Air India CEO Campbell Wilson Resigns
नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले
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विल्सन ने सितंबर 2022 में कार्यभार संभाला था, जब एयरलाइन प्राइवेटाइजेशन के बाद टाटा ग्रुप के साथ वापस जुड़ी थी।
एअर इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है। न्यूज एजेंसी ANI ने मंगलवार को सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी। कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एयर इंडिया ने नए CEO की तलाश भी शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, विल्सन सितंबर में अपना पद छोड़ सकते हैं। पिछले हफ्ते हुई कंपनी की बोर्ड बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। विल्सन को सितंबर 2022 में एअर इंडिया का CEO और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया गया था। उनका कॉन्ट्रैक्ट 5 सालों के लिए, जुलाई 2027 तक था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरलाइन अहमदाबाद प्लेन क्रैश की फाइनल जांच रिपोर्ट आने के बाद नए CEO की नियुक्ति करेगी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई 2025 को हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। अंतिम रिपोर्ट जून 2026 में आ सकती है।

एअर इंडिया जनवरी से नए CEO की तलाश में जुटी
विल्सन के इस्तीफे पर एअर इंडिया ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि एअर इंडिया नए CEO के लिए संभावित उम्मीदवारों के साथ हाई लेवल बातचीत कर रही है। इस संबंध में अगले हफ्ते एक अहम बैठक भी होने वाली है।
दावे के मुताबिक, कंपनी ने नए CEO की तलाश जनवरी में ही शुरू कर दी थी, जब विल्सन ने कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद पद छोड़ने के संकेत दिए थे। विल्सन के पास विमानन क्षेत्र में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है और उन्होंने फुल-सर्विस और लो-कॉस्ट दोनों तरह की एयरलाइनों में काम किया है।
विल्सन ने 1996 में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में शुरुआत की थी
एअर इंडिया से जुड़ने से पहले विल्सन लो कॉस्ट एयरलाइन स्कूट (Scoot) के CEO थे। यह कंपनी सिंगापुर एयरलाइंस की लो-कॉस्ट सहायक कंपनी है। विल्सन ने न्यूजीलैंड में कैंटरबरी यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर ऑफ कॉमर्स (फर्स्ट क्लास ऑनर्स) किया है।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1996 में न्यूजीलैंड में सिंगापुर एयरलाइंस के साथ मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने कनाडा, हॉन्ग कॉन्ग और जापान में SIA के लिए काम किया। सिंगापुर लौटकर 2011 में स्कूट के फाउंडिंग CEO के रूप में काम किया।
2016 तक वो इस पद पर रहे। इसके बाद SIA में सेल्स और मार्केटिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में काम किया। फिर अप्रैल 2020 में दोबारा स्कूट के CEO बने। दो साल बाद उन्होंने एअर इंडिया जॉइन की थी।

2026 में एअर इंडिया को करीब 20,000 करोड़ नुकसान की आशंका
एअर इंडिया इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में एयरलाइन को लगभग ₹20,000 करोड़ तक का नुकसान हो सकता है। नुकसान का सबसे बड़ा कारण वेस्ट में जारी तनाव है।
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण एयरस्पेस प्रतिबंध लगे हैं, जिससे एयरलाइन को फ्लाइट्स के रूट बदलने और अतिरिक्त फ्यूल स्टॉप लेने पड़ रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर लॉन्ग-हॉल इंटरनेशनल रूट्स पर पड़ा है और ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गई है।
इसके साथ ही, नए विमानों की डिलीवरी में देरी से एयरलाइन की क्षमता बढ़ाने की योजना प्रभावित हो रही है, जिससे ऑपरेशंस पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा एअर इंडिया अभी भी पिछले साल हुए प्लेन क्रैश के असर से जूझ रही है।
अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेक-ऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गई थी, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना का असर अब भी एयरलाइन की पब्लिक इमेज और ऑपरेशनल माहौल पर दिख रहा है। इन चुनौतियों के बीच कंपनी रीस्ट्रक्चरिंग और विस्तार योजनाओं पर काम जारी रखे हुए है।
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