March 28, 2026

China Border Patrolling 3X | Ladakh ITBP 29 New Outposts; Pak-Bangladesh Hi-Tech Surveillance

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नई36 मिनट पहले

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भारत ने ऑपरेशन सिंदूर और गलवान झड़प के बाद सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी है। पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा पर एंटी-ड्रोन, सेंसर और लेजर की मदद से निगरानी शुरू की गई है। वहीं, लद्दाख में चीन सीमा पर 29 नए आउटपोस्ट बनाए गए हैं। साथ ही भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की पेट्रोलिंग 3 गुना बढ़ा दी गई है।

गृह मंत्रालय की ऐन्यूअल रिपोर्ट 2024-25 के मुताबिक, भारत-पाकिस्तान सीमा पर जम्मू क्षेत्र और भारत-बांग्लादेश सीमा पर असम के धुबरी में 5-5 किमी इलाके में ‘कंप्रीहेंसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम’ (CIBMS) के दो पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं।

CIBMS कई तकनीकों और संसाधनों का एक नेटवर्क है। वहीं, म्यांमार सीमा पर अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में ‘हाइब्रिड सर्विलांस सिस्टम’ पर काम जारी है।

CIBMS से एक साथ तीन काम हो रहे…

  • सेंसर और निगरानी: इसमें थर्मल इमेजर, रडार, लेजर सेंसर और GIS मैपिंग का इस्तेमाल हो रहा है, जो पल-पल की जानकारी कमांड सेंटर तक पहुंचाता है।
  • नेटवर्क और डेटा: अलग-अलग सेंसर से मिलने वाला डेटा सुरक्षित नेटवर्क के जरिए जोड़ा जाता है।
  • कमांड और कंट्रोल: यह व्यवस्था रियल टाइम जानकारी देती है, जिससे कमांड हेडक्वार्टर में तैनात अधिकारी तेजी से और सटीक फैसले ले सकते हैं।

पहली बार एंटी-ड्रोन सिस्टम पर फोकस

सीमाओं पर ड्रोन के बढ़ते खतरे को देखते हुए सुरक्षा बलों को स्पेशल ट्रैनिंग और मॉडर्न उपकरणों से लैस किया जा रहा है। यह सिस्टम अवैध हवाई घुसपैठ का पता लगाने और उसे खत्म करने में प्रभावी है।

स्पेस टेक से सीमावर्ती इलाकों की मैपिंग

GIS लेयर और पीएम गति शक्ति पोर्टल का इस्तेमाल सीमावर्ती बुनियादी ढांचे की सटीक मैपिंग और रणनीतिक योजना बनाने के लिए किया जा रहा है। यह संवेदनशील इलाकों की निगरानी सुनिश्चित करता है।

चीन सीमा पर पेट्रोलिंग 173 से बढ़कर 500 प्रति माह हुई

ITBP ने 2022 से 2024 के बीच 29 नए बॉर्डर आउटपोस्ट बनाए हैं। इससे कुल संख्या 209 हो गई है। यह बढ़ोतरी जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद की गई है। तब ITBP के 180 आउटपोस्ट थे।

नए आउटपोस्ट बनने से दूर-दराज के हाई-एल्टीट्यूड इलाकों में ITBP की सालभर मौजूदगी बनी रहेगी। साथ ही फॉरवर्ड पोस्ट के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, 2017-18 में ITBP औसतन 173 पेट्रोलिंग प्रति माह करता था। यह संख्या 2023-24 में बढ़कर करीब 500 प्रति माह हो गई, यानी करीब 3 गुना बढ़ोतरी हुई है।

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