Agusta Westland Re-enters India Defense
नई दिल्ली1 घंटे पहलेलेखक: मुकेश कौशिक
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अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी VVIP, सैन्य और सर्च-एंड-रेस्क्यू हेलिकॉप्टर बनाती है।
इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड क्लीन चिट मिलने के पांच साल बाद फिर भारत के रक्षा क्षेत्र में एंट्री करने जा रही है। यह वही कंपनी है, जिसका नाम बहुचर्चित VVIP हेलिकॉप्टर कांड से जुड़ा था। इसने करीब एक दशक तक भारतीय राजनीति को झकझोर दिया था।
अगस्ता की पैतृक कंपनी लियोनार्डो के साथ अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस की डील को अंतिम रूप दिया जा चुका है। अडाणी ग्रुप के अनुसार इसकी औपचारिक घोषणा मंगलवार को होगी। लियोनार्डो कभी फिनमैकेनिका के नाम से जानी जाती थी।
अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला ₹3,600 करोड़ का एक VVIP हेलिकॉप्टर खरीद घोटाला है। इसमें कंपनी पर 12 एडब्ल्यू-101 (AW-101) हेलिकॉप्टर की खरीद में भारतीय वायुसेना के अधिकारियों और बिचौलियों को लगभग ₹360 करोड़ की रिश्वत देने का आरोप है।
भारत ने 2014 में इस सौदे को औपचारिक रूप से रद्द करने के बाद कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया था। सबूतों के अभाव में पहले इटली की अदालत ने और बाद में नवंबर 2021 में रक्षा मंत्रालय ने अगस्ता वेस्टलैंड को क्लीन चिट दे दी थी।

UPA सरकार के दौरान हुआ अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला
यह सौदा 2010 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार के दौरान इटली की कंपनी फिनमैकेनिका की सहायक कंपनी ‘अगस्ता वेस्टलैंड’ के साथ हुआ था। 2013 में इटली की जांच एजेंसियों ने रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच शुरू की।
सौदे में बिचौलियों की भूमिका सामने आई। मामला CBI को सौंपा गया और नौबत यह भी आई कि सौदे के समय वायु सेना प्रमुख रहे एयर चीफ मार्शल एसपी त्यागी और कुछ अन्य लोगों को जेल भी जाना पड़ा।
सीबीआई ने 2010 में 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए हुए सौदे के कारण सरकारी खजाने को 398.21 मिलियन यूरो (करीब 2,666 करोड़ रु.) के नुकसान का आरोप लगाया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2016 में दायर अपने आरोप पत्र में दावा किया था कि मिशेल को अगस्ता वेस्टलैंड से 30 मिलियन यूरो (करीब 225 करोड़ रु.) मिले थे।
इधर, CBI का केस चलता रहा। रक्षा मंत्रालय ने इस केस से जुड़ी भारतीय कंपनी डेफसिस प्राइवेट लिमिटेड पर पिछले साल जून में प्रतिबंध की अवधि बढ़ाई थी। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने रक्षा मंत्रालय के आदेश को निरस्त कर दिया।
6 जनवरी 2026: SC बोला- अमीर लोग कानून को चुनौती देने लगते हैं
बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस कंपनी के खिलाफ केंद्र की याचिका खारिज की और कहा कि ताजा सबूतों के अभाव में प्रतिबंध को बढ़ाना सही नहीं है। हालांकि, 6 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने घोटाले में आरोपी वकील गौतम खेतान की याचिका खारिज कर दी।
खेतान ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की एक धारा को चुनौती दी थी। कोर्ट ने इसे ट्रायल से बचने की कोशिश बताया और कहा- यह नया चलन बन गया है कि अमीर आरोपी ट्रायल का सामना करने के बजाय कानून की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने लगते हैं।

सियाचिन में सेना के लिए है हेलिकॉप्टरों की जरूरत
सियाचिन में सैनिकों को रसद पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर की जरूरत है। रक्षा मंत्रालय ने सेना के लिए 120 और वायु सेना के लिए 80 हेलिकॉप्टर की खरीद को मंजूरी दी थी। इससे पहले, जनवरी 2014 में सौदे के तीन हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति हुई थी, पर कोर्ट केस के कारण उन्हें बोरे में लपेट कर रख दिया गया।
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