Delhi Jal Board Pit Accident Tragedy; Biker Family Vs DJB
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नई दिल्ली13 मिनट पहले
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दिल्ली के जनकपुर में गुरुवार देर रात गड्ढे में गिरने से युवक की मौत हो गई।
वेस्ट दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड की कंस्ट्रक्शन साइट पर खोदे गए 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से एक मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई। हादसा गुरुवार देर रात को हुआ। मृतक की पहचान कैलाशपुरी निवासी कमल भयानी (25) के रूप में हुई है, जो एक प्राइवेट बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था।
सुबह करीब 8 बजे PCR कॉल मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक गड्ढा DJB ने कंस्ट्रक्शन के लिए खोदा था और सड़क कुछ दिनों से बंद थी। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
कैबिनेट मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड के तीन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। इनमें एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। साथ ही प्रोजेक्ट कंपनी पर कार्रवाई होगी और DJB पीड़ित परिवार को मुआवजा देगा।
घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें…

दिल्ली के जनकपुरी इलाके में ये हादसा हुआ।

पुलिस को सुबह मृतक के गड्ढे में पड़े होने की जानकारी मिली।

पुलिस ने शुक्रवार दोपहर को गड्ढे से बाइक निकलवाई।
परिवार बोला- 7-8 पुलिस स्टेशन गए लेकिन मदद नहीं की
मृतक के जुड़वां भाई करण ने बताया- हम तीन भाई हैं और हम दोनों जुड़वां हैं। हम कल रात से उसे ढूंढ रहे थे, अलग-अलग इलाकों में घूम रहे थे। हम 7-8 पुलिस स्टेशन गए, लेकिन किसी ने हमारी मदद नहीं की और शिकायत भी दर्ज नहीं की।
करण ने कहा-
सुबह मैंने उसको फोन किया तो पुलिस ने फोन उठाकर हमें बताया कि वह मरा हुआ मिला है। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने कमल की बॉडी और मोटरसाइकिल को गड्ढे में पड़ा देखा।

कमल के दोस्त मयंक ने कहा कि कमल से आखिरी बात रात 11.30 बजे हुई थी। उसने कहा था कि वह डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास है और 15 मिनट में घर पहुंच जाएगा। आधे घंटे तक न आने पर परिजन उसे खोजने निकले और जनकपुरी पुलिस स्टेशन भी पहुंचे। पुलिस ने फोन ट्रेस किया लेकिन जो लोकेशन मिली वहां पर कमल नहीं था।
मयंक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रात में शिकायत दर्ज करने या खोज शुरू करने से इनकार कर दिया। पुलिस ने कहा कि हमारी शिकायत सुबह 11 बजे से पहले दर्ज नहीं की जाएगी। अगर समय पर तलाश होती तो जान बच सकती थी। मयंक ने आशंका जताई कि कमल की हत्या कर शव गड्ढे में फेंका गया।
मंत्री आशीष सूद बोले- लापरवाही पर बख्शा नहीं जाएगा
दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा, मुझे इस दुखद घटना की जानकारी सुबह करीब 8:30-9:00 बजे मिली, और मैं तब से मौके पर ही हूं। यह बहुत दुखद घटना है जिसमें एक जवान आदमी की असमय मौत हो गई। अब तक मिली जानकारी के आधार पर, सभी ज़रूरी सावधानियां बरतने और जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी की तरफ से कोई लापरवाही पाई जाती है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

AAP नेता सौरभ भारद्वाज बोले- बीजेपी टैक्स का पैसा पार्टी फंड में डालती है
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बेशर्म BJP सरकार टैक्स देने वालों का पैसा अपनी पार्टी फंड के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। वे खुलेआम अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के परिवारों को मुआवजा और नौकरियां दे रहे हैं, जबकि सैकड़ों आम लोग मारे गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह मेन रोड दिल्ली सरकार के PWD के अंडर आती है, और इसे DJB ने खोदा था। लोकल RWA ने इस खतरे के बारे में अधिकारियों से कई बार शिकायत की थी, लेकिन कौन सुनता है? यह हादसा होना ही था। शिकायतों के बावजूद, इस मौत के जाल को ठीक से बैरिकेड नहीं लगाया गया ताकि लोगों की जान न जाए।

तीन हफ्ते पहले नोएडा में कार दलदल में गिरने से इंजीनयर की मौत हुई थी
बीती 16 जनवरी को नोएडा में घने कोहरे की वजह से साफ्टवेयर इंजीनियर की दलदल में गिरकर मौत हो गई थी। वह करीब 80 मिनट तक पिता के सामने चिल्लाता रहा। उनसे फोन कर कहा- पापा मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहता। इसके बाद कार समेत नाले के पानी से भरे 30 फीट गहरे दलदल में समा गया।
इंजीनियर युवराज मेहता अपनी ग्रैंड विटारा कार से गुरुग्राम से नोएडा के सेक्टर-150 टाटा यूरिका पार्क जा रहे थे। रास्ते में एटीएस ले ग्रांड के पास कार नाले की दीवार तोड़ते हुए 30 फीट गहरे पानी से भरे दलदल में गड्ढे में गिर गई।
युवराज की कार गड्ढे में गिरते ही दलदल में समाने लगी। युवराज किसी तरह कार से निकलकर उसके ऊपर चढ़ गए। पिता को फोन करके पूरी घटना बताई। डायल-112 पर सूचना देकर पिता मौके पर पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक सर्वेश सिंह भी फोर्स के साथ वहां आए। दमकल कर्मी भी छोटी-बड़ी क्रेन के साथ पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें…

युवक को बचाने के लिए रेस्क्यू टीम नाले में उतरी। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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हर साल 5 लाख सड़क हादसों में 1.8 लाख मौतें, इनमें 18-34 की उम्र के युवा ज्यादा

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 18 दिसंबर को राज्यसभा में बताया कि भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें औसतन 1.8 लाख लोगों की जान जाती है। इनमें से 66% मौतें युवाओं (18 से 34 साल) की होती हैं। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी के सवाल पर गडकरी ने स्वीकार किया कि रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधारने और कानून सख्त करने के बावजूद सरकार मौतों की संख्या घटाने में पूरी तरह सफल नहीं हुई है। पूरी खबर पढ़ें…