रेड किया जा रहा है। अगले एक-दो महीनों में अपग्रेडेशन पूरा हो जाएगा और महिलाओं को सुविधा मिलने लगेगी।

एप भी तैयार हो रहा, ताकि शिकायत में आसानी हो

कार्यस्थलों पर लैंगिक उत्पीड़न रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 2024 में शी-बॉक्स पोर्टल शुरू हुआ था। इसका मकसद ऐसी शिकायतों का रजिस्ट्रेशन और निगरानी करना है। शिकायत के समाधान के लिए क्या उपाय किए गए, इसका विवरण भी पोर्टल पर संबंधित जांच अधिकारी को दर्ज करना पड़ता है। शी-बॉक्स पोर्टल का एप वर्जन भी तैयार हो रहा है, ताकि, महिलाओं को शिकायत दर्ज करने में और आसानी रहे।

अभी ऐसे काम करता है शी-बॉक्स

अभी शी-बॉक्स पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के बाद इसकी जांच संबंधित कंपनी की समिति को POSH एक्ट 2013 के नियमों के तहत करनी होती है। इसमें पीड़िता और आरोपी दोनों पक्षों की सुनवाई होती है। कानूनन इस पूरी जांच प्रक्रिया को 90 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य है, जिसके बाद अगले 60 दिनों में उचित कार्रवाई किया जाना निर्धारित है।

शिकायत करने के लिए प्रोसेस क्या…

  • महिलाओं को रास्ते में होने वाले उत्पीड़न की शिकायत shebox.wcd.gov.in पर करनी होगी।
  • इस पर पीड़िता को नाम, पता, लोकेशन और घटना का संक्षिप्त विवरण देना होगा। रास्ते में जहां छेड़खानी हुई होगी, वहां के संबंधित थाने में पोर्टल से तुरंत शिकायत पहुंचेगी।
  • इसके लिए पोर्टल के मेन सर्वर को शुरुआत में संवेदनशील इलाकों के थानों से जोड़ा जाएगा।
  • थाने में शिकायत पहुंचते ही पुलिस संबंधित रूट के परिवहन स्पॉट, वेटिंग स्टैंड, लोकेशन आदि पर गश्त बढ़ाएगी।
  • एक तरह से पुलिस शिकायत करने वाली महिलाओं के लिए जासूस का काम करेगी। आरोपियों को मौके से ही पकड़ेगी।



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