Bharat Coking Coal’s IPO will open today. | भारत कोकिंग कोल का IPO आज से खुलेगा: 50% प्रीमियम के संकेत, प्राइस बैंड ₹21 से ₹23 प्रति शेयर; निवेश से पहले जानें जरूरी डिटेल्स
मुंबई36 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

भारत कोकिंग कोल (BCCL) का आईपीओ आज 9 जनवरी से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। ये नए साल का पहला बड़ा पब्लिक ऑफर है। ये कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी है।
ग्रे मार्केट में यह शेयर अपने इश्यू प्राइस से 50% ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो इसकी मजबूत लिस्टिंग के संकेत दे रहा है। ये कंपनी स्टील सेक्टर के लिए जरूरी ‘कोकिंग कोल’ बनाती है।
प्राइस बैंड ₹21-23 तय, कोल इंडिया शेयर बेचेगी
यह पूरा आईपीओ ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) है, यानी इसके जरिए मिलने वाला पैसा सीधे प्रमोटर कंपनी कोल इंडिया के पास जाएगा। कंपनी ने इसका प्राइस बैंड ₹21 से ₹23 प्रति शेयर तय किया है। निवेशक कम से कम 600 शेयरों के एक लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए ऊपरी स्तर पर ₹13,800 निवेश करने होंगे। यह इश्यू 13 जनवरी तक खुला रहेगा।

IPO सब्सक्रिप्शन का तरीका
अगर आप फोनपे, गूगल-पे या पेटीएम इस्तेमाल करते हैं और आपके पास पहले से जिरोधा, ग्रो जैसे ब्रोकर के पास डिमैट अकाउंट है तो ये आसानी से हो जाएगा। एप में जाएं और ‘BCCL IPO’ सर्च करें। डिटेल्स भरें और UPI आईडी डालकर पेमेंट अप्रूव कर दें।
IPO में शेयरों का अलॉटमेंट कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ के जरिए होता है, जिसमें आवेदन करने वाले सभी निवेशकों के नाम रैंडम तरीके से चुने जाते हैं। अगर IPO ओवरसब्सक्राइब होता है, तो सबको शेयर मिलना मुमकिन नहीं होता। इसलिए कुछ ही लोगों को शेयर अलॉट होते हैं।
सरकारी कंपनी होने के बावजूद भी कुछ रिस्क
- यह ‘ऑफर फॉर सेल’ है। यानी आप जो पैसा लगाएंगे, वह कोल इंडिया के पास जाएगा, कंपनी के पास बिजनेस बढ़ाने के लिए नहीं। वहीं सरकारी कंपनियों का प्रदर्शन सरकारी नीतियों और ग्लोबल बाजार में कोयले की कीमतों पर निर्भर करता है।
- कंपनी का कामकाज कुछ खास भौगोलिक क्षेत्रों (झरिया और रानीगंज) तक ही सीमित है। ऐसे में वहां किसी भी तरह की पर्यावरणीय या रेगुलेटरी रुकावट आने पर उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। इसका कंपनी पर निगेटिव असर हो सकता है

BCCL एक सरकारी कंपनी है और स्टील बनाने में इस्तेमाल होने वाले खास कोयले को बनाती है।
ग्रे मार्केट में 50% प्रीमियम, बड़े मुनाफे की उम्मीद
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अनऑफिशियल मार्केट (ग्रे मार्केट) में शेयर ₹11-12 के प्रीमियम पर चल रहा है। अगर यह ट्रेंड बना रहता है, तो निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही करीब 50% का मुनाफा हो सकता है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि GMP केवल बाजार की धारणा बताता है और यह ग्लोबल मार्केट की स्थितियों के हिसाब से बदल भी सकता है। लिस्टिंग के बाद इस कंपनी में कोल इंडिया की हिस्सेदारी घटकर 90% रह जाएगी।
लिस्टिंग गेन के लिए पैसा लगा सकते हैं निवेशक
आनंद राठी रिसर्च ने इस आईपीओ को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की बाजार में मजबूत पकड़ और स्टील इंडस्ट्री में इसकी उपयोगिता को देखते हुए लिस्टिंग पर अच्छे मुनाफे की संभावना है। हालांकि, लंबी अवधि में निवेशकों को थोड़ा संभलकर चलना चाहिए क्योंकि कोकिंग कोल की कीमतें ग्लोबल मार्केट के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है।
कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा, कर्ज मुक्त है बैलेंस शीट
फाइनेंशियल मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन स्थिर रहा है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹13,803 करोड़ और मुनाफा ₹1,564 करोड़ रहा। कंपनी की सबसे बड़ी मजबूती यह है कि यह पूरी तरह कर्ज मुक्त (Debt-Free) है और इसके पास भारी कैश फ्लो है।
देश का 58% कोकिंग कोल अकेले बनाती है BCCL
वित्त वर्ष 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, BCCL की घरेलू उत्पादन में हिस्सेदारी 58.50% है। 1 अप्रैल 2024 तक कंपनी के पास करीब 7,910 मिलियन टन कोयले का भंडार था। कंपनी मुख्य रूप से स्टील और पावर सेक्टर के लिए कोयला तैयार करती है।
कंपनी ने 2021 से ‘हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी’ (HEMM) का इस्तेमाल बढ़ाकर अपनी क्षमता में इजाफा किया है। वर्तमान में कंपनी 34 खदानों का संचालन कर रही है। कंपनी झरिया और रानीगंज कोलफील्ड के कुल 288.31 वर्ग किलोमीटर के लीज एरिया में फैली हुई है।
क्या होता है कोकिंग कोल और क्यों है इसकी डिमांड?
आम कोयले का इस्तेमाल ज्यादातर बिजली बनाने में होता है, लेकिन कोकिंग कोल का इस्तेमाल स्टील बनाने की भट्ठियों में किया जाता है। भारत अपनी जरूरत का काफी कोकिंग कोल आयात करता है, ऐसे में BCCL जैसी घरेलू कंपनी की भूमिका बहुत अहम हो जाती है।