March 26, 2026

Former Surendranagar Collector In ED Custody In Rs 1500 Crore Land Scam Case | गुजरात में सुरेंद्रनगर के पूर्व कलेक्टर अरेस्ट: 1500 करोड़ की जमीन घोटाले का मामला, डिप्टी तहसीलदार के साथ मिलकर लिए थे 1 करोड़

0
1_1767345533.gif


  • Hindi News
  • National
  • Former Surendranagar Collector In ED Custody In Rs 1500 Crore Land Scam Case

सुरेंद्रनगर18 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने गुजरात में गुजरात में सुरेंद्रनगर के तत्कालीन कलेक्टर राजेंद्र पटेल को अरेस्ट किया है। गिरफ्तारी का यह मामला 1500 करोड़ रुपए की जमीन घोटाले से जुड़ा हुआ है। शुक्रवार को ईडी की तीन टीमें गांधीनगर स्थित राजेंद्र पटेल के आवास पर पहुंचीं, जहां पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

ईडी की टीम ने 20 व 21 दिसंबर को सुरेंद्रनगर जिले में छापेमारी की थी। इसमें सुरेंद्रनगर के कलेक्टर राजेंद्र पटेल के अलावा उनके पीए जयराजसिंह झाला, डिप्टी तहसीलदार चंद्रसिंह मोरी और क्लर्क मयूरसिंह गोहिल के घर पर छापा मारा था।

डिप्टी तहसीलदार के घर से मिले थे 60 लाख कैश छापेमारी के दौरान मोरी के घर से 60 लाख से अधिक का कैश भी जब्त किया गया था। यह कैश उनके बेडरूम में छिपाकर रखा गया था। रुपए मिलने के बाद मोरी को अरेस्ट कर लिया गया था। इसके बाद 23 दिसंबर को पीएमएलए की धारा 17 के तहत दर्ज अपने बयान में मोरी ने माना था कि जब्त किया गया कैश रिश्वत का पैसा है, जो आवेदकों से सीधे या बिचौलियों के जरिए लिया गया था।

डिप्टी मामलतदार चंद्रसिंह मोरी को 23 दिसंबर को ईडी की विशेष अदालत में पेश किया गया था।

डिप्टी मामलतदार चंद्रसिंह मोरी को 23 दिसंबर को ईडी की विशेष अदालत में पेश किया गया था।

1 करोड़ रुपए की रिश्वत ली गई थी एसीबी में दर्ज शिकायत में यह भी लिखा गया है कि चंद्रसिंह मोरी ने 1 करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी। इसमें कलेक्टर राजेंद्र पटेल, क्लर्क मयूर गोहिल और पीए जयराजसिंह झाला भी शामिल थे। जांच में यह भी पता चला कि रकम देने वाले दलालों के नाम एक सादे कागज पर लिखे हुए थे। इसके बाद राजेंद्र पटेल का गांधीनगर तबादला कर उनकी सेवाएं गुजरात एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (जीडीए) के अधीन कर दी गई थीं।

1500 करोड़ रुपए की जमीन का घोटाला डिप्टी तहसीलदार मोरी को सौराष्ट्र घरखेड़ टेनेंसी सेटलमेंट एंड एग्रीकल्चरल लैंड्स ऑर्डिनेंस, 1949 के तहत CLU (भूमि उपयोग में बदलाव) आवेदनों के टाइटल वेरिफिकेशन और प्रोसेसिंग का काम सौंपा गया था। लेकिन, मोरी ने अपनी पॉवर का दुरुपयोग किया।

मोरी ने थान के विद इलाके में 1500 करोड़ रुपए कीमत की 3600 बीघा से अधिक जमीन की फाइल को जल्दी मंजूरी दिलाने के आवेदनों से रिश्वत ली। ED ने कहा कि रिश्वत की रकम प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से तय की गई थी। ईडी की जांच में पता चला है कि विद इस जमीन के सर्वे नंबर में कई नाम जोड़े गए थे सर्वे में नाम जोड़ने के लिए रिश्वत ली जा रही थी। ईडी की जांच में सर्वे में जोड़े गए कई नामों का खुलासा हो सकता है।

सुरेंद्रनगर के पूर्व कलेक्टर राजेंद्र पटेल।

सुरेंद्रनगर के पूर्व कलेक्टर राजेंद्र पटेल।

फाइलें घर ले जाते थे कलेक्टर इसके बाद ईडी ने सुरेंद्रनगर कलेक्टर राजेंद्र पटेल के घर पर भी छापेमारी की थी। इसमें पता चला था कि कलेक्टर इसी जमीन से जुड़ी फाइलें घर ले जाते थे। उनके बंगले से ऐसी 100 फाइलें जब्त की गईं थीं। राजेंद्र पटेल के नाम पर 5 करोड़ से अधिक की संपत्ति होने की बात भी सामने आई है।

कौन हैं डॉ. राजेंद्र कुमार पटेल? 2015 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार पटेल गुजरात के अहमदाबाद जिले के रहने वाले हैं। 23 अगस्त, 1985 को जन्में राजेंद्र कुमार ने 7 सितंबर, 2015 सिविल सेवा ज्वाइन की थी। सरकार ने पटेल को इसी साल चार फरवरी को सुरेंद्रनगर का कलेक्टर नियुक्त किया था। राजेंद्र कुमार पटेल ने बीडीएस करने के साथ पब्लिक पॉलिसी में एमए किया है।

———————-

गुजरात से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

भागकर शादी करने पर गुजरात में बन सकता है कानून:कानून मंत्री और उपमुख्यमंत्री कर रहे समीक्षा

गांधीनगर में बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक हुई। प्रेम विवाह के पंजीकरण के कानून के बारे में सवाल पूछते हुए प्रवक्ता मंत्री जीतू वघानी ने कहा कि सरकार भागकर शादी करने पर कानून बनाने पर विचार कर रही है। जिसकी समीक्षा कानून मंत्री और उपमुख्यमंत्री कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

गुजरात की GIFT सिटी में आईकार्ड से मिलेगी शराब:अब परमिट लेना जरूरी नहीं, होटल, क्लब, रेस्टोरेंट में वाइन एंड डाइन सुविधा रहेगी

गुजरात सरकार ने गांधीनगर स्थित गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिटी (गिफ्ट सिटी) में शराब पीने के नियमों में एक और बदलाव किया है। पहले गिफ्ट सिटी में शराब पीने के लिए पर्यटकों और गुजरात के बाहर के लोगों के लिए एक अस्थायी परमिट लेना अनिवार्य था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *