March 26, 2026

US F16 fighter jet crashes | अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश: जमीन से टकराते ही आग लगी, कुछ सेकेंड पहले पायलट सुरक्षित निकला

0
gifmagicsite-2025-12-04t081452218_1764815798.gif


वॉशिंगटन डीसी7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
अधिकारियों के मुताबिक 6 थंडरबर्ड्स जेट ट्रेनिंग के लिए उड़े थे, लेकिन सिर्फ पांच ही वापस लौटे। - Dainik Bhaskar

अधिकारियों के मुताबिक 6 थंडरबर्ड्स जेट ट्रेनिंग के लिए उड़े थे, लेकिन सिर्फ पांच ही वापस लौटे।

अमेरिका में गुरुवार को US एयरफोर्स के थंडरबर्ड्स स्क्वाड्रन का एक F-16 लड़ाकू विमान क्रैश हो गया। हादसे से कुछ सेकेंड पहले पायलट ने सुरक्षित बाहर निकल गया था, जिससे उसकी जान बच गई।

यह घटना लोकल टाइम के मुताबिक सुबह करीब 10:45 बजे एक दूर-दराज के रेगिस्तानी इलाके में हुई, जो डेथ वैली के दक्षिण में स्थित है।

सोशल मीडिया पर आए वीडियो में देखा गया कि विमान तेजी से नीचे गिर रहा था और पायलट पैराशूट के सहारे बाहर निकल आया। जमीन से टकराते ही विमान में बड़ा धमाका हुआ और काला धुआं आसमान में भर गया।

पायलट को मामूली चोटें, अस्पताल में भर्ती

थंडरबर्ड्स टीम ने बताया ट्रेनिंग मिशन के दौरान पायलट ने सफलतापूर्वक इजेक्ट किया। पायलट को मामूली चोटें आईं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

लोकल फायर विभाग ने बताया कि घटनास्थल पर सिर्फ पायलट मौजूद था और आग से आसपास के इलाके को कोई खतरा नहीं है।

F-16 अमेरिका का शक्तिशाली फाइटर जेट है, जिसे 1970 के दशक में जनरल डायनामिक्स ने बनाया था। अब इसे अमेरिकी डिफेंस कंपनी लॉकहीड मार्टिन बनाती है। पाकिस्तान समेत 25 से ज्यादा देश F-16 इस्तेमाल करते हैं।

क्रैश का कारण अभी साफ नहीं

अधिकारियों के मुताबिक सुबह 6 थंडरबर्ड्स जेट ट्रेनिंग के लिए उड़े थे, लेकिन सिर्फ पांच ही वापस लौटे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक विमान चाइना लेक नेवल एयर वेपन्स स्टेशन के पास गिरा।

यह रीजन मिलिट्री ट्रेनिंग के लिए अक्सर इस्तेमाल किया जाता है। थंडरबर्ड्स के एयर शो और ट्रेनिंग मिशन में F-16 फाइटिंग फाल्कन खास रोल निभाता है।

एयरफोर्स की 57th विंग पब्लिक अफेयर्स ऑफिस के मुताबिक हादसे की जांच जारी है और क्रैश साइट की जांच पूरी होने के बाद और जानकारी शेयर की जाएगी।

F-16 की रेंज 4220 km तक

F-16 ने 2 फरवरी 1974 को पहली बार उड़ान भरी थी। इसे 21 जुलाई 1980 को “फाइटिंग फाल्कन” का नाम दिया गया था। साल 1976 से अब तक 4,600 से भी ज्यादा F-16 जेट अलग-अलग देशों के लिए बनाए जा चुके हैं।

F-16 की स्पीड 2414 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसकी रेंज 4220 किलोमीटर तक है। इसमें एडवांस रडार सिस्टम है। साथ ही ये एडवांस हथियार से लैस होता है।

ये फाइटर जेट हवा से हवा में मारने में सक्षम है। ये एक मिनट में करीब 50 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। F-16 चौथी जनरेशन का लड़ाकू विमान है। ये खराब मौसम में भी उड़ान भर सकता है।

भारत को F-16 बेचना चाहता है अमेरिका

अमेरिका साल 2000 से F-16 जेट्स भारत को बेचने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत ने इन्हें खरीदने से इनकार कर दिया। इस एक वजह है पाकिस्तान में इनकी मौजूदगी।

दरअसल, 1980 के दशक से यह लड़ाकू विमान पाकिस्तान के पास है। अमेरिका और पाकिस्तान की इस डील से भारत नाखुश है। इसलिए आज तक भारत ने अमेरिका से F-16 फाइटर जेट नहीं लिया है।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *