March 27, 2026

अल्ट्राटेक सीमेंट का मुनाफा 27% बढ़ा:दिसंबर तिमाही में प्रॉफिट ₹1,729 करोड़ रहा, रेवेन्यू ₹21,830 करोड़ के पार

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देश की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने शनिवार (24 जनवरी) को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 26.8% बढ़कर 1,729.44 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 1,363.44 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। सीमेंट की रिकॉर्ड बिक्री और ऑपरेशंस में सुधार के चलते कंपनी के प्रदर्शन में यह बढ़त देखी गई है। रेवेन्यू में 23% का उछाल, बिक्री 38.87 मिलियन टन पहुंची आदित्य बिड़ला ग्रुप की इस फ्लैगशिप कंपनी का ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू भी 22.8% बढ़कर 21,829.68 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। पिछले साल दिसंबर तिमाही में यह आंकड़ा 17,778.83 करोड़ रुपए था। वॉल्यूम के लिहाज से देखें तो कंपनी ने इस तिमाही में कुल 38.87 मिलियन टन (MT) सीमेंट की बिक्री की है, जो पिछले साल के मुकाबले 15% ज्यादा है। घरेलू बाजार में ग्रे सीमेंट की मांग में 15.4% की तेजी दर्ज की गई। कैपेसिटी में दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंची अल्ट्राटेक अल्ट्राटेक ने इस तिमाही के दौरान महाराष्ट्र के धुले और राजस्थान के नाथद्वारा में नए प्लांट शुरू किए हैं। अब कंपनी की कुल घरेलू कैपेसिटी 188.66 मिलियन टन सालाना (mtpa) हो गई है। अगर यूएई (UAE) के ऑपरेशंस को भी मिला दें, तो कंपनी की ग्लोबल प्रोडक्शन कैपेसिटी 194.06 mtpa हो गई है। इसके साथ ही अल्ट्राटेक अब प्रोडक्शन कैपेसिटी के मामले में दुनिया की दूसरी और बिक्री के मामले में (चीन को छोड़कर) दुनिया की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी बन गई है। नया लेबर कोड: मुनाफे पर पड़ा 88 करोड़ का बोझ कंपनी ने बताया कि 21 नवंबर 2025 से लागू हुए नए लेबर कोड के कारण उन पर एकमुश्त 88.48 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है। यह खर्च ग्रेच्युटी और छुट्टियों के बदले मिलने वाले भुगतान के नियमों में बदलाव की वजह से हुआ है। अगर इस खर्च को हटा दें, तो कंपनी का मुनाफा और भी अधिक रह सकता था। खर्चों में कमी: कोयला और बिजली सस्ती होने से मिली राहत नतीजों के मुताबिक, कंपनी को फ्यूल और बिजली के खर्च में राहत मिली है। पिछले साल के मुकाबले बिजली और ईंधन का खर्च करीब 15% कम हुआ है। वहीं लॉजिस्टिक लागत में भी 4% की गिरावट आई है। हालांकि, कच्चे माल यानी रॉ मटेरियल की कीमतों में 6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन भी सुधरकर 18% हो गया है, जो पिछले साल 16% था। भविष्य की योजना: 240 mtpa क्षमता का टारगेट अल्ट्राटेक का अगला लक्ष्य अपनी कुल क्षमता को 240.76 मिलियन टन तक पहुंचाना है। इसके लिए इंडिया सीमेंट्स के साथ मिलकर नए प्रोजेक्ट्स (ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड) पर काम शुरू हो चुका है। कंपनी ने इस तिमाही में 2,357 करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) किया है। इसके अलावा कंपनी अपने ‘केबल्स और वायर्स’ बिजनेस का भी विस्तार कर रही है, जिसका काम प्रोजेक्ट साइट पर शुरू हो चुका है। रेडी मिक्स कंक्रीट बिजनेस में भी ग्रोथ कंपनी का नॉन-सीमेंट सेगमेंट भी तेजी से बढ़ रहा है। रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) से होने वाली कमाई 26% बढ़कर 1,848 करोड़ रुपए रही। वहीं व्हाइट सीमेंट के रेवेन्यू में भी 5.6% की बढ़त देखी गई है। ओवरसीज रेवेन्यू यानी विदेशों से होने वाली कमाई में भी 35% का बड़ा उछाल आया है, जो 1,194 करोड़ रुपए रहा। ये खबर भी पढ़ें… इंडिगो ने 16 एयरपोर्ट्स पर 717 फ्लाइट स्लॉट्स छोड़े: मुंबई में 236 और दिल्ली में 150 उड़ानें कम हुईं, कोहरे के कारण DGCA ने दिया था आदेश अगले कुछ दिनों में अगर आप इंडिगो से कहीं जाने का प्लान कर रहे हैं तो आपको फ्लाइट के ऑप्शन कम मिलेंगे। क्योंकि, देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने भारत के अलग-अलग डोमेस्टिक एयरपोर्ट्स पर अपने 717 स्लॉट्स सरेंडर कर दिए हैं। पूरी खबर पढ़ें…



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