March 27, 2026

India Bangladesh High Commission Protest Photos; Hindu Murder | Dhaka Delhi | बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारत में वीजा सर्विस रोकी: सुरक्षा का हवाला दिया; कहा- हादी हत्याकांड के आरोपी के भारत भागने की जानकारी नहीं

0
bangladesh1_1766421336.gif


नई दिल्ली/ढाका2 दिन पहले

  • कॉपी लिंक

बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारत में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने सभी वीजा और काउंसलर सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह रोक अगले आदेश तक लागू रहेगी। इससे पहले अगरतला में बांग्लादेश कॉन्सुलेट भी वीजा सर्विस पर रोक लगा चुका है। यह फैसला शनिवार को हाई कमीशन के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद लिया गया।

दूसरी तरफ बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने भी यह साफ किया कि इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के आरोपी ने भारत में शरण ली है।

गृह मंत्रालय के IG रफीकुल इस्लाम ने बताया कि मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हादी की मौत के बाद आरोपी के भारत में शरण लेने का दावा किया जा रहा था।

हादी को 12 दिसंबर को गोली मारी गई थी, 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी

हादी को 12 दिसंबर को गोली मारी गई थी, 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी

कल भारत ने भी चटगांव में वीजा सर्विस रोकी थी

रविवार को भारत ने सुरक्षा हालात को देखते हुए चटगांव स्थित अपने असिस्टेंट हाई कमीशन में वीजा सर्विसेज को बंद कर दिया था। यह फैसला भारत विरोधी प्रदर्शनों के बाद लिया गया था।

चटगांव में भीड़ ने गुरुवार को भारतीय असिस्टेंट हाई कमिश्नर के आवास के पास पहुंच गई और पथराव भी किया। इसके अलावा खुलना, राजशाही और ढाका में भी भारतीय दफ्तरों के बाहर बड़े पैमाने पर भारत विरोधी नारे लगाए गए थे।

भारतीय वीजा आवेदन सेंटर ने कहा है कि 21 दिसंबर से अगली सूचना तक वहां वीजा का काम नहीं होगा।

भारतीय वीजा आवेदन सेंटर ने कहा है कि 21 दिसंबर से अगली सूचना तक वहां वीजा का काम नहीं होगा।

2 दिन पहले बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन हुआ

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या के विरोध में शनिवार रात को दिल्ली में बांग्लादेश हाई-कमीशन के बाहर प्रदर्शन हुआ था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया कि यह प्रदर्शन बेहद छोटा और शांतिपूर्ण था। इससे बांग्लादेश उच्चायोग की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं था।

उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर बांग्लादेश के कुछ मीडिया संस्थानों में भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। हकीकत यह है कि प्रदर्शन में सिर्फ 20 से 25 युवा शामिल थे।

बांग्लादेश ने भारत के इस बयान को खारिज करते हुए कहा है कि स्थिति इससे कहीं ज्यादा गंभीर थी। ढाका ने कहा कि इस घटना को भ्रामक प्रचार कहना ठीक नहीं है।

बांग्लादेश हाई-कमीशन के बाहर प्रदर्शन का वीडियो

बांग्लादेश बोला- भारत ने मामले को हल्का बताया

बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार एम. तौहीद हुसैन ने रविवार को कहा कि भारत ने इस घटना को जरूरत से ज्यादा हल्का बनाकर पेश किया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि 25–30 लोगों का समूह इतने सुरक्षित कूटनीतिक क्षेत्र तक कैसे पहुंच गया। उनका कहना था कि सामान्य परिस्थितियों में ऐसा संभव नहीं होना चाहिए था, जब तक कि उन्हें वहां तक पहुंचने की अनुमति न दी गई हो।

तौहीद हुसैन ने यह भी कहा कि प्रदर्शन में सिर्फ हत्या के विरोध तक ही सीमित नारे नहीं लगे, बल्कि अन्य बयान भी दिए गए। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेशी मीडिया में छपी खबरें भ्रामक नहीं थीं और काफी हद तक सही थीं।

हसीना बोलीं- यूनुस ने भारत विरोधियों को बढ़ावा दिया

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश में बढ़ रहे भारत विरोधी माहौल को लेकर अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ANI को ईमेल इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यह दुश्मनी आम लोगों की नहीं बल्कि उन कट्टरपंथी ताकतों की देन है, जिन्हें यूनुस सरकार ने हौसला दिया है।

शेख हसीना ने कहा- यह नफरत चरमपंथी फैला रहे हैं। यही लोग भारतीय दूतावास तक मार्च करते हैं, मीडिया दफ्तरों पर हमला करते हैं, अल्पसंख्यकों पर हमला करते हैं और जिन्होंने मुझे और मेरे परिवार को जान बचाकर देश छोड़ने पर मजबूर किया।

उन्होंने कहा कि भारत को अपने राजनयिकों और दूतावासों की सुरक्षा को लेकर जो चिंता है, वह बिल्कुल सही है। आज यूनुस ने कट्टरपंथी लोगों को सत्ता के पदों पर बैठा दिया है और सजा पाए आतंकियों को जेल से रिहा कर दिया है।

हसीना ने कहा कि एक जिम्मेदार सरकार का काम होता है कि वह दूतावासों की सुरक्षा करे और उन्हें धमकाने वालों पर कार्रवाई करे। लेकिन इसके बजाय यूनुस ऐसे उपद्रवियों को छूट दे रहे हैं और उन्हें योद्धा कह रहे हैं।

बांग्लादेशी हिंदू बोले- कलावा पहनने पर विदेशी एजेंट कहा जाता है

बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के खिलाफ ढाका के नेशनल प्रेस क्लब के सामने हिंदू संगठनों और अल्पसंख्यक समूहों ने विरोध प्रदर्शन किया।

लोगों ने यह भी बताया कि सिर्फ धार्मिक पहचान की वजह से अल्पसंख्यकों को परेशान किया जा रहा है। हिंदुओं को कलावा पहनने पर शक की नजर से देखा जा रहा है और उन्हें विदेशी एजेंट तक कहा जा रहा है। ऐसे माहौल में अल्पसंख्यक डर में जी रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बांग्लादेश में हालात लगातार खराब हो रहे हैं। उनका दावा है कि इस साल जनवरी से अब तक 50 से ज्यादा गैर-मुस्लिमों की हत्या हो चुकी है और कई लोगों पर ईशनिंदा के झूठे मामले दर्ज किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि दिसंबर, जिसे पाकिस्तान के खिलाफ जीत और गर्व का महीना माना जाता है, उसी महीने में अब तक 5 अल्पसंख्यकों की जान जा चुकी है।

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन करते अल्पसंख्यक संगठन के लोग।

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन करते अल्पसंख्यक संगठन के लोग।

लोग बोले- दीपू पर झूठा आरोप लगाकर हत्या की

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि दीपू निर्दोष था। उस पर झूठा आरोप लगाया गया कि उसने ईशनिंदा की है। इसके बाद कट्टरपंथियों ने उसे बुरी तरह पीटा, पेड़ से लटका दिया और फिर जिंदा जला दिया।

दीपू की हत्या सिर्फ एक इंसान की हत्या नहीं है, बल्कि पूरे अल्पसंख्यक समुदाय के लिए डर का संदेश है। यह घटना पूरे देश में बढ़ रही धार्मिक हिंसा की सच्चाई दिखाती है।

लोगों ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद न तो सरकार की ओर से कोई ठोस बयान आया और न ही किसी बड़े नेता ने खुलकर इसकी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया ने भी इस मामले को उतनी जगह नहीं दी, जितनी मिलनी चाहिए थी।

दावा किया जा रहा था कि मृतक दीपू चंद्र दास ने फेसबुक पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी की थी। लेकिन अब जांच में ऐसी किसी टिप्पणी के सबूत नहीं मिले हैं।

बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन के कंपनी कमांडर मोहम्मद शम्सुज्जमान ने बांग्लादेशी अखबार ‘द डेली स्टार’ को बताया कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह कहा जा सके कि दास ने फेसबुक पर कुछ ऐसा लिखा था जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती थीं। दीपू के हत्या के मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

बांग्लादेश की राजधानी ढाका के नजदीक भालुका में प्रदर्शनकारियों ने हिंदू युवक को पीट-पीटकर मार डाला।

बांग्लादेश की राजधानी ढाका के नजदीक भालुका में प्रदर्शनकारियों ने हिंदू युवक को पीट-पीटकर मार डाला।

सहकर्मियों को भी ईशनिंदा की जानकारी नहीं

हमले में मारे गए 25 साल के दीपू चंद्र दास ढाका के नजदीक भालुका में एक कपड़ा कारखाने में काम करते थे। इसी कारखाने की बाहर उनकी हत्या की गई थी।

शम्सुज्जमान ने बताया कि स्थानीय लोगों और कपड़ा कारखाने में दास के साथ काम करने वालों से भी ईशनिंदा करने से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली है।

उन्होंने बताया कि ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं मिला है जिसने दावा किया हो कि उसने स्वयं ईशनिंदा जैसा कुछ ऐसा सुना या देखा है जिससे धर्म को ठेस पहुंची हो।

बीबीसी बांग्ला की रिपोर्ट के मुताबिक, दास के शव को नग्न करके एक पेड़ से लटका कर आग लगा दी थी। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें लोग ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाते दिख रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने युवक के शव को नग्न करके पेड़ से लटकाकर आग लगा दी।

प्रदर्शनकारियों ने युवक के शव को नग्न करके पेड़ से लटकाकर आग लगा दी।

हिंदू रिक्शा चालक से मारपीट, कलावा पहना था

बांग्लादेश के पश्चिमी जिले झेनाइदह में शुक्रवार को एक हिंदू रिक्शा चालक के साथ भीड़ ने मारपीट की। आरोप है कि उसके हाथ में कलावा देखकर लोगों ने उसे निशाना बनाया।

पीड़ित की पहचान गोविंदा बिस्वास के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर यह अफवाह फैल गई कि वह भारत की खुफिया एजेंसी रॉ (R&AW) से जुड़ा है। इसके बाद भीड़ तेजी से बढ़ी और उसे पीटना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि हमले में कुछ स्थानीय मौलवी भी शामिल थे।

घटना झेनाइदह के मेट्रोपॉलिटन ऑफिस के पास हुई। बाद में पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने ले आई। उसका रिक्शा बाद में अलग पुलिस टीम ने बरामद किया।

झेनाइदह सदर थाना प्रभारी एमडी शमसुल अरेफिन ने बताया कि भीड़ के बीच फंसने के कारण पीड़ित को तुरंत हटाना जरूरी था। अधिकारियों के मुताबिक, पीड़ित की मां के थाने पहुंचने के बाद उसे सुरक्षित छोड़ दिया गया।

—————

यह खबर भी पढ़ें…

बांग्लादेशी गौतस्करों ने BSF जवान का अपहरण किया:घनी धुंध का फायदा उठाकर ले गए; जवान बेद प्रकाश सुरक्षित, BGB को सौंपा

भारत-बांग्लादेश सीमा पर शनिवार तड़के कुछ बांग्लादेशी गौतस्करों ने एक BSF जवान का अपहरण कर लिया। गौतस्कर घनी धुंध का फायदा उठाकर जवान को साथ ले गए। हालांकि बाद में बदमाशों ने जवान को बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (BGB) के हवाले कर दिया।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *