March 27, 2026

Ankita Bhandari Murder Case: Father Rejects SIT’s VIP Claim | [Your News Site Name] | ‘VIP’ के नाम से अंकिता के घरवाले अंजान: पिता बोले- झूठ बोल रही SIT, एसपी ने कहा- उन्हीं के लिए तो हम लड़ रहे – Dehradun News

0
grey-quote.02a691c7.png


अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी और SIT के सदस्य रहे एसपी शेखर सुयाल, अंकिता भंडारी की फाइल फोटो।

अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच के लिए बनाई गई SIT ने शनिवार को VIP का नाम धर्मेंद्र उर्फ प्रधान बताया जिसे अंकिता ने पिता ने खारिज कर दिया है। उत्तराखंड के पौड़ी जिले में रहने वाले अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि जांच के दौरान एसआईटी ने कभी

.

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा- पुलिस सरासर झूठ बोल रही है। इसके साथ ही उन्होंने SIT के उस दावे को भी झूठा बताया जिसमें बताया गया कि रिसॉर्ट से सारे सबूत जुटा लिए गए थे। अंकिता के पिता कहते हैं-

वो झूठ बोल रहे हैं, पुलिस ने रिसॉर्ट से कोई सबूत नहीं जुटाए। सबूत जुटाने से पहले रिसॉर्ट को गिरा दिया गया था।

वहीं, इस मामले पर दैनिक भास्कर एप ने जब SIT के सदस्य रहे हरिद्वार एसपी ग्रामीण शेखर सुयाल से बात की तो उन्होंने कहा-

QuoteImage

ऐसा नहीं हो सकता, सारी चीजें अंकिता के पिता के संज्ञान में थीं और हम उन्हीं के लिए तो लड़ाई लड़ रहे हैं।

QuoteImage

यही वो वनंतरा रिसॉर्ट है जहां अंकिता काम करती थी, और पुलिस का दावा है कि यहीं पर VIP रुका था।

यही वो वनंतरा रिसॉर्ट है जहां अंकिता काम करती थी, और पुलिस का दावा है कि यहीं पर VIP रुका था।

VIP के नाम को लेकर विपक्ष कर रहा हंगामा

दरअसल, बीते दिसंबर से ही अंकिता भंडारी हत्याकांड चर्चाओं में है। ये चर्चा शुरू हुई है हरिद्वार की ज्वालापुर सीट से विधायक रहे सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर के एक दावे से। उर्मिला ने सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल किया है, जिसमें सुरेश राठौर उर्मिला से बात करते वक्त बता रहें हैं कि वीआईपी भाजपा के पूर्व सांसद दुष्यंत कुमार गौतम थे। हालांकि विवाद तब और गहरा हो गया जब सुरेश राठौर ने उर्मिला के दावे को झूठा और ऑडियो को एआई जनरेटेड करार दिया। फिलहाल दोनों को ही पुलिस ढूंढ रही है और दोनों कहीं लापता हो गए हैं।

सुरेश राठौर जिनके एक ऑडियो के कारण हत्याकांड दोबारा चर्चा में आया, राठौर का दावा है कि ऑडियो में कोई सच्चाई नहीं है वो एआई जनरेटेड है।

सुरेश राठौर जिनके एक ऑडियो के कारण हत्याकांड दोबारा चर्चा में आया, राठौर का दावा है कि ऑडियो में कोई सच्चाई नहीं है वो एआई जनरेटेड है।

पुलिस ने 3 साल बाद बताया VIP का नाम

उर्मिला के दावों के बाद कांग्रेस लगातार सरकार से अंकिता हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग कर रही है। कांग्रेस का दावा है कि सरकार वीआईपी को बचाने के लिए ही सीबीआई जांच से बच रही है, हालांकि सरकार साफ कर चुकी है की SIT की जांच को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी सही माना है। ऐसे में विपक्ष सिर्फ इस मामले को राजनीतिक टूल की तरह इस्तेमाल कर रहा है।

इसी बीच शनिवार को एसपी सुयाल ने देहरादून में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने वीआईपी का नाम पहली बार मीडिया के सामने रखा। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि मामले में किसी भी तरह के सबूतों को नष्ट नहीं किया गया है। उन्होंने कहा की SIT की जांच के कारण ही आरोपी आज जेल में हैं।

3 प्वॉइंट्स में जानिए SP ने क्या कहा था

  • VIP शब्द चैट से सामने आया, उसी आधार पर जांच आगे बढ़ी: एसपी ग्रामीण शेखर सुयाल ने बताया कि विवेचना के दौरान कई नाम सामने आए थे। इसी क्रम में दो दोस्तों के बीच हुई एक चैटिंग में ‘VIP’ शब्द का जिक्र मिला। चूंकि मृतका की मौत हो चुकी थी, इसलिए जिस व्यक्ति से उसकी बातचीत हुई थी, उससे पूछताछ की गई। संबंधित व्यक्ति के तीन-चार बार बयान दर्ज किए गए, जिनमें धारा 164 के तहत न्यायिक और मजिस्ट्रेट स्टेटमेंट भी शामिल थे।
  • पुष्पदीप से जुड़ा VIP एंगल, जांच धर्मेंद्र तक पहुंची: एसपी ग्रामीण शेखर सुयाल ने बताया कि VIP एंगल तक पहुंचने का एकमात्र सूत्र मृतका का मित्र पुष्पदीप था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने उस व्यक्ति को देखा था और उससे बातचीत भी की थी। इसी आधार पर SIT ने गहन पड़ताल की और बताए गए हुलिए के अनुसार जांच आगे बढ़ाई। जांच के बाद उस व्यक्ति की पहचान धर्मेंद्र कुमार उर्फ प्रधान के रूप में हुई। सुयाल के मुताबिक, धर्मेंद्र के बयान लिए गए और सभी बयान कोर्ट के रिकॉर्ड में लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यही SIT के अनुसार ‘VIP टर्मिनोलॉजी’ का अंतिम निष्कर्ष है।
  • SIT का दावा सबूत नष्ट नहीं हुए: एसपी ग्रामीण शेखर सुयाल के मुताबिक, 22 सितंबर 2022 को केस हैंडओवर के वक्त SIT बनी भी नहीं थी। उसी दिन थाने के IO ने संबंधित कमरे का निरीक्षण कर ताला लगाया। अगली सुबह FSL टीम ने क्राइम सीन का निरीक्षण किया और वीडियोग्राफी की, जिसे कोर्ट में जमा कराया गया। SIT का कहना है कि किसी भी स्तर पर सबूत नष्ट नहीं किए गए।

‘SIT ने गवाह बना रखा था और बयान नहीं लिए’

पुलिस के स्पष्टीकरण के बाद भास्कर ने अंकिता के पिता से उनका पक्ष जाना। उन्होंने कहा, “पुलिस ने हमें जांच के दौरान कभी किसी VIP का नाम नहीं बताया। SIT सरासर झूठ बोल रही है। हालांकि SIT ने धर्मेंद्र को गवाह बना रखा है और उसके बयान नहीं लिए। जज के सामने उसके बयान नहीं हुए। यह बात भी हमें अन्य माध्यम से पता चली थी।”

‘ऐसा नहीं है, सारी चीजें उनके संज्ञान में थी’

अंकिता के पिता के बयानों के बाद एसपी शेखर ने कहा, “ऐसा नहीं है, सारी चीजें उनके संज्ञान में थी। ऐसा कैसे हो सकता है कि, उन्हें न बताएं। उनके लिए हम सारी लड़ाई लड़ रहे हैं।” वहीं, उन्होंने रिसॉर्ट से सबूत जुटाने को लेकर कहा- जो उस कमरे में होगा, वहीं तो हम कलेक्ट करेंगे। हमने वहां की वीडियोग्राफी कोर्ट में लगा रखी है। कोर्ट में उसी के ग्राउंड पर आरोपियों को सजा मिली है।

अंकिता का शव मिलने से पहले ही रिसॉर्ट पर बुलडोजर चला दिया गया था।

अंकिता का शव मिलने से पहले ही रिसॉर्ट पर बुलडोजर चला दिया गया था।

गोदियाल बोले- मामला गोलमोल, बयान आपस में टकरा रहे

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पुलिस के बयान लगातार बदल रहे हैं। कभी धर्मेंद्र का नाम सामने लाया जा रहा है, तो कभी कहा जा रहा है कि कोई VIP था ही नहीं। उन्होंने दावा किया कि एक पुलिस कॉन्स्टेबल ने यह भी कहा है कि चार लोग वहां (रिसॉर्ट) पहरे पर थे और उन्हें तोड़ने का आदेश मिला था।

गोदियाल के मुताबिक, पूरा मामला संदेहास्पद है और सरकार किसी VIP को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अब संदेह विश्वास में बदलता जा रहा है और पूरा मामला गोलमोल बन गया है।

भाजपा का आरोप- विपक्ष और वामपंथी संगठनों ने माहौल बिगाड़ा

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर चौहान ने कहा कि सरकार एक ओर लोगों से तथ्य और साक्ष्य सामने लाने की अपील कर रही है, वहीं दूसरी ओर अंकिता भंडारी के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए अदालत में लगातार पैरवी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल और वामपंथी संगठन इस मामले को बहाना बनाकर देवभूमि के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

——————— ये खबर भी पढ़ें….

ऑडियो को AI जनरेटेड बता सुरेश राठौर लापता:दुष्यंत गौतम के साथ 9 साल पुराना विवाद, पीठ की राजनीति से गरमाई उत्तराखंड की सियासत

उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है। इसकी वजह खुद को भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी बताने वाली उर्मिला सनावर का वह वीडियो है, जिसने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। (पढ़ें पूरी खबर)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *