March 26, 2026

Income Tax Return Filing Rules 2025; Late Fees | ITR Notice | लेट फीस के साथ 31 दिसंबर तक फाइल करें ITR: ऐसा न करने पर नोटिस भेज सकता है इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, जानें क्या हैं नियम

0
555160326498517493568581751264902_1764834490.jpg


नई दिल्ली42 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अगर आपने अभी तक वित्त वर्ष 2024-25 का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं किया है तो लेट फीस के साथ 31 दिसंबर 2025 फाइल कर सकते हैं। यानी इसके लिए आपके पास 1 महीने से भी कम का समय बचा है। इसके बाद आप रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे, जिससे नोटिस आने के साथ ही जुर्माना सहित अन्य कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

यदि आप 5 लाख से कम इनकम का बिलेटेड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं तो आपको 1,000 रुपए लेट फीस देनी होगी। वहीं, 5 लाख या उससे अधिक की इनकम पर 5,000 रुपए की लेट फीस देनी होगी। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बिना किसी लेट फीस के ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर थी।

बिलेटेड टैक्स रिटर्न क्या होता है? अगर आप अपनी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) नॉर्मल ड्यू डेट (यानी 31 जुलाई या 31 अगस्त, जो भी लागू हो) के बाद फाइल करते हो, तो उसे बिलेटेड रिटर्न कहते हैं। सरल भाषा में समय पर ITR नहीं भरी, बाद में भरा तो ये बिलेटेड रिटर्न कहलाता है।

अगर 31 दिसंबर के बाद ITR फाइल करने पर आपका रिफंड (वापस मिलने वाला टैक्स) क्लेम नहीं होगा, चाहे कितना भी रिफंड बनता हो, वो सरकार के पास चला जाएगा।

चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आनंद जैन से रिटर्न भरने की प्रोसेस 4 स्टेप में जानें…

1. सभी कागजात तैयार रखें

  • सैलरी, टीडीएस की जानकारी के लिए के लिए फॉर्म 16। कितना टैक्स जमा किया और कितना बाकी है इसके लिए फॉर्म 26AS और एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS)।
  • बैंक स्टेटमेंट, ब्याज प्रमाण पत्र के अलावा एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी जैसे इन्वेस्टमेंट प्रूफ। घर/मकान लोन की डिटेल। किराए की रसीद, कैपिटल गेन की जानकारी।

2. सही आईटीआर फॉर्म चुनें

  • ITR-1 : यदि आय सैलरी, एक मकान और ब्याज से है। आय ₹50 लाख से कम है।
  • ITR-2: अगर आय वेतन व पेंशन से है। एक से अधिक घर है या कैपिटल गेन है।
  • ITR-3: अगर आय बिजनेस या प्रोफेशन से है।
  • ITR-4: प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत रिटर्न फाइल कर रहे है।

3. ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग

  • इनकम टैक्स वेबसाइट (incometax.gov) पर लॉगिन करें।
  • ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपना पैन और पासवर्ड डालें।
  • आय के हिसाब से सही फॉर्म चुनकर जानकारी भरें।
  • टैक्स कैलकुलेट करें। यदि एक्सट्रा टैक्स देना है तो ऑनलाइन पेमेंट करें।

4. आईटीआर वेरिफिकेशन

  • रिटर्न फाइल करने के बाद 30 दिन के अंदर ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी।
  • वेरिफिकेशन के लिए – आधार OTP, नेट बैंकिंग, डीमैट अकाउंट जैसे ऑप्शन।

रिटर्न में गलत जानकारी देने से बचें कई टैक्सपेयर गलत डिडक्शन जैसे – LIC, मेडिक्लेम, हाउस लोन इंटरेस्ट और चंदे की गलत जानकारी देकर टैक्स बचाते हैं। लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आज के समय में AI के जरिए रिटर्न का डेटा एनालिसिस करता है। गलत जानकारी देने से नोटिस आ सकता है। ऐसे में रिटर्न फाइल करते समय चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या टैक्स एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *