Prateek Yadav Story Explained; BJP Aparna Yadav | Pulmonary Embolism
अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार को लखनऊ में निधन हो गया। 38 साल की उम्र में उनके जाने की खबर से लोग हैरान रह गए। उनकी पूरी जिंदगी उतार-चढ़ाव और उलझनों से भरी रही। 3 साल के थे, तभी माता-पिता का तलाक हो गया। फिर मां साधना ने मुलायम सिंह य
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कभी पत्नी से विवाद, तो कभी प्रॉपर्टी को लेकर सुर्खियों में रहे। प्रतीक हमेशा चमक-दमक से दूर रहे। सार्वजनिक जगहों पर वे बहुत कम ही नजर आते थे। अपनी बात कहना हो तो सोशल मीडिया को ही जरिया बनाते थे। धीरे-धीरे उन्होंने दोस्तों से भी दूरी बना ली थी।
प्रतीक पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। फेफड़ों की इस बीमारी को जानलेवा माना जाता है, लेकिन इसकी जानकारी सिर्फ परिवार तक ही सीमित थी। कहा जाए तो उनकी पूरी जिंदगी रहस्यों में घिरी रही। चलिए, लग्ज़री कारों और बॉडी बिल्डिंग के शौकीन प्रतीक यादव की कहानी पढ़ते हैं…
पहले प्रतीक की 3 तस्वीरें…

प्रतीक को लग्जरी गाड़ियों का शौक था। उनके पास लैंबोर्गिनी और पोर्शे जैसी गाड़ियां थीं।

प्रतीक यादव फिटनेस को लेकर काफी सजग थे। वे न सिर्फ खुद बॉडी बिल्डर थे, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करते थे।

तस्वीर में प्रतीक, पत्नी और दोनों बेटियों के साथ दिख रहे हैं।
बचपन में पिता ने छोड़ा, फिर मां ने मुलायम से शादी की
7 जुलाई 1987। फर्रुखाबाद के व्यवसायी चंद्रप्रकाश गुप्ता के घर प्रतीक का जन्म हुआ। मां साधना नर्स थीं। लेकिन एक साल बाद ही पिता चंद्रप्रकाश गुप्ता ने उनकी मां को छोड़ दिया। तीन साल बाद, यानी 1990 में, दोनों का तलाक हो गया। बहुत कम उम्र में प्रतीक की दुनिया सिर्फ मां तक सिमट गई। उस वक्त साधना सैफई मेडिकल कॉलेज में तैनात थीं।
एक बार मुलायम की मां मूर्ति देवी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। मेडिकल कॉलेज में एक नर्स मूर्ति देवी को गलत इंजेक्शन लगाने जा रही थी। उस समय साधना वहां मौजूद थीं और उन्होंने नर्स को ऐसा करने से रोक दिया। साधना की वजह से ही मूर्ति देवी की जान बची थी। मुलायम इससे काफी प्रभावित हुए और दोनों के बीच रिश्ता शुरू हो गया।
2007 में साधना ने मुलायम सिंह यादव से शादी कर ली। इसके बाद प्रतीक को मुलायम ने अपना लिया। 2007 में मुलायम ने अपने खिलाफ चल रहे आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक शपथपत्र दिया। इसमें लिखा था- मैं स्वीकार करता हूं कि साधना गुप्ता मेरी पत्नी हैं और प्रतीक मेरा बेटा है। चार साल पहले साधना गुप्ता का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।

ये तस्वीर मई 2019 की है। तब मुलायम अपने नए घर में शिफ्ट होने वाले थे। ये उसी घर के पूजा के वक्त तस्वीर है। तस्वीर में साधना और अपर्णा दोनों हैं।
ब्रिटेन से MBA, राजनीति नहीं कारोबार चुना प्रतीक यादव की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीकॉम किया। उच्च शिक्षा के लिए वे ब्रिटेन चले गए और यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से एमबीए किया। पढ़ाई पूरी कर जब वे भारत लौटे, तो पिता चाहते थे कि वह राजनीति में कदम रखें। लेकिन प्रतीक ने राजनीति की राह नहीं चुनी और रियल एस्टेट में अपनी किस्मत आजमाने लगे।

तस्वीर पिछले साल नंवबर की है। जब प्रतीक, पत्नी अपर्णा और बच्चों के साथ सैफई (इटावा) में एक शादी में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
अपर्णा से बर्थडे पार्टी में मिले, लव-मैरिज की
प्रतीक और अपर्णा यादव की लव स्टोरी काफी चर्चित रही। दोनों स्कूल के दिनों से दोस्त थे। एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में दोनों की मुलाकात हुई, जहां ई-मेल आईडी एक्सचेंज होने से दोस्ती की शुरुआत हुई। यह दोस्ती कब 8–10 साल की रिलेशनशिप में बदल गई, पता ही नहीं चला।
2011 में दोनों की सैफई में शाही अंदाज में शादी हुई, जिसमें अमिताभ बच्चन जैसे बड़े मेहमान शामिल हुए। प्रतीक और अपर्णा की एक बेटी है, जिसका नाम प्रथमा है। अपर्णा शुरू में समाजवादी पार्टी से जुड़ी रहीं। उन्होंने 2017 में लखनऊ कैंट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। 2022 में अपर्णा ने भाजपा जॉइन कर ली और पिछले साल उन्हें यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष बनाया गया।

प्रतीक पशु प्रेमी थी। वे ‘जीव आश्रय फाउंडेशन’ नाम की एक एनजीओ भी चलाते थे।
पिता ने चैलेंज दिया, तो जिम का शौक चढ़ा
एक बार प्रतीक यादव का वजन 103 किलो हो गया था। पिता मुलायम सिंह ने उन्हें देखा तो कहा- वजन कम करो, तो तुम्हें बड़ा इनाम देंगे। प्रतीक ने पिता का चैलेंज स्वीकार किया और वजन घटाने के लिए जिम जाना शुरू किया।
उन्होंने अपना वजन 36 किलो तक घटा लिया। यहीं से उन्हें जिम का शौक चढ़ गया। इसके बाद उन्होंने गोमतीनगर में एक जिम भी खोल लिया और बॉडी बिल्डिंग करने लगे। रियल एस्टेट बिजनेस और जिम से पैसा आने पर उन्हें लग्जरी कारों का भी शौक हो गया।
उन्होंने लैंबोर्गिनी और पोर्शे जैसी गाड़ियां खरीदीं। वे ‘जीव आश्रय फाउंडेशन’ नाम की एक एनजीओ भी चलाते थे, जो पशु कल्याण और बेघर लोगों की मदद जैसे सामाजिक कार्यों पर फोकस करती थी।

पत्नी और कारोबार की वजह से सुर्खियों में रहे
तलाक का ऐलान कर चौंका दिया था, 9 दिन बाद सुलह हुई: प्रतीक यादव ने 19 जनवरी को अचानक पत्नी अपर्णा से तलाक लेने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा था- अपर्णा ने मेरी जिंदगी नरक बना दी। हालांकि, 9 दिन बाद दोनों के बीच सुलह हो गई। इंस्टाग्राम पर प्रतीक ने अपर्णा के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- “All is good यानी सब अच्छा है। चैंपियन वो होते हैं, जो अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल समस्याओं को खत्म कर देते हैं। हम चैंपियंस का परिवार हैं।”
रियल एस्टेट कारोबारी पर कराई थी 5 करोड़ की रंगदारी मांगने की FIR: प्रतीक रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े हुए थे। बीते कुछ दिनों में ऐसे कई विवाद सामने आए, जिनमें सीधे तौर पर प्रतीक शामिल रहे। इन्हीं में से एक मामला रियल एस्टेट कारोबारी कृष्णानंद पांडेय के खिलाफ गौतमपल्ली थाने में दर्ज कराई गई FIR का था। इसमें पांच करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया था।
कृष्णानंद पांडेय कभी प्रतीक के पार्टनर रहे थे। प्रतीक के साले चंद्रशेखर सिंह बिष्ट उर्फ अमन बिष्ट के साथ अलग-अलग कंपनियों में डायरेक्टर भी रहे। प्रतीक के ज्यादातर कारोबार अपर्णा के भाई चंद्रशेखर सिंह बिष्ट के नाम पर बनाई गई कंपनियों के माध्यम से चलते थे।चंद्रशेखर ने 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद 17 कंपनियां रजिस्टर कराईं।
इनमें 12 जुलाई 2012 से लेकर 29 अप्रैल 2016 तक कुल 16 कंपनियों में उन्हें डायरेक्टर या डिज़िग्नेटेड डायरेक्टर नियुक्त किया गया। एक अन्य कंपनी में 1 मई 2018 को वे बतौर डायरेक्टर नियुक्त हुए। इनमें से ज्यादातर कंपनियां रियल एस्टेट से जुड़े कारोबार के तौर पर रजिस्टर थीं।
आखिरी में प्रतीक की पत्नी अपर्णा के बारे में जानिए
- अपर्णा का परिवार मूल रूप से उत्तराखंड का रहने वाला है। नाम अपर्णा बिष्ट था। शादी के बाद अपर्णा बिष्ट यादव रख लिया। अपर्णा के पिता जर्नलिस्ट थे, बाद में राज्य सूचना आयुक्त बने। जबकि मां अम्बी बिष्ट लखनऊ विकास प्राधिकरण में संपत्ति अधिकारी रहीं हैं। अब माता-पिता दोनों रिटायर हो चुके हैं।
- अपर्णा का जन्म 1 जनवरी 1990 को हुआ था। उनकी स्कूली पढ़ाई लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट से हुई। अपर्णा ने 2017 सपा के टिकट पर लखनऊ में विधानसभा चुनाव लड़ा। हालांकि, वह भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी से हार गईं थीं। 2022 में सपा ने अपर्णा को टिकट नहीं दिया तो अपर्णा सपा छोड़ BJP में शामिल हो गईं।
- अपर्णा 2022 विधानसभा चुनाव में लखनऊ की सरोजिनी नगर सीट से भाजपा का टिकट भी मांग रही थीं, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। बाद में 2024-25 में महिला आयोग की उपाध्यक्ष बनाया। अपर्णा मुलायम परिवार की पहली शख्स थीं, जो कि सपा छोड़कर भाजपा में गईं।
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समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 38 साल थी। सुबह 6 बजे पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पढ़ें पूरी खबर