PM Narendra Modi Assam Emergency Landing Schedule; Moran Airstrip
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नई दिल्ली6 मिनट पहले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 फरवरी 2026 को असम के मोरान में एक हाईवे पर बनी इमरजेंसी एयरस्ट्रिप पर उतर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पूर्वोत्तर भारत में पहली बार होगा जब किसी पीएम का प्लेन पारंपरिक एयरपोर्ट की बजाय हाईवे पर लैंड करेगा। यह एयरस्ट्रिप नेशनल हाईवे (NH) 127 के डिब्रूगढ़-मोरान हिस्से पर बनाई गई है।
यह पूर्वोत्तर में पहला ऐसा मौका होगा। पीएम की मौजूदगी में राफेल और सुखोई लड़ाकू विमान एक स्पेशल एरियल डेमो करेंगे। इसमें विमान हाईवे से ही लैंडिंग और टेकऑफ दिखाएंगे। डेमो करीब 30-40 मिनट का होगा।
यह इवेंट भारत की इमरजेंसी तैयारियों, पूर्वोत्तर के विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को दिखाएगा। पीएम की यात्रा इंफ्रास्ट्रक्चर के दोहरे इस्तेमाल (सिविल-मिलिट्री) पर जोर देगी। यह डेमो एयरस्ट्रिप की क्षमता का पता करेगा। राफेल फ्रांस से खरीदे गए आधुनिक जेट हैं, जबकि सुखोई रूस से लिए गए हैं। दोनों ही भारतीय वायुसेना के मुख्य हथियार हैं।

असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने इमरजेंसी एयरस्ट्रिप की फोटो सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर शेयर की थी।
मोरान एयरस्ट्रिप पूर्वोत्तर की पहली ELF
मोरान एयरस्ट्रिप NH-127 के 4.2 किलोमीटर लंबे हिस्से पर बनाई गई है। यह भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) है, जो सेना और सिविल विमानों दोनों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। ELF का मतलब है कि युद्ध या आपात स्थिति में विमान हाईवे पर उतर या उड़ान भर सकते हैं।
इससे सड़क का दोहरा फायदा होता है। रोजमर्रा की ट्रैफिक के साथ-साथ सैन्य जरूरतों के लिए। यह एयरस्ट्रिप पूर्वोत्तर की रणनीतिक महत्व को बढ़ाती है, क्योंकि यह क्षेत्र चीन की सीमा से सटा है।
सरकार ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और अन्य जगहों पर भी ELF बनाए हैं। मोरान ELF पूर्वोत्तर मजबूत बनाने का हिस्सा है, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर है। सरकार ने ऐसे कई ELF पूरे देश में विकसित किए हैं, लेकिन मोरान वाला पूर्वोत्तर का पहला है।
ELF का महत्व क्यों?
भारत में ELF का विचार इमरजेंसी हालात के लिए है। युद्ध में अगर एयरपोर्ट क्षतिग्रस्त हो जाएं तो हाईवे विकल्प बन सकते हैं। बाढ़ या प्राकृतिक आपदा में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए। पूर्वोत्तर जैसे दूर दराज क्षेत्रों में यह सुरक्षा बढ़ाता है।
यह यात्रा पूर्वोत्तर की रणनीतिक अहमियत पर संदेश देगी। पीएम मोदी अक्सर ऐसे इवेंट्स से विकास और सुरक्षा को जोड़ते हैं। अगर प्लान सफल रहा, तो यह भारत की वायुसेना की ताकत और इंफ्रास्ट्रक्चर की नई मिसाल बनेगा।
