Offer Bhog Online, Devotees Can Offer to Lord Mahakal
उज्जैन8 मिनट पहले
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श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधा शुरू होने जा रही है। मंदिर के अन्न क्षेत्र में दान अब ऑनलाइन किया जा रहा है। दान देने वाले भक्तों को भोग आरती में भगवान महाकाल को भोग लगाने का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था संभवतः अगले सोमवार से शुरू हो सकती है।
मंदिर समिति की सहायक प्रशासक सिम्मी यादव के मुताबिक, अन्न क्षेत्र पूरी तरह दान से संचालित होता है। यहां रोजाना दो शिफ्ट में करीब 9 हजार श्रद्धालु भोजन प्रसादी ग्रहण करते हैं। अधिक से अधिक भक्तों को जोड़ने के लिए दान प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है।
श्रद्धालु महाकाल मंदिर की ऑफिशियल वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in के जरिए घर बैठे दान कर सकेंगे। दोनों समय की भोजन प्रसादी के लिए 1 लाख 10 हजार रुपए, एक समय के लिए 51 हजार रुपए और मीठे प्रसाद के लिए 21 हजार रुपए दान निर्धारित है।

भगवान महाकालेश्वर को रोजाना सुबह 10 बजे भोग अर्पित किया जाता है। इस दौरान भोग आरती भी की जाती है।
किसी भी तारीख के लिए पहले बुकिंग कर सकेंगे
अब तक यह सुविधा ऑफलाइन थी, जिसमें श्रद्धालुओं को अन्न क्षेत्र पहुंचकर दान करना पड़ता था। नई व्यवस्था में भक्त साल के 365 दिन किसी भी तारीख के लिए पहले से बुकिंग कर सकेंगे। जन्मदिन, मैरिज एनिवर्सरी या अन्य शुभ अवसरों पर भी भोजन प्रसादी का आयोजन कराया जा सकेगा।
दानदाताओं को मिलेगा भोग लगाने का अवसर
दानदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत दान करने वाले श्रद्धालुओं को भोग आरती के दौरान मंदिर ले जाया जाएगा और उनके हाथों से भगवान महाकाल को भोग अर्पित कराया जाएगा।
मंदिर समिति का मानना है कि इस पहल से अधिक श्रद्धालु अन्न क्षेत्र सेवा से जुड़ेंगे और भक्तों को नया आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा।

दान करने वाले श्रद्धालुओं को भोग आरती के दौरान मंदिर ले जाया जाएगा।
भोग में रोटी, दाल-चावल और दो तरह की सब्जियां
भगवान महाकालेश्वर को रोजाना सुबह 10 बजे भोग अर्पित किया जाता है। थाली में गेहूं की रोटी, दाल-चावल और दो तरह की सब्जियां रहती हैं। कई बार श्रद्धालु अपनी ओर से मिठाई अर्पित करते हैं, उसे भी भोग थाली में शामिल किया जाता है।
यहां आरती और भगवान महाकाल को भोग लगाने के बाद अन्नक्षेत्र में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाता है।
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उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में अब आप संध्या और शयन आरती में तभी शामिल हो सकेंगे, जब आपके पास 250 रुपए का पास होगा। मंदिर समिति ने भस्म आरती की तर्ज पर इन आरतियों के दर्शन की नई व्यवस्था शुरू की है। इससे समिति को रोजाना 6 लाख रुपए की अतिरिक्त आय होगी। पढ़ें पूरी खबर…
