March 26, 2026

Adani Power Q3 Profit Drops 19% to ₹2,479 Cr; Revenue Down 9%

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मुंबई3 मिनट पहले

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पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹3,057 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था। - Dainik Bhaskar

पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹3,057 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था।

अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी पावर लिमिटेड को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में ₹2,479 करोड़ का मुनाफा (कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट) हुआ है। सालाना आधार पर यह 19% कम हुआ है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹3,057 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था।

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (Q2FY26) के दौरान अडाणी पावर ने संचालन से 12,451 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया। पिछले साल यह 13,671 करोड़ रुपए रहा था। सालाना आधार पर इसमें 9% की कमी आई है। कंपनी ने आज यानी गुरुवार (29 जनवरी) को Q3 के नतीजे जारी किए हैं।

अडाणी पावर के रिजल्ट की 3 बड़ी बातें

  • बिजली की बिक्री में मजबूती: मानसून के लंबा खिंचने के बावजूद कंपनी ने ऑपरेशनल स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। इस तिमाही में कंपनी ने 23.6 अरब यूनिट (BUs) बिजली बेची, जो पिछले साल इसी दौरान बेची गई 23.3 अरब यूनिट से थोड़ी ज्यादा है।
  • कर्ज में हुई बढ़ोतरी: नए प्रोजेक्ट्स और काम बढ़ाने के लिए लिए गए ‘ब्रिज लोन’ की वजह से कंपनी पर कुल कर्ज बढ़कर ₹45,330 करोड़ हो गया है, जो मार्च 2025 में ₹38,334 करोड़ था। कंपनी का कहना है कि उनकी नकदी की स्थिति मजबूत है।
  • असम से मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट: भविष्य के विस्तार के लिए कंपनी को असम की बिजली वितरण कंपनी से 3,200 मेगावाट (MW) की आपूर्ति का एक बड़ा और लंबा कॉन्ट्रैक्ट (PPA) मिला है। कंपनी के CEO ने बताया कि उनकी विस्तार योजना का आधा हिस्सा पहले ही बुक हो चुका है।

कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन

स्टैंडअलोन: यह केवल एक कंपनी या यूनिट के वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाता है। इसमें उसकी आय, व्यय, और मुनाफा शामिल होता है।

कॉन्सोलिडेटेड: यह पूरे ग्रुप या कंपनी की कुल वित्तीय स्थिति को दर्शाता है, जिसमें सभी सहायक कंपनियों और यूनिट्स का वित्तीय प्रदर्शन एक साथ दिखाए जाते हैं।

1996 में हुई थी अडाणी पावर की शुरुआत

अडाणी पावर लिमिटेड (APL) की शुरुआत 22 अगस्त 1996 में हुई थी। यह देश की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर थर्मल पावर प्रोड्यूसर है। कंपनी के पास 15,250 मेगावॉट पावर जनरेशन की क्षमता है। इसके थर्मल प्लांट्स गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड में हैं।

वहीं, गुजरात में 40 मेगावॉट कैपेसिटी का सोलर प्लांट है। क्योटो प्रोटोकॉल के क्लीन डेवलपमेंट मीशन (CDM) के तहत रजिस्टर्ड कोयला-बेस्ड सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स बनाने वाली कंपनी है।

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