India and Oman Sign CEPA: Comprehensive Economic Partnership Agreement to Boost Trade, Investment and Services Ties | भारत का 98% सामान ओमान में टैक्स फ्री: CEPA डील साइन; नौकरियां बढ़ेंगी, प्रवासियों को वीजा आसान, ज्वेलरी-कपड़े के बिजनेस को बूस्ट
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नई दिल्ली31 मिनट पहले
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भारत ने ओमान के साथ कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) साइन किया है। समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सर्विसेज बढ़ेंगी, भारतीय सामान ओमान में लगभग ड्यूटी फ्री हो जाएंगे साथ ही सर्विसेज और प्रोफेशनल्स के लिए नए दरवाजे खुलेंगे।
FY25 में दोनों देशों का व्यापार 10.613 अरब डॉलर (करीब ₹95,700 करोड़) तक पहुंच गया। अमेरिकी टैरिफ और यूरोपीय यूनियन के कार्बन टैक्स के दबाव के बीच भारत अपने ग्लोबल ट्रेड के दायरे को बढ़ा रहा है।
CEPA से आम आदमी को क्या मिलेगा
- नौकरियां और कमाई बढ़ेगी: कपड़ा, जूते, ज्वेलरी, कृषि जैसे क्षेत्रों में निर्यात बढ़ेगा। इससे ग्रामीण कारीगरों, महिलाओं और छोटे उद्यमियों को ज्यादा रोजगार और आय मिलेगी।
- प्रवासी भारतीयों को आसानी: ओमान में डॉक्टर, इंजीनियर जैसे पेशेवरों के लिए वीजा और रहने की सुविधा बढ़ेगी। ज्यादा लोग काम कर सकेंगे, रेमिटेंस बढ़ेगा और परिवार की कमाई मजबूत होगी।
- हेल्थ सेक्टर में अवसर: आयुष, योग और पारंपरिक चिकित्सा के लिए नए मौके। हेल्थ से जुड़े छोटे व्यवसायियों और डॉक्टर्स को फायदा, मेडिकल टूरिज्म बढ़ेगा।
- MSME और छोटे बिजनेस को बूस्ट: छोटे-मध्यम उद्योगों को ओमान के बाजार में ज्यादा जगह मिलेगा। सेवाओं में 100% FDI से निवेश बढ़ेगा, लोकल लेवल पर नौकरियां पैदा होंगी।
- सामान सस्ता और अर्थव्यवस्था मजबूत: ड्यूटी फ्री निर्यात से भारतीय उत्पाद सस्ते बिकेंगे। कुल व्यापार बढ़ने से महंगाई पर कंट्रोल और इनडायरेक्ट रूप से आम आदमी को राहत मिलेगी।

98.08% टैरिफ लाइन्स पर जीरो ड्यूटी एक्सेस
भारत-ओमान CEPA में ओमान ने अपनी 98.08% टैरिफ लाइन्स पर जीरो ड्यूटी एक्सेस दिया है, जो भारत के 99.38% निर्यात वैल्यू को कवर करता है। मतलब, संख्या में 98.08% कैटेगरीज पर ड्यूटी खत्म, लेकिन वैल्यू के लिहाज से यह भारत के ज्यादातर एक्सपोर्ट्स को ड्यूटी-फ्री कर देता है।
इससे टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स, प्लास्टिक, फर्नीचर, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स, फार्मा, मेडिकल डिवाइसेज और ऑटोमोबाइल्स जैसे सेक्टर्स को फायदा होगा।
डेयरी, गोल्ड-सिल्वर जैसे प्रोडक्ट्स डील से बाहर
वहीं, भारत की तरफ से 77.79% टैरिफ लाइन्स पर ढील दी है, जो ओमान के 94.81% इम्पोर्ट को कवर करता है। लेकिन डेयरी, चॉकलेट्स, गोल्ड, सिल्वर, ज्वेलरी, फुटवियर जैसे संवेदनशील प्रोडक्ट्स को इस डील से बाहर रखा गया है, ताकि घरेलू किसान और MSMEs को नुकसान न हो।
सर्विसेज में ओमान ने पहली बार 127 सब-सेक्टर्स में वादा किए हैं। जैसे कंप्यूटर सर्विसेज, बिजनेस एंड प्रोफेशनल सर्विसेज, एजुकेशन, हेल्थ और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D)। भारतीय कंपनियों को प्रमुख सर्विस सेक्टर्स में 100% FDI की परमिशन मिलेगी। साथ ही भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए वीजा और स्टे की सुविधाएं बढ़ेंगी।

कॉमर्स मिनिस्टर बोले- सदियों पुरानी दोस्ती का वॉटरशेड मोमेंट
कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने इसे दोनों देशों की सदियों पुरानी दोस्ती का वॉटरशेड मोमेंट बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय एक्सपोर्टर्स और प्रोफेशनल्स के लिए बड़े मौके खोलेगा, साथ ही ओमान की विजन 2040 को सपोर्ट करेगा।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के फाउंडर अजय श्रीवास्तव बोले- टैरिफ खत्म होने से भारतीय इंडस्ट्रियल एक्सपोर्ट्स की कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी, लेकिन ओमान का मार्केट छोटा है (जनसंख्या 50 लाख, GDP 10.40 लाख करोड़), इसलिए क्वालिटी बढ़ाने और प्रोडक्ट रेज को बढ़ाने पर काम करना होगा। 6000 जॉइंट वेंचर्स के साथ यह समझौता जियोपॉलिटिक्स और मिडिल ईस्ट में भारत की उपस्थिति को मजबूत करेगा।
