March 26, 2026

Hindu worker murdered in Bangladesh factory | बांग्लादेश में 12 दिन में तीसरे हिंदू की हत्या: कपड़ा फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी कर रहा था, साथी स्टाफ ने गोली मारी

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ढाका2 मिनट पहले

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बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में एक कपड़ा फैक्ट्री के अंदर हिंदू कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बीते दो हफ्तों में इलाके में यह तीसरी हत्या है।

घटना सोमवार शाम करीब 6:45 बजे भालुका उपजिला की सुलताना स्वेटर्स लिमिटेड फैक्ट्री में हुई। मृतक की पहचान बजेंद्र बिस्वास (42) के रूप में हुई है, जो फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड था। आरोपी नोमान मिया (29) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों फैक्ट्री में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। बातचीत के दौरान नोमान मिया ने मजाक में या लापरवाही से बजेंद्र पर सरकारी शॉटगन तान दी। कुछ ही देर में बंदूक चल गई और गोली बजेंद्र की बाईं जांघ में लगी, जिससे उसकी मौत हो गई।

बजेंद्र कोगंभीर हालत में भालुका उपजिला स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बजेंद्र कोगंभीर हालत में भालुका उपजिला स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

12 दिन में तीसरे हिंदू की हत्या बांग्लादेश में यह पिछले 12 दिन में तीसरे हिंदू की हत्या हुई है। इससे पहले 24 दिसंबर बुधवार रात 11:00 बजे हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना राजबाड़ी जिले के होसेनडांगा गांव में हुई। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान 29 वर्षीय अमृत मंडल उर्फ सम्राट के तौर पर हुई।

पुलिस ने बताया कि अमृत को भीड़ ने जबरन वसूली के आरोप में मार डाला। वह होसेनडांगा गांव का ही निवासी था। पुलिस ने बताया कि अमृत के खिलाफ पांगशा पुलिस स्टेशन में दो मामले दर्ज हैं। इनमें एक हत्या का मामला भी शामिल है।

इससे पहले 18 दिसंबर को ढाका के पास हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ ने हत्या कर दी थी। बाद में उसे पेड़ पर लटकाकर जला दिया था।

एक वीडियो में दिख रहा है कि भीड़ ने दीपु चंद्र की डेडबॉडी में आग लगा दी। आसपास मौजूद लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे।

एक वीडियो में दिख रहा है कि भीड़ ने दीपु चंद्र की डेडबॉडी में आग लगा दी। आसपास मौजूद लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे।

दीपू दास की ईशनिंदा के झूठे आरोप में हत्या

बांग्लादेश में 18 दिसंबर की देर रात हुई हिंसा से जुड़े एक मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। इस हिंसा में एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की जान चली गई थी। अब जांच में यह बात सामने आई है कि जिस दावे के आधार पर भीड़ ने हमला किया था, उसके कोई सबूत नहीं मिले हैं।

दरअसल, सोशल मीडिया पर यह आरोप लगाया जा रहा था कि दीपू चंद्र दास ने फेसबुक पर ऐसी टिप्पणी की थी, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। लेकिन जांच एजेंसियों का कहना है कि अब तक ऐसी किसी भी पोस्ट या टिप्पणी के प्रमाण नहीं मिले हैं।

बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) के कंपनी कमांडर मोहम्मद शम्सुज्जमान ने बांग्लादेशी अखबार ‘द डेली स्टार’ को बताया कि जांच में यह साबित करने वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि दीपू दास ने फेसबुक पर कोई आपत्तिजनक या धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला कंटेंट डाला था।

इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सुरक्षा एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अफवाह किसने और कैसे फैलाई, जिसके बाद हालात हिंसक हो गए।

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