March 26, 2026

CNG PNG Price Cut 2025; PNGRB | Natural Gas Zone Wise Charges | CNG और घरेलू PNG 1 जनवरी से सस्ती होगी: कंज्यूमर्स को हर यूनिट पर 2 से 3 रुपए की बचत; गैस रेगुलेटरी बोर्ड ने ट्रांसपोर्टेशन चार्ज घटाए

0
101561492_1765970077.png


नई दिल्ली32 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

देश भर के कंज्यूमर्स को जल्द CNG और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) सस्ती मिलेगी। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) ने गैस ट्रांसपोर्टेशन चार्ज को कम करने और सरल बनाने का ऐलान किया है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगा।

PNGRB मेंबर एके तिवारी ने कहा कि नए यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर से अलग अलग राज्यों के कंज्यूमर्स को ₹2-3 प्रति यूनिट बचत होगी, जो स्टेट और टैक्स पर निर्भर करेगी।

नए टैरिफ स्ट्रक्चर में तीन की जगह 2 जोन

PNGRB के सदस्य ए.के. तिवारी ने एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बताया कि 2023 में लागू व्यवस्था में टैरिफ को दूरी के आधार पर 3 जोन में बांटा गया था। इसमें 0 से 200 किमी तक 42 रुपए चार्ज लगता है।

वहीं 300 से 1,200 किमी तक 80 रुपए और 1,200 किमी से ज्यादा पर ₹107 चार्ज लगता है। अब इस व्यवस्था को सरल करते हुए दो जोन कर दिया गया है।

तिवारी ने कहा, पहला जोन CNG और घरेलू PNG उपभोक्ताओं के लिए पूरे देश में एक समान लागू होगा। इससे ट्रांसपोर्ट कॉस्ट कम होगा, जो सीधे कंज्यूमर तक पहुंचेगा।

CNG को कैसे कैलकुलेट किया जाता है​​​​​​​

CNG को भारत में किलोग्राम (kg) में नापा और बेचा जाता है। वजह CNG को बहुत हाई प्रेशर पर कंप्रेस किया जाता है, इसलिए वॉल्यूम (लीटर या क्यूबिक मीटर) में नापना मुश्किल है क्योंकि तापमान और प्रेशर से वॉल्यूम बदलता रहता है। लेकिन वजन (kg) हमेशा एक जैसा रहता है। 1 kg CNG लगभग 1.39 SCM (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) के बराबर होती है। पंप पर आप kg में भरवाते हो।

PNG को SCM (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) में नापा जाता है। यह गैस पाइप से घर में आती है, प्रेशर नॉर्मल होता है, इसलिए वॉल्यूम में आसानी से नापी जाती है। बिल में SCM दिखता है। PNG बिल हर 2 महीने आता है और मीटर रीडिंग से SCM कैलकुलेट होता है।

312 जियोग्राफिकल एरिया के कंज्यूमर्स को फायदा

यह बदलाव 312 जियोग्राफिकल एरियाज में फायदा देगा, जहां 40 सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन (CGD) कंपनियां काम कर रही हैं। तिवारी ने कहा, इसका फायदा से CNG इस्तेमाल करने वाले व्हीकल्स और रसोई में PNG का उपयोग करने वाले घरों दोनों को मिलेगा।

PNGRB ने गैस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों को साफ कहा है कि यह बचत कंज्यूमर्स तक पहुंचनी चाहिए। रेगुलेटर कंप्लायंस मॉनिटर करेगा। तिवारी ने कहा हमारा रोल कंज्यूमर्स और ऑपरेटर्स के इंटरेस्ट बैलेंस करना है।

CGD सेक्टर का एक्सपैंशन

CNG और PNG नेटवर्क के विस्तार पर बात करते हुए तिवारी ने बताया कि पूरे देश को कवर करने के लिए लाइसेंस दिए जा चुके हैं, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां, निजी कंपनियां और जॉइंट वेंचर्स शामिल हैं।

PNGRB कई कई राज्यों में VAT कम करने और प्रोसेस आसान करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नियामक केवल निगरानी करने वाला नहीं, बल्कि इस क्षेत्र में एक फैसिलिटेटर की भूमिका भी निभा रहा है।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *