March 29, 2026

Mathura Yamuna Expressway Tragedy; Eyewitness | Fire Accident | मथुरा हादसा- अचानक बस में धमाके हुए, शीशा तोड़कर कूदे: युवती बोली- फायर ब्रिगेड टाइम पर आती तो जानें बच जातीं – Mathura News

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पवन गौतम/राकेश पचौरी/मथुरा6 घंटे पहले

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तारीख : 16 दिसंबर, दिन: मंगलवार। समय : तड़के 3.33 बजे।

मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते 8 बसें और 3 कारें भिड़ गईं। टक्कर होते ही गाड़ियों में आग लग गई। अब तक 13 की मौत हो चुकी है, 66 घायल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर होते ही बम जैसा धमाका हुआ। बसों में लोग चीखते रहे। कई शीशा तोड़कर खिड़की से कूदे। रेस्क्यू घंटेभर बाद शुरू हुआ।

दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची तो बसें जल रही थीं। हादसे में जिंदा बची लड़की ने बताया- अगर पुलिस और दमकल टाइम पर पहुंचते तो कई लोगों की जानें बच जातीं, मैं जिस बस में थी, उसमें 8 से 9 लोग मर गए हैं।

4 पॉइंट में समझिए, कैसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

  • करीब 4 बजे राहगीर ने पुलिस को सूचना दी। 10 मिनट के अंदर बलदेव थाने की पुलिस पहुंची। तब तक ग्रामीण पहुंच गए थे। 4.30 बजे फायर ब्रिगेड टीम आई। भीषण आग को देखते हुए मथुरा, रिफाइनरी और हाथरस से फायर ब्रिगेड की 11 गाड़ियां बुलाई गईं।
  • एक-एक करके 14 एम्बुलेंस भी पहुंचीं। दमकल ने एक घंटे में आग पर काबू पाया। इसके बाद बसों के अंदर रेस्क्यू शुरू हुआ। फायर ब्रिगेड, एक्सप्रेस-वे कर्मचारी, मथुरा के 9 थानों की पुलिस, मेडिकल स्टाफ के करीब 50 लोग लगाए गए।
  • घायलों को वृंदावन के जिला संयुक्त अस्पताल, मथुरा जिला अस्पताल और आगरा के SRN मेडिकल कॉलेज भेजा गया। टीम बसों के अंदर गई तो जली हुई डेडबॉडी पड़ी थीं। इन्हें 17 बैग में भरकर मथुरा के पोस्टमॉर्टम हाउस भेजा। 4.30 से शुरू हुआ रेस्क्यू 10.30 बजे खत्म हुआ।
  • पुलिस के मुताबिक, डेडबॉडी क्षत-विक्षत हो चुकी थीं। ऐसे में शवों की शिनाख्त के लिए DNA टेस्ट कराया जाएगा। हालांकि, शवों को पहचान के लिए 72 घंटे मोर्चरी में रखा जाएगा। 2 टीम पोस्टमॉर्टम करेंगी।
एंबुलेंस में 17 बैग में भरकर टुकड़ों में डेडबॉडी लगाई गई है। इसका पोस्टमॉर्टम होगा।

एंबुलेंस में 17 बैग में भरकर टुकड़ों में डेडबॉडी लगाई गई है। इसका पोस्टमॉर्टम होगा।

अब चश्मदीदों की बात पढ़िए-

गांव वाले बोले- 20 एम्बुलेंस से 150 लोगों को भेजा गया हादसे के स्पॉट से पास के गांव के रहने वाले भगवान दास ने बताया- जब हादसा हुआ तो कोहरा कम था। गाड़ियां आपस में टकराईं तो ऐसा लगा, जैसे बम फटा हो। तेज धमाका हुआ। पूरा गांव आनन-फानन में यहां भागकर आ गया। सभी लोग मदद में जुट गए। करीब 20 एम्बुलेंस से 100-150 लोगों को ले हॉस्पिटल ले जाया गया। दो-तीन कार और 6 बसें जली हैं।

सुनील बोले- कार में आवाज आई तो गाड़ी रोकी, पीछे से कई बसें भिड़ गईं चश्मदीद सुनील कुमार यादव ने बताया- हम लोग मंत्री गिरीश चंद्र यादव के पिता की तेरहवीं आयोजन में शामिल होने जौनपुर गए थे, वहां से वापस दिल्ली जा रहे थे। हाईवे पर अंधेरा बहुत ज्यादा था। अचानक गाड़ी की आवाज सुनाई देने लगी, हम लोगों ने गाड़ी रोक दी और गेट खोलकर नीचे उतर गए। पीछे से बसें एक-एक करके टकराने लगीं। मौके पर चीख-पुकार मच गई। कोई बस से उतरने की जद्दोजहद कर रहा था, तो कोई शीशा तोड़कर कूद रहा था।

महिला बोली- झटका लगा, फिर गाड़ियों में आग लग गई हादसे की चश्मदीद महिला ने बताया- पहले अचानक तेज झटका लगा और देखते ही देखते गाड़ियों में आग लग गई। टक्कर के बाद अफरा-तफरी मच गई, लोग चीख-पुकार करने लगे और कुछ ही पलों में बसों और कारों से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद शुरू की और घायलों को बाहर निकालने की कोशिश करने लगे।

सफारी सवार युवक बोला- अयोध्या से दिल्ली जा रहे थे सफारी कार सवार एक युवक ने बताया- मैं अयोध्या से दिल्ली जा रहा था। गाड़ी में सभी लोग सो रहे थे। अचानक जोरदार झटका लगा और कार टकरा गई। तब हमें पता चला कि एक्सीडेंट हो गया है।

सिलेंडर ब्लास्ट जैसे धमाके हो रहे थे, लोग भागते-दौड़ते दिखे लखनऊ से दिल्ली जा रहे प्रशांत सिंह ने बताया- सुबह करीब 4 बजे हम लोग आगरा से आगे निकले। अचानक बस रुकी, लोग चिल्लाने लगे। बस का दरवाजा फंस गया था तो उसे धक्का देकर खोला। महिलाओं और बच्चों की मदद की। नीचे आकर देखा तो आगे कई बसें थीं। कुछ में आग लगी थी। अचानक धमाके होने लगे, जैसे- सिलेंडर फट रहे हों। कई यात्रियों के मोबाइल, लैपटॉप भी बस में जल गए हैं। उस मंजर को याद करते ही डर सा लगता है।

रेस्क्यू में लगे युवक ने बताया- 8-9 लाशें निकाल चुके मौके पर प्रशासन की मदद कर रहे योगेंद्र ने बताया- रोज रनिंग के लिए आते हैं। आज आए तो हाहाकार मचा हुआ था, इसलिए प्रशासन की मदद में जुट गए। अब तक 8-9 लाशें निकाल चुके हैं। जिन्हें हमने गाड़ियों से बाहर निकाला, वो सब बुरी तरह जले हुए थे।

हादसे को याद करके सहम जा रहे चश्मदीद, बोले- कभी नहीं भूल पाएंगे बस से दिल्ली जा रही महिमा पांडे ने बताया- सबसे पहले अर्टिगा कार की टक्कर हुई। इसके बाद बसें एक-दूसरे से टकरा गईं। मेरी बस में तीन बार टक्कर लगी। फिर आग लग गई। मेरा पूरा सामान जलकर राख हो गया। इस डराने वाले हादसे को कभी नहीं भूल पाऊंगी।

रेस्क्यू की 3 तस्वीरें देखिए-

हादसे में गाड़ियां पूरी तरह से जलकर राख हो गई हैं।

हादसे में गाड़ियां पूरी तरह से जलकर राख हो गई हैं।

सुबह कोहरा छटने के साथ ही एक्सप्रेस-वे पर राख ही राख दिखाई देने लगी। आग पर काबू पा लिया गया है। मलबा हटाने का काम जारी है।

सुबह कोहरा छटने के साथ ही एक्सप्रेस-वे पर राख ही राख दिखाई देने लगी। आग पर काबू पा लिया गया है। मलबा हटाने का काम जारी है।

बस पूरी तरह से जल चुकी हैं। आसपास मलबा ही मलबा फैला है।

बस पूरी तरह से जल चुकी हैं। आसपास मलबा ही मलबा फैला है।

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हादसे की लाइव खबर पढ़ें-

मथुरा में 7 बसें, 3 कारें टकराईं, 13 जिंदा जले: टुकड़े 17 पॉलिथीन में ले गए; यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते हादसा, 66 घायल

मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते 7 बसें और 3 कारें भिड़ गईं। टक्कर होते ही गाड़ियों में आग लग गई। 4 लोगों की जलकर मौत हो गई। मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है, क्योंकि भास्कर रिपोर्टर जब मौके पर पहुंचे तो उन्हें बसों में मानव अंग फंसे दिखाई दिए। पढ़ें पूरी खबर…

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