April 1, 2026

Bangladesh Osman Hadi Killing; Meghalaya Border | BSF Police | दावा- हादी के हत्यारे मेघालय बॉर्डर के रास्ते भारत भागे: बांग्लादेश पुलिस बोली- लोकल लोगों की मदद से बॉर्डर क्रास की; भारत ने आरोपों को नकारा

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ढाका7 घंटे पहले

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उस्मान हादी को ढाका में 12 दिसंबर को गोली मारी गई थी। 18 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। - Dainik Bhaskar

उस्मान हादी को ढाका में 12 दिसंबर को गोली मारी गई थी। 18 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

भारत और शेख हसीना विरोधी बांग्लादेशी नेता उस्मान हादी की हत्या के मामले में दो मुख्य संदिग्ध भारत में छिपे हो सकते हैं। बांग्लादेशी मीडिया द डेली स्टार के मुताबिक हादी के हत्यारे मेघालय बॉर्डर के रास्ते भारत भागे। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) ने डेली स्टार को यह जानकारी दी।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एसएन नजरुल इस्लाम ने मीडिया को बताया कि संदिग्ध फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख मैमनसिंह जिले के हलुआघाट बॉर्डर के रास्ते भारत के मेघालय राज्य में चले गए।

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमारी जानकारी के अनुसार ये दोनों स्थानीय सहयोगियों की मदद से सीमा पार करने में कामयाब हुए। हम भारतीय अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। आरोपी जल्द गिरफ्तार होंगे।’

बांग्लादेशी मीडिया के हवाले से आई इन खबरों को BSF और मेघालय पुलिस ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। BSF मेघालय फ्रंटियर के आईजी ओपी उपाध्याय ने कहा, हलुआघाट सेक्टर से अपराधियों के सीमा पार करने का कोई सबूत नहीं है। ये दावे आधारहीन और गुमराह करने वाले हैं।

उस्मान हादी इस्लामी संगठन ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता थे। वह रिक्शे पर जा रहे थे तभी दो बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी।

उस्मान हादी इस्लामी संगठन ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता थे। वह रिक्शे पर जा रहे थे तभी दो बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी।

दावा- आरोपियों की मदद करने वाले हिरासत में लिए गए

संदिग्ध भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित हलुआघाट सीमा के रास्ते भारत में दाखिल हुए। सीमा पार करने के बाद उन्हें सबसे पहले पूर्ति नामक आदमी ने रिसीव किया। बाद में सामी नामक एक टैक्सी चालक उन्हें मेघालय के तुरा शहर ले गया।”

अधिकारी ने आगे बताया कि फरार आरोपियों की मदद करने वाले इन दोनों व्यक्तियों को भारतीय अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। बांग्लादेश सरकार इन संदिग्धों को वापस लाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि हम भारतीय अधिकारियों से औपचारिक और अनौपचारिक दोनों चैनलों के माध्यम से संपर्क बनाए हुए हैं। हम इनकी गिरफ्तारी जल्द से जल्द करने की कोशिश में जुटे हैं। इस मामले में पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।

बांग्लादेश ने आरोपी के भारत भागने का दावा किया था

बांग्लादेशी सुरक्षाबल पहले भी आरोपी फैसल करीम के भारत भागने का दावा कर चुकी है। बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक हत्यारों को ट्रांसपोर्टेशन में सपोर्ट करने वाले आरोपी सिबियन डियू और संजय चिसिम ने अदालत में इसका खुलासा किया है।

बांग्लादेशी सुरक्षाबलों के मुताबिक आरोपी फैसल करीम हादी की हत्या से एक दिन पहले गर्लफ्रेंड के साथ एक रिसॉर्ट में गया था। वहां उसने गर्लफ्रेंड को कहा था- कल कुछ ऐसा होगा, जिससे बांग्लादेश हिल जाएगा। साथ ही हादी का वीडियो भी दिखाया था।

मेघालय पुलिस- बांग्लादेश पुलिस से कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली

मेघालय पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेश पुलिस से कोई औपचारिक या अनौपचारिक सूचना नहीं मिली है। गारो हिल्स क्षेत्र में आरोपियों का कोई पता नहीं चला और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है।

हालांकि, मेघालय पुलिस ने सीमा की निगरानी बढ़ा दी है और इंटेलिजेंस से जुड़े सूत्रों को सक्रिय कर दिया है। भारतीय अधिकारी बांग्लादेश के साथ सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन केवल सही जानकारी के आधार पर।

BSF के अधिकारियों ने कहना है कि यह फेक न्यूज से जुड़ा पहला मामला नहीं है। करीब दो हफ्ते पहले भी बांग्लादेशी मीडिया से एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि BSF ने दो बांग्लादेशी घुसपैठियों को गोली मारी और उनकी मौत हो गई है। इस आरोप को भी भारतीय अधिकारियों ने जांच के बाद पूरी तरह खारिज कर दिया था।

हादी की हत्या के मामले में न्याय की मांग तेज हो गई है। तस्वीर हादी के अंतिम संस्कार की है। इसमें हजारों लोग जुटे थे।

हादी की हत्या के मामले में न्याय की मांग तेज हो गई है। तस्वीर हादी के अंतिम संस्कार की है। इसमें हजारों लोग जुटे थे।

हादी की हत्या के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं

हादी की हत्या के विरोध में बांग्लादेश में 18 दिसंबर से प्रदर्शन हो रहे हैं। उस्मान हादी के समर्थकों और छात्र संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ढाका के अंदर और बाहर के कई जिलों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने देश के सबसे बड़े अखबार डेली स्टार और प्रोथोम आलो के कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। इसके अलावा, शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी के घर में तोड़फोड़ की गई और उसे आग लगा दी गई थी।

यूनुस सरकार को 30 दिनों की टाइमलाइन

बांग्लादेश के इंकलाब मंच के सचिव अब्दुल्लाह अल जाबेर ने यूनुस सरकार को हादी के हत्यारों को पकड़ने के लिए 30 दिनों की टाइमलाइन दे रखा है।

टाइमलाइन के भीतर सरकार से हत्यारों की पहचान और गिरफ्तारी की मांग की गई है। जाबेर ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश की संप्रभुता को नष्ट करने की गहरी साजिश चल रही है।

जाबेर ने सरकार के सामने दो मुख्य मांगें रखीं है, जिसमें पहली, हादी की हत्या में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी और दूसरी अवामी लीग से जुड़े सिविल-मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंटों की गिरफ्तारी।

इंकलाब मंच ने बांग्लादेश सरकार को हादी के हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए 30 दिन का अल्टीमेटम दिया है।

इंकलाब मंच ने बांग्लादेश सरकार को हादी के हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए 30 दिन का अल्टीमेटम दिया है।

12 दिसंबर- हादी को बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारी

उस्मान हादी को राजधानी ढाका में 12 दिसंबर को गोली मारी गई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वह रिक्शे पर जा रहे थे तभी बाइक सवार हमलावर ने उन्हें गोली मारी थी।

हादी को तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, बाद में इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर रेफर किया गया था। जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमले से कुछ घंटे पहले उस्मान हादी ने ग्रेटर बांग्लादेश का एक मैप शेयर किया था, इसमें भारतीय इलाके (7 सिस्टर्स) शामिल थे।

हादी ढाका से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले थे

हादी इस्लामी संगठन ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता थे और चुनाव में ढाका से निर्दलीय उम्मीदवार थे। इंकलाब मंच अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद एक संगठन के रूप में उभरा। इसने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग की सरकार को गिरा दिया था।

यह संगठन अवामी लीग को आतंकवादी करार देते हुए पूरी तरह खत्म करने और नौजवानों की सुरक्षा की मांग को लेकर सक्रिय रहा। यह संगठन राष्ट्रीय स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा पर जोर देता है। मई 2025 में अवामी लीग को भंग करने और चुनावों में अयोग्य ठहराने में इस संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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