March 27, 2026

Palghar Marathi Notification Row | Congress Alleges Gujarati Language Imposition

0
55_1768923587.jpg


  • Hindi News
  • National
  • Palghar Marathi Notification Row | Congress Alleges Gujarati Language Imposition

मुंबई/पालघर17 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
महाराष्ट्र–गुजरात सीमा पर स्थित अच्छड़ में लगे बैनर को लेकर विवाद हुआ। - Dainik Bhaskar

महाराष्ट्र–गुजरात सीमा पर स्थित अच्छड़ में लगे बैनर को लेकर विवाद हुआ।

महाराष्ट्र के पालघर जिले में प्रशासन के गुजराती भाषा में जारी किए नोटिफिकेशन को लेकर विवाद हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्य में गुजराती भाषा थोपी जा रही है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) ने इसे गंभीर मुद्दा बताया।

नोटिफिकेशन पालघर के कलेक्टर ने 19 और 20 जनवरी को जिले में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के मोर्चे को देखते हुए जारी किया था। एहतियात के तौर पर इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्सों में वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी।

मंगलवार रात पालघर पुलिस ने स्पष्ट किया कि स्थानीय पुलिस ने गुजराती में कोई अलग ट्रैफिक नोटिस जारी नहीं किया था। उन्होंने बताया कि मूल मराठी नोटिफिकेशन का अनुवाद गुजरात के वलसाड पुलिस ने किया था।

इसी के अनुसार वलसाड जिले में मुंबई–अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैनर लगाए गए थे और ऐसा ही एक बैनर महाराष्ट्र–गुजरात सीमा पर स्थित अच्छड़ में भी वलसाड पुलिस ने लगाया था।

अधिकारियों ने साफ किया कि मराठी भाषा का किसी भी तरह से अपमान या उसे कमजोर करने का कोई इरादा नहीं था, क्योंकि वाहनों की आवाजाही रोकने का मूल आदेश मराठी में ही जारी किया गया था।

कांग्रेस बोली- ये तो बस शुरूआत

नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने गुजराती नोटिफिकेशन को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, यह तो बस शुरुआत है। पालघर से गुजराती थोपने की कोशिश की जा रही है। अगर भाजपा को मुंबई के मेयर का पद मिल गया, तो साफ हो जाएगा कि शहर किनके इशारों पर चलेगा।

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इस मामले पर CM देवेंद्र फडणवीस से स्पष्टीकरण की मांग की। उन्होंने कहा, सभी राजनीतिक दलों को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए। क्या पालघर महाराष्ट्र का हिस्सा है या फिर बुलेट ट्रेन या वाधवन बंदरगाह के नाम पर इसे पड़ोसी राज्य में जोड़ दिया गया है?

प्रशासन ने कहा- गुजरात के अधिकारियों ने बैनर लगाया

  • पालघर जिला कलेक्टरेट के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कोई भ्रम की स्थिति नहीं है और न ही मराठी भाषा का अपमान हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोकने का मूल आदेश मराठी में ही जारी किया गया था।
  • मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग से गुजरने वाले बड़ी संख्या में वाहन चालक गुजरात से आते हैं, इसलिए उन्हें भी ट्रैफिक प्रतिबंधों की जानकारी देना जरूरी था।
  • गुजरात से आने वाले वाहन चालकों की सुविधा के लिए गुजरात की ओर के अधिकारियों ने आदेश का गुजराती में अनुवाद कर सीमा के गांवों में प्रदर्शित किया। इसी वजह से यह गलतफहमी पैदा हुई।

नोटिफिकेशन में वाहनों के प्रवेश पर रोक की जानकारी

पालघर ग्रामीण पुलिस ने बताया कि 16 जनवरी को जिला कलेक्टर कार्यालय ने मराठी भाषा में नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें मोर्चे के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए गुजरात की ओर से पालघर, घोड़बंदर, ठाणे, मुंबई और नवी मुंबई की तरफ आने वाले सभी हल्के और भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी।

पुलिस ने इस मराठी नोटिफिकेशन की एक प्रति वलसाड पुलिस को भेजी थी ताकि गुजरात से महाराष्ट्र में प्रवेश करने वाले वाहन चालकों को सही जानकारी दी जा सके।

पालघर पुलिस के अनुसार, मराठी आदेश के आधार पर वलसाड पुलिस ने ट्रैफिक नियंत्रण से जुड़ी जानकारी का गुजराती में अनुवाद कर बैनर, पोस्टर और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार किया, जिससे यह विवाद हुआ।

ये खबर भी पढ़ें: असम में भीड़ ने घरों-चौकी में आग लगाई, हाइवे जाम:कोकराझार में इंटरनेट बंद; देर रात मॉब लिंचिंग में एक की मौत हुई थी

असम के कोकराझार में बोडो समुदाय और आदिवासियों के बीच झड़प हो गई। इसके बाद दोनों समुदायों ने घरों और करिगांव पुलिस चौकी में आग लगा दी।भीड़ ने टायरों में आग लगाकर करिगांव के पास नेशनल हाइवे जाम कर दिया। पढे़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *