April 4, 2026

मोतिहारी में जहरीली शराब से 5 की मौत:6 की आंख की रोशनी गई; 7 गंभीर; हत्या का केस दर्ज, SHO सस्पेंड-चौकीदार गिरफ्तार

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बिहार में एकबार फिर जहरीली शराब से मौत हुई है। मोतिहारी में 5 लोगों की जान चली गई, जबकि 15 की हालत गंभीर है। इनमें से 6 की आंखों की रोशनी चली गई है। सभी का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। बीमार लोगों में से 2 की हालत नाजुक बनी हुई है। मामला रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव से शुरू हुआ और अब आसपास के इलाकों में फैल गया है। रघुनाथपुर थाना के बालगंगा के संपत साह ने दोपहर 1 बजे मुजफ्फरपुर के SKMCH में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले सुबह परीक्षण मांझी (46), और हीरालाल भगत की मौत हो गई। जबकि पहली मौत कल सुबह और दूसरी कल गुरुवार रात को हुई। शराबकांड पर एसपी ने कार्रवाई की है। तुरकौलिया SHO उमाशंकर मांझी को सस्पेंड किया गया है, जबकि चौकीदार भरत राय को गिरफ्तार कर लिया है। तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाने में मामले को लेकर हत्या का केस दर्ज कराया गया है। ये केस मृतक प्रमोद यादव और हीरालाल भगत के परिवार की शिकायत पर हुआ है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए शराबबंदी वाले बिहार में लोगों ने कहां शराब पी और कैसे मौतों का सिलसिला शुरू हुआ….. शराब कांड से जुड़ी कुछ तस्वीरें…. गुरुवार रात दूसरी मौत के बाद खुलासा मिली जानकारी के अनुसार, दो अलग-अलग थाना क्षेत्र में बुधवार शाम लोगों ने शराब पी, जिसके बाद तबीयत बिगड़नी शुरू हई। पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह तुरकौलिया थाना क्षेत्र के पुलवा घाट निवासी चंदू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने बिना किसी को सूचना दिए जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। शराब से मौत का खुलासा तब हुआ जब रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा निवासी लोहा ठाकुर की तबीयत बिगड़ी और उनकी आंखों की रोशनी कम होने लगी। परिजन उन्हें इलाज के लिए मदन राज नर्सिंग होम ले गए, जहां लोहा ठाकुर ने बताया कि उन्होंने शराब पी थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आए। शराब पीने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा जाने लगा। इसी दौरान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकर सरैया पंचायत के परसौना गांव निवासी प्रमोद यादव, जो पहले से बीमार थे, की इलाज के दौरान मौत हो गई। अब जानिए क्या कहते हैं पीड़ित और परिजन लक्ष्मीपुर गदरिया के रहने वाले राजेंद्र कुमार ने कल गुरुवार को शराब पी थी। उनका सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया, ‘शराब पीने के तुंरत बाद कुछ नहीं हुआ। घर आया, करीब आधे घंटे बाद देखने में तकलीफ होने लगी। कुछ भी साफ नहीं दिख रहा था, सब हरा-हरा नजर आता है। मैंने ध्यान नहीं दिया और पानी पीकर सो गया। सुबह-सुबह उल्टी हुई, और बेचैनी बढ़ गई।’ इलाजरत लोहा ठाकुर ने कहा, ‘सभी लोग बालगंगा में ही स्प्रिट पी थी। उसके साथ अन्य लोग भी थे। घर आने पर तबीयत बिगड़ी।’ इलाजरत लड्डू साह की बेटी गौरी कुमारी के अनुसार, ‘उसके पिता मोतिहारी में ठेला चलाते हैं। बुधवार दोपहर 3 बजे वे घर आए। कुछ ही देर बाद बुखार और उल्टी होने लगी।’ मृतक चंदू के चाचा हरेंद्र सिंह ने बताया, ‘बुधवार रात दो बजे चंदू को तेज पेट दर्द और उल्टी हुई। दवा दिया गया। लगा कि ठीक हो गया, लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। मौत के बाद आनन-फानन में परिजनों ने उसका गुरुवार सुबह दाह-संस्कार कर दिया।’ अस्पताल में भर्ती रमेश यादव के बेटे एसपी लाल कुमार ने बताया, कल रात हम लोग घर पर नहीं थे। पापा शाम में घूमने निकले थे, वहीं उन्होंने शराब पी ली। आज सुबह जब हम वापस आए तो पापा की तबीयत बिगड़ती हुई दिखी। पूछने पर बताया कि झिंगू बैठा के यहां शराब पी थी। इसके बाद हम उन्हें हॉस्पिटल ले आए। 15 बीमार, 3 की हालत की नाजुक जहरीली शराब से बीमार लोगों में लोहा ठाकुर, लड्डू साह, राहुल कुमार, रविंद्र यादव (35), दिनेश यादव (28), उमेश राम और बालगंगा निवासी संपत साह (30) समेत 15 लोग शामिल हैं। इनमें से तीन की स्थिति गंभीर बनी हुई है और इनका इलाज जारी है। 6 से 7 लोगों के आंखों की रोशनी चली गई है। सदर अस्तपाल में 8 भर्ती सदर अस्पताल के डॉ अनूप गौतम ने कहा, ‘रात से अभी तक 8-9 लोग इलाज के लिए अस्पताल आ चुके हैं। आज सुबह यहां एक मरीज की मौत हुई है। 2 को मैंने रेफर किया है। बीमार में से 2 की आंख की रोशनी में कमी आ गई है। मैंने दवा ली है, अगर कंट्रोल नहीं हुआ तो उन्हें भी रेफर करेंगे। जिसने भी शराब पी है, और तबीयत बिगड़ी है, मैं उनसे कहूंगा कि डरे नहीं और आकर इलाज कराए।’ परिजनों ने दर्ज कराया हत्या का केस मृतक प्रमोद यादव के परिजनों ने तुरकौलिया थाना में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। कांड के मुख्य साजिशकर्ता नागा राय को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं परसौना का चौकीदार भरत राय को निलंबित किया गया । सदर SDPO के नेतृत्व में मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है। साइबर DSP और DIU प्रभारी टीम में शामिल हैं। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर अलग-अलग टीमों का गठन कर शराब तस्करों के खिलाफ छापेमारी की जा रही है। नागा राय के अलावे छह और संदिग्ध तस्करों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। तेजस्वी बोले- बिहार में शराबबंदी फेल मोतिहारी शराबकांड पर तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, ‘4 लोगों की मौत, 6 लोगों की आंखों की रोशनी चले जाना और कई लोगों की हालत गंभीर होना अत्यंत दुखद है। यह बिल्कुल भी पहली बार नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब से 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह तो केवल सरकारी आंकड़ा है, हकीकत में यह संख्या इससे कहीं अधिक है। इतना ही नहीं, कई दर्जन लोग अपनी आंखों की रोशनी भी खो चुके हैं। शराबबंदी कानून का मूल उद्देश्य अब पूरी तरह भटक चुका है। यह कानून सत्ताधारी भाजपा-जदयू के कुछ नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों और उनके संरक्षण में पल रहे शराब माफियाओं और भ्रष्ट तंत्र के लिए कमाई का कमाऊ पूत बन गया है।’ बिहार में 2016 से शराबबंदी लागू है अप्रैल 2016 में नीतीश सरकार ने बिहार में शराबबंदी कर दी। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ हिंसा को कम करना, स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवस्था ठीक करना था। यह पॉलिसी बिहार प्रोहिबिशन एंड एक्साइज एक्ट, 2016 पर आधारित है, जो शराब के उत्पादन, बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाती है। अब जानिए देसी शराब से क्यों होती है मौत देसी शराब में अमोनियम नाइट्रेट (यूरिया) और ऑक्सीटोसिन मिलाने से मेथेनॉल (मिथाइल एल्कोहल) बन जाता है। यही बाद में मौत का कारण बनता है। मेथेनॉल की अधिकता से शराब टॉक्सिक बन जाती है। इसके बाद मेथेनॉल जब शरीर में मेटाबोलाइज होता है तो वो फार्मेल्डिहाइड बनाता है और बाद में फॉर्मिक एसिड बन जाता है, जो कि जहर है। इसके शरीर में जाते ही ब्रेन और आंख सबसे पहले प्रभावित होती हैं। इसके बाद बॉडी के दूसरे ऑर्गन काम करना बंद कर देते हैं और व्यक्ति की मौत हो जाती है। मेथेनॉल की कितनी मात्रा खतरनाक होती है 15 से 500 ML तक की मात्रा लेने पर व्यक्ति की मौत हो जाती है। ऑक्सीटोसिन से नपुंसकता और नर्वस सिस्टम से जुड़ी बीमारियों का खतरा रहता है। आंखों की रोशनी भी जा सकती है।



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