April 2, 2026

MATRIX Hits 559+ From 200; Historic Jump!

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31 मिनट पहले

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आज मेडिकल फील्ड में करियर बनाना लाखों स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स का सबसे बड़ा ड्रीम बन चुका है। डॉक्टर बनने की जर्नी आसान नहीं होती और इसकी पहली बड़ी सीढ़ी है NEET (National Eligibility cum Entrance Test). हर साल करीब 23 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स सिक्योर फ्यूचर की उम्मीद के साथ इस एंट्रेंस एग्जाम में बैठते हैं।

लेकिन अब यह परीक्षा पहले जैसी नहीं रही। कम्पटीशन लगातार बढ़ रहा है, सिलेबस काफी वास्ट है और मज़बूत कॉन्सेप्ट क्लैरिटी के बिना आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। यह सिर्फ नॉलेज की नहीं, बल्कि कंसिस्टेंसी, फोकस और स्मार्ट स्टडी की भी असली परीक्षा है।

तैयारी का तरीका भी समय के साथ पूरी तरह बदल गया है। आज सिर्फ किताब पढ़ लेना या नोट्स बना लेना काफी नहीं है। रेगुलर प्रैक्टिस, मॉक टेस्ट, डीटेल्ड टेस्ट एनालिसिस, टाइम मैनेजमेंट के साथ-साथ मेंटल स्ट्रेंथ भी उतनी ही जरूरी है।

इसीलिए आज सही गाइडेंस, स्ट्रक्चर्ड एकेडमिक सिस्टम, लगातार परफॉर्मेंस ट्रैकिंग और सही कोचिंग सेलेक्शन NEET में सफलता की सबसे अहम कड़ी बन चुके हैं।

NEET में भी MATRIX का लगातार शानदार प्रदर्शन

MATRIX सीकर, जिसने पिछले 9 वर्षों में JEE परिणामों के माध्यम से सीकर में अपनी एक मजबूत आइडेंटिटी स्थापित करने के पश्चात वर्ष 2022 में अपने NEET DIVISION की शुरुआत कर सफलता की इस परंपरा को कायम रखा है। JEE की तरह रिजल्ट-ओरिएंटेड सिस्टम, स्ट्रक्चर्ड टीचिंग मेथडोलॉजी और स्टूडेंट-सेंट्रिक अप्रोच को आगे बढ़ाते हुए MATRIX NEET DIVISION ने मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी में भी वही कमिटमेंट और क्वालिटी बनाए रखी।

JEE की तरह NEET में भी MATRIX का फोकस हर स्टूडेंट के रिजल्ट पर रहा है। सभी टीचर्स और डायरेक्टर्स को क्लैरिटी है कि परसेंटेज रिजल्ट्स के मामले में MATRIX NEET सबसे ऊपर रहना चाहिए।

जहां कुल सेलेक्शन्स की संख्या इस बात पर निर्भर करती है कि प्रविष्ट स्टूडेंट्स कितने हैं, वहीं असली पहचान परसेंट सक्सेस से बनती है और इसी परसेंट सक्सेस में MATRIX देश में सबसे शिखर पर रिजल्ट दे रहा है।

संपूर्ण देश में जहां नीट की सक्सेस रेट 1–2% है, वहीं MATRIX में यही सक्सेस रेट लगभग 18% के आसपास है, जो अन्य कोचिंग इंस्टिट्यूट्स की सक्सेस रेट के मुकाबले काफी ज्यादा है।

MATRIX NEET DIVISION के पहले ही वर्ष 2023 में लगभग 200 विद्यार्थियों का सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सिलेक्शन हुआ। 2024 में यह संख्या बढ़कर 400+ सीटों तक पहुंची, जहां कई विद्यार्थियों ने 700+ मार्क्स अर्जित कर शानदार प्रदर्शन किया। 2025 में मैट्रिक्स ने नई ऊंचाई स्थापित करते हुए 559+ विद्यार्थियों का सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चयन सुनिश्चित किया, जो अपने आप में एक शानदार सफलता है। इतना ही नहीं, इस बैच के सात विद्यार्थियों ने Top 1000 AIR और 65 विद्यार्थियों ने Top 5000 AIR में स्थान बनाया।

स्थायी फैकल्टी और ‘जीरो इग्नोर पॉलिसी’

मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में MATRIX NEET DIVISION एक स्थापित नाम बन रहा है। यहां की फैकल्टी टीम अनुभवी होने के साथ-साथ ऊर्जावान और स्टूडेंट्स की सफलता के लिए समर्पित मानी जाती है। खास बात यह है कि संस्थान में स्थायी फैकल्टी सिस्टम है, जिससे पढ़ाई का स्तर लगातार बेहतर बना रहता है।

NEET DIVISION में 100 से अधिक टीचर्स की टीम है, जिनमें से 90% के पास 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। लगभग 60% टीचर्स खुद टॉप IITs और NITs से पढ़े हुए हैं। यही वजह है कि ये टीचर्स अच्छे से समझते हैं कि पूरे सेशन में स्टूडेंट्स को किस तरह से स्टेप-बाय-स्टेप तैयार करना है, ताकि एग्जाम के समय तक उनमें पूरा कॉन्फिडेंस आ सके।

यहां साप्ताहिक टेस्ट्स का लेवल भी सोच-समझकर सेट किया जाता है। टेस्ट्स ऐसे बनाए जाते हैं कि स्टूडेंट्स अपनी गलतियों को पकड़ सकें और धीरे-धीरे सुधार करते जाएं। जैसे-जैसे एग्जाम नजदीक आता है, वैसे-वैसे स्टूडेंट्स का आत्मविश्वास भी बढ़ता जाता है और उनमें यह भरोसा बन जाता है कि वो एग्जाम क्रैक कर लेंगे।

MATRIX NEET DIVISION की सफलता के पीछे एक खास वजह इसकी ‘Zero Ignore Policy भी है। यहां एक भी स्टूडेंट को नजरअंदाज नहीं किया जाता। चाहे कोई स्टूडेंट कम नंबर लाने वाला हो या टॉप करने वाला, हर एक पर बराबर ध्यान दिया जाता है।

इसके साथ-साथ सिलेबस भी समय पर पूरा कर लिया जाता है। सिलेबस खत्म होने के बाद स्टूडेंट्स को त्रि-स्तरीय टेस्ट सीरीज प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसमें लगातार रिवीजन कराया जाता है। करीब 70 दिनों तक चलने वाली इस खास प्रक्रिया में स्टूडेंट्स अपनी तैयारी को अंतिम रूप देते हैं और हर टॉपिक को मजबूती से दोहराते हैं।

इसी अप्रोच का नतीजा है कि यहां से निकलने वाला हर बैच मजबूत बनकर निकलता है। स्टूडेंट्स को मिल रही पर्सनल अटेंशन और सही गाइडेंस ही MATRIX को कम समय में एक भरोसेमंद नाम बना रही है।

MATRIX JEE के सिस्टम एंड लर्निंग्स का NEET प्रिपरेशन में समावेश MATRIX की सबसे बड़ी ताकत है।

गौरतलब हो कि अगर केवल क्वेश्चन्स के लेवल की बात करें, तो JEE में क्वेश्चन्स नीट के मुकाबले काफी टफ आते हैं। और यही कारण है कि NEET के स्टूडेंट्स खासकर फिजिक्स को लेकर अक्सर चिंतित रहते हैं।

लेकिन MATRIX NEET DIVISION के स्टूडेंट्स के लिए यही चुनौती एक बड़ा एडवांटेज बन जाती है। MATRIX के 15 साल के JEE एक्सपीरियंस और मजबूत सिस्टम का सीधा बेनिफिट NEET स्टूडेंट्स को मिलता है।

JEE के साथ शानदार को-ऑर्डिनेशन के कारण MATRIX में पढ़ने वाले NEET स्टूडेंट्स के लिए फिजिक्स बाकी इंस्टिट्यूट्स के स्टूडेंट्स के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान हो जाती है।

AI और मशीन लर्निंग(ML) टेक्नोलॉजी से बदल रही है नीट प्रिपरेशन की दिशा

MATRIX में AI और मशीन लर्निंग(ML) के माध्यम से हर स्टूडेंट के परफॉर्मेंस का गहराई से एनालिसिस किया जाता है। इससे स्टूडेंट की स्ट्रेंथ और वीक एरियाज की सटीक पहचान होती है और उसी के अनुसार पर्सनलाइज्ड प्रिपरेशन स्ट्रेटेजी बनाई जाती है, जिससे हर स्टूडेंट को स्मार्ट लर्निंग के साथ बेहतर और फास्ट रिजल्ट हासिल करने में मदद मिलती है।

क्या कहते हैं पेरेन्ट्स

NEET की तैयारी के दौरान परिवारों का सहयोग भी छात्र की प्रगति में बड़ा रोल निभाता है। NEET रैंक होल्डर रही निकिता के पिता बताते हैं कि ‘‘MATRIX ने सिर्फ किताबों की पढ़ाई नहीं करवाई, बल्कि निकिता को यह भी सिखाया कि कैसे सवालों को हैंडल करना है, मुख्य परीक्षा का सामना कैसे करना है और कमजोर चैप्टर्स को कैसे मज़बूत बनाना है। रोजाना टेस्ट और सेल्फ स्टडी के मोडल ने उसका आत्मविश्वास बढ़ाया। आज परिणाम देखकर हम बहुत खुश हैं।’’

NEET AIR 370 प्राप्त छात्र महेश के माता‑पिता कहते हैं कि ‘‘महेश को सिर्फ सिलेबस पूरा करवाने के बजाय MATRIX ने उसे टाइम मैनेजमेंट, कमजोर पॉइंट्स को समझना और टेस्ट‑अनालिसिस के हिसाब से प्रेक्टिस करना सिखाया। इसका असर उसकी रैंकिंग में साफ दिखा।’’

MATRIX NEET DIVISION के डायरेक्टर नरेंद्र कोक (B.Tech, IIT Kharagpur) के अनुसार, ‘‘JEE परिणामों में शेखावाटी को गौरवान्वित करने के बाद संस्थान ने अपने NEET डिवीज़न को और अधिक मॉडर्न व एडवांस्ड बनाया है। कक्षा में पढ़ाए गए टॉपिक्स को उसी शैली में डिजिटल रूप में कन्वर्ट कर MATLab पर अपलोड किया गया है, जिससे छात्र कक्षा के दौरान रह गए डाउट्स को उसी कंटेंट शैली में दोबारा देखकर आसानी से समझ और रिकॉल कर सकें।’’

आख़िर सीकर क्यों बन रहा है देशभर की पहली पसंद

सीकर छोटा शहर होने के बावजूद, यहाँ का अध्ययन माहौल छात्रों को पूरी तरह केंद्रित और अनुशासित बनाता है, जिससे वे देश के किसी भी हिस्से के प्रतियोगियों के बराबर मुकाबला कर पाते हैं।

सिर्फ सीकर के ही नहीं, बल्कि राजस्थान के बाहर के कई छात्र भी यहाँ NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं। बड़े महानगरों के शोर‑शराबे और व्यस्त जीवन की तुलना में, सीकर का माहौल शांत और कम भटकाव वाला है। छात्र आसानी से पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, रोज़ाना अभ्यास कर सकते हैं और सिस्टमेटिक टेस्ट‑सिरीज का पूरा लाभ ले सकते हैं।

स्थानीय फैकल्टी और मेंटर्स हर दिन छात्रों के साथ सीधे जुड़ते हैं, उनके सवाल हल करते हैं और कमजोरियों को सुधारने का मार्गदर्शन देते हैं। सीकर के कई छात्र सरकारी और स्थानीय स्कूलों से आते हैं, जो पहले से ही NCERT-आधारित मजबूत तैयारी देते हैं। इसके साथ ही बाहर से आए छात्र भी यहाँ की तैयारियों और अनुशासित माहौल का लाभ उठाकर अपने प्रदर्शन को बेहतर कर पाते हैं।

परिवार और मित्रों का सहयोग स्टूडेंट्स की निरंतरता और आत्मविश्वास को मजबूत करता है। यही कारण है कि छोटे शहर के ये छात्र NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में संतुलित प्रदर्शन और आत्मविश्वास के साथ उतरते हैं।



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