Air India Returns Belongings | Ahmedabad Plane Crash Victims Families
अहमदाबाद17 मिनट पहले
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12 जून 2025 को एअर इंडिया की अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट हादसे का शिकार हो गई थी।
अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए विमान हादसे के सात महीने बाद, एअर इंडिया ने मृतकों के परिजन को उनका निजी सामान लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एअर इंडिया की उड़ान AI-171, अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही थी। सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर क्रेश हो गई थी। विमान में आग लग गई थी। इस हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी जान चली गई थी। एक पैसेंजर जीवित बच गया था।

22,000 से अधिक निजी सामान
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि 22,000 से अधिक निजी सामान सुरक्षित रखे गए हैं और एक विशेष पोर्टल पर सूचीबद्ध किए गए हैं। इनमें लगभग 8,000 ऐसे सामान हैं जिन्हें किसी विशेष व्यक्ति से जोड़ा जा सकता है, जैसे पासपोर्ट या अन्य कागजात, जबकि करीब 14,000 सामान ऐसे हैं जिन्हें किसी व्यक्ति से सीधे जोड़ा नहीं जा सका।
विशेषज्ञ बाहरी एजेंसी के साथ मिलकर टीम ने काफी समय लगाकर बरामद किए जा सकने वाले सामान की पहचान, सूची और कागजात तैयार किए हैं।
एअर इंडिया सामान वापस देने की इस प्रक्रिया को पूरी संवेदनशीलता, सम्मान और सावधानी के साथ पूरा कर रही है।
प्रवक्ता के अनुसार, इन सामानों की जानकारी ई-मेल और एक विशेष वेबसाइट के माध्यम से परिजन को दी गई है। परिवारों से पुष्टि के बाद, सामान उन्हें सौंपा जाएगा। इस तरह से उनके दुख और निजता का पूरा सम्मान रखा जाएगा।
परिवारों के पास तीन विकल्प होंगे-
- वे सामान न लेना चाहें।
- अहमदाबाद में बने सुविधा केंद्र से स्वयं आकर सामान ले लें।
- एअर इंडिया से कुरियर के जरिए सामान मंगवा लें।
यह प्रक्रिया 5 जनवरी से शुरू हो चुकी है और फरवरी के मध्य तक जारी रहेगी। प्रवक्ता ने बताया कि कई लोग पहले ही सुविधा केंद्र पर आकर अपने परिजनों का सामान ले जा चुके हैं। यह पूरी प्रक्रिया जरूरी सरकारी अनुमतियां लेने के बाद शुरू की गई है।
जो सामान व्यक्ति से जुड़ा नहीं उनके लिए अलग पोर्टल
जो 14,000 सामान किसी व्यक्ति से जुड़े नहीं हैं, उनके लिए एयर इंडिया ने एक अलग वेब पोर्टल बनाया है।
इस पोर्टल पर सभी सामानों की तस्वीरें मौजूद हैं और इसका लिंक सभी पीड़ित परिवारों को ई-मेल के जरिए भेजा गया है। यह पोर्टल आम लोगों के लिए खुला नहीं है। अगर किसी परिवार को लगता है कि कोई सामान उनके परिजन का है, तो वे पोर्टल पर बटन दबाकर दावा कर सकते हैं।
ऐसा सामान भी परिवार की इच्छा के अनुसार या तो अहमदाबाद में सीधे दिया जाएगा या कुरियर से भेजा जाएगा।
पोर्टल पर ये सामान दिखाया जा रहा
खिलौना विमान, खिलौना कार, कलाई घड़ी, प्लास्टिक की चूड़ियां, स्वेटर, जूते, गुजराती प्रार्थना “मंगल मंदिर खोलो” वाली किताब का आधा जला पन्ना, हैंडबैग आदि शामिल हैं।
एक व्यक्ति, जिसे अपनी मां के सामान की पहचान के लिए एयर इंडिया से लिंक मिला था, ने बताया, कि उसने पोर्टल देखा। हमारे प्रियजनों का सामान हमारे दिल के बहुत करीब होता है और हम उसे संभालकर रखना चाहते हैं। मैंने सभी सामान देखे, लेकिन मुझे अपनी मां का कोई सामान नहीं मिला। शायद उस दिन उनके पास ज्यादा सामान नहीं था।
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अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे के इकलौते जीवित बचे विश्वास कुमार रमेश ने कहा, ‘मैं खुद को सबसे भाग्यशाली मानता हूं, लेकिन हर दिन शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजर रहा हूं।” 39 साल के विश्वास अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट के मलबे से सुरक्षित निकले थे।पढ़ें पूरी खबर…