Uttarakhand’s Hidden Gems: 5 Offbeat Destinations for New Year’s | उत्तराखंड में शांति और अध्यात्म की खोज में टूरिस्ट: न्यू ईयर पर ये 5 जगहें आपको आएंगी पसंद, जानिए यहां क्या खास और कैसे पहुंचे – Dehradun News
उत्तराखंड के टूरिज्म का ट्रेंड बदल रहा है। मसूरी, हरिद्वार और ऋषिकेश तक सीमित टूरिज्म अब ऊंचे दर्रों, ट्रेकिंग रूट्स और ऑफ-बीट चोटियों की ओर शिफ्ट हो रहा है। खासतौर पर टूरिस्ट शांति, अध्यात्म और नेचुरल ब्यूटी की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं।
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न्यू ईयर पर पहाड़ों में घूमने के शौकीनों के लिए ‘दैनिक भास्कर एप’ आपको उत्तराखंड के 5 ऐसे टॉप टूरिस्ट डेस्टिनेशन की जानकारी दे रहा है, जहां शहरों जैसी भीड़भाड़ नहीं है। बल्कि यहां टूरिस्ट प्रकृति की गोद में एंजॉय कर सकते हैं। खासकर विंटर टूरिज्म के लिए यह हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं। यहां रोड कनेक्टिविटी की वजह से भी टूरिस्ट अट्रैक्ट हो रहे हैं।
ये 5 टूरिस्ट डेस्टिनेशन कौसानी, नैनीताल जिले में मुक्तेश्वर, चकराता, आर्मी कैंटोनमेंट एरिया लैंसडाउन और मसूरी के नजदीक धनौल्टी हैं। ये ऐसे टूरिस्ट स्पॉट हैं, जहां आपको साफ-सफाई के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का भरपूर आनंद मिलेगा। इन टूरिस्ट डेस्टिनेशन के बारे में जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट…
कौसानी
उत्तराखंड के कुमाऊं रीजन में बागेश्वर जिले में स्थित कौसानी एक शांत, ऊंचा और दर्शनीय हिल स्टेशन है।
समुद्र तर से 1890 मीटर की ऊंचाई।
उत्तराखंड के कुमाऊं रीजन में बागेश्वर जिले में स्थित।
यह एक शांत, ऊंचा और दर्शनीय हिल स्टेशन है।
1929 में महात्मा गांधी ने विजिट किया, “अनासक्ति योग” किताब लिखी।
क्या क्या देख सकते हैं
नंदा देवी, त्रिशूल, पंचाचूली की मनोरम चोटियां।
दूर तक फैले चाय के हरे बागान।
सुमित्रा-नंदन पंत संग्रहालय, रुद्र-धारी फाल्स।
12वीं सदी का बैजनाथ मंदिर।
ठहरने की व्यवस्था
यहां तमाम होटल और होम स्टे हैं। जहां आप किफायती दामों पर ठहर सकते हैं।
टूरिस्टों की कमी के कारण आसानी से कमरे मिल जाते हैं।
कैसे पहुंचे
निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम है। जहां से इसकी दूरी 132 किमी. है।
नजदीकी एयरपोर्ट पंतनगर है, जो कौसानी से 162 किलोमीटर दूर स्थित है।
दिल्ली से सीधी बसें चलती हैं, देहरादून से भी टैक्सी और बसें उपलब्ध हैं।
मुक्तेश्वर
समुद्रतल से 2286 मीटर ऊंचाई पर स्थित।
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित एक खूबसूरत हिल स्टेशन।
शांत प्राकृतिक सुंदरता और घने देवदार के जंगलों के लिए जाना जाता है।
क्या क्या देख सकते हैं
प्राचीन मुक्तेश्वर महादेव मंदिर।
धानाचुली, ब्रह्मेश्वर मंदिर।
चौली की जाली पर्यटकों को पसंद आती है।
ठहरने की व्यवस्था
मुक्तेश्वर में होटल, रिसॉर्ट्स, होमस्टे और बजट गेस्ट हाउस शामिल हैं।
कमरे और होम स्टे हर सीजन आसानी से मिल जाते हैं।
कैसे पहुंचे
निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर है। यहां से मुक्तेश्वर की दूरी लगभग 94 किलोमीटर।
नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है। जहां से मुक्तेश्वर की दूरी 62 किलोमीटर।
दिल्ली से सीधी बसें, देहरादून से भी टैक्सी और बसें उपलब्ध।
चकराता
- उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित चकराता एक शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन है।
- समुद्रतल से 2118 मीटर की ऊंचाई पर बसा, घने देवदार और ओक के जंगलों से घिरा है।
- प्रकृति प्रेमियों, ट्रेकर्स और बैकपैकर्स के लिए एक ऑफबीट डेस्टिनेशन।
- ब्रिटिश काल में यह एक सैन्य छावनी क्षेत्र रहा है, जिस वजह से यहां आज भी कुछ प्रतिबंध लागू हैं।
- जौनसारी जनजाति की अनोखी संस्कृति और पारंपरिक गांव देखने को मिलते हैं।
क्या-क्या देख सकते हैं
- टाइगर फॉल्स – उत्तराखंड के सबसे ऊंचे झरनों में से एक
- बुधेर गुफाएं – रहस्यमयी और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए पसंदीदा
- चिलमिरी नेक – हिमालय और आसपास की घाटियों का शानदार व्यू पॉइंट
- लाखामंडल – महाभारत से जुड़ा प्राचीन धार्मिक स्थल
ठहरने की व्यवस्था
- यहां बजट-फ्रेंडली होमस्टे, रिसॉर्ट्स और कैम्पिंग साइट्स मिल जाती हैं।
- ज्यादातर जगहों पर वाई-फाई, पार्किंग और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
- कम भीड़ होने की वजह से ज्यादातर सीजन में कमरे आसानी से मिल जाते हैं।
कैसे पहुंचे
- निकटतम एयरपोर्ट: जॉलीग्रांट (देहरादून), दूरी लगभग 113 किमी
- नजदीकी रेलवे स्टेशन: देहरादून, दूरी करीब 87 किमी
- देहरादून से टैक्सी और बसें आसानी से उपलब्ध
- नई दिल्ली से चकराता के लिए सीधी लग्जरी बसें भी चलती हैं
लैंसडाउन
- उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में पौड़ी जिले में स्थित एक शांत, साफ-सुथरा हिल स्टेशन।
- समुद्र तल से 1700 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह स्थान गढ़वाल राइफल्स का गढ़ माना जाता है।
- ब्रिटिश काल में छावनी क्षेत्र बनाया गया, अनुशासन, शांति और सुव्यवस्थित सड़कें देखने को मिलती हैं।
- प्राकृतिक सुंदरता, सैन्य इतिहास और आध्यात्मिक स्थलों का अनोखा मेल देखने को मिलता है।
- घने देवदार के जंगल, हरे-भरे पहाड़ और सुकून भरा माहौल इसे खास बनाता है।
क्या-क्या देख सकते हैं
- गढ़वाल राइफल्स वॉर मेमोरियल और रेजिमेंट म्यूजियम
- भुल्ला ताल – मानव निर्मित झील, जहां नौका विहार की सुविधा
- टिप-एन-टॉप (टिप-इन-टॉप) – ट्रेकिंग और सनसेट के लिए लोकप्रिय स्थल
- सेंट मैरी चर्च और सेंट जॉन चर्च
- ताड़केश्वर महादेव मंदिर – एकांत और शांत धार्मिक स्थल
- आसपास के देवदार वन और प्राकृतिक ट्रेल्स
ठहरने की व्यवस्था
होटल, रिसॉर्ट्स, कॉटेज और होमस्टे के कई विकल्प उपलब्ध हैं।
यहां गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) का गेस्ट हाउस भी हैं।
शहर से थोड़ा दूर शांत इलाकों में भी आरामदायक ठहराव की सुविधाएं मिल जाती हैं।
पर्यटक अपनी जरूरत और बजट के अनुसार आसानी से विकल्प चुन सकते हैं।
कैसे पहुंचे
- सड़क मार्ग: NH-119 से जुड़ा, दिल्ली से दूरी करीब 248 किमी
- नजदीकी रेलवे स्टेशन: कोटद्वार, दूरी लगभग 40 किमी
- निकटतम एयरपोर्ट: जॉलीग्रांट (देहरादून), दूरी करीब 148 किमी
- कोटद्वार और देहरादून से टैक्सी और बसें आसानी से उपलब्ध
धनौल्टी
- मसूरी से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित एक शांत और भीड़-भाड़ से दूर हिल स्टेशन है।
- देवदार और ओक के घने जंगल, ठंडी हवाएं और हरे-भरे ढलान इसकी पहचान हैं।
- हिमालय के मनोरम दृश्य, सुकून भरा माहौल और कम भीड़ इसे खास बनाती है।
- दिसंबर से फरवरी के बीच बर्फबारी देखने को मिलती है।
क्या-क्या देख सकते हैं
- इको पार्क – बच्चों और परिवारों के लिए झूले, ट्री-हाउस और वॉकिंग ट्रेल्स
- सुरकंडा देवी मंदिर – शक्तिपीठ, ट्रेकिंग के साथ 360-डिग्री हिमालयी व्यू
- दशावतार मंदिर और देवगढ़ किला – इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वालों के लिए
- हिमालय के विहंगम दृश्य और देवदार के जंगल
- ट्रेकिंग ट्रेल्स और नेचर वॉक
एडवेंचर और एक्टिविटीज
- जिपलाइनिंग और स्काई वॉक
- रैपलिंग और माउंटेन बाइकिंग
- कैंपिंग और ATV राइड्स
- सर्दियों में बर्फबारी का आनंद
ठहरने की व्यवस्था
- कॉटेज, रिसॉर्ट्स, होमस्टे और बजट होटल के कई विकल्प उपलब्ध हैं।
- यहां हर बजट और पसंद के अनुसार ठहरने की सुविधाएं मिल जाती हैं।
- ज्यादातर प्रॉपर्टीज प्राकृतिक नजारों से घिरी हुई हैं और ऑनलाइन बुकिंग भी उपलब्ध है।
कैसे पहुंचे
- निकटतम एयरपोर्ट: जॉलीग्रांट (देहरादून), दूरी लगभग 83 किमी
- नजदीकी रेलवे स्टेशन: देहरादून, दूरी करीब 60 किमी
- देहरादून से मसूरी रोड के रास्ते धनौल्टी जाना सबसे सुविधाजनक
- देहरादून और मसूरी से नियमित बसें और टैक्सी उपलब्ध