March 28, 2026

Delhi Air Pollution GRAP 4 Rules; BS-6 Engine – PUC Fual | AQI Crisis | दिल्ली में पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के बिना पेट्रोल बंद: सिर्फ BS-6 इंजन वाली गाड़ियों को एंट्री, 12 लाख वाहन प्रभावित होंगे; दफ्तरों में 50% WFH अनिवार्य

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नई दिल्ली3 मिनट पहले

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दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए 18 दिसंबर से GRAP-4 लागू कर दिया गया है। - Dainik Bhaskar

दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए 18 दिसंबर से GRAP-4 लागू कर दिया गया है।

दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए गुरुवार से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा फेज लागू हो गया है। इसके तहत दिल्ली में सिर्फ BS-6 इंजन वाली गाड़ियों को एंट्री मिलेगी। इससे कम मानक वाले दूसरे राज्यों के निजी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।

इस फैसले से गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और नोएडा से दिल्ली में रोजाना आने-जाने वाली 12 लाख गाड़ियो पर असर पड़ने की आशंका है। आज से नोएडा से 4 लाख से ज्यादा , गुरुग्राम से 2 लाख और गाजियाबाद से 5.5 लाख वाहनों को दिल्ली में आने से रोक दिया जाएगा।

दिल्ली में ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम भी लागू हो गया है। इसके तहत, पॉल्युशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट के बिना गाड़ियों को पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं मिलेगा। बिना PUC सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों की पहचान के लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं।

दिल्ली–नोएडा चिल्ला बॉर्डर पर ट्रैफिक पुलिस ने कार के डॉक्यूमेंट्स चेक करने के लिए रोका। गुरुवार को कई इलाकों में चेकिंग चल रही है।

दिल्ली–नोएडा चिल्ला बॉर्डर पर ट्रैफिक पुलिस ने कार के डॉक्यूमेंट्स चेक करने के लिए रोका। गुरुवार को कई इलाकों में चेकिंग चल रही है।

CNG, इलेक्ट्रिक वाहन और जरूरी सेवाओं वाले वाहनों को छूट

दिल्ली में GRAP-4 के तहत निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर पूरी तरह बैन है।​ CNG, इलेक्ट्रिक वाहन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है। ट्रैफिक जाम रोकने के लिए 100 हॉटस्पॉट्स पर गूगल मैप मदद लेगा। नियम तोड़ने पर वाहन जब्ती, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी। पर्यावरण अधिनियम 1986 के तहत सजा मिलेगी।​

सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया गया है। प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की ऑनलाइन क्लासेज चलेंगी। सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी के स्टूडेंट्स को अपनी मर्जी से ऑनलाइन या फिजिकल क्लास चुनने का ऑप्शन दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट बोला- प्रदूषण हर साल की समस्या, व्यावहारिक समाधान जरूरी

इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट ने भी बुधवार को प्रदूषण पर सख्ती दिखाई। कोर्ट ने कहा था कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और दिल्ली नगर निगम (MCD) को दिल्ली की सीमाओं पर बने 9 टोल प्लाजा अस्थायी रूप से बंद या हटाने को कहा है, ताकि जाम न लगे।

CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने नए नियम और प्रोटोकॉल के बजाय मौजूदा उपायों के प्रभावी अमल पर जोर दिया। बेंच ने कहा कि सिर्फ नियम बनाना काफी नहीं है। जरूरी है कि सरकार प्रैक्टिकल और असरदार समाधान अपनाए और मौजूदा उपायों को सही तरीके से लागू किया जाए।

कोर्ट ने उन पुराने वाहनों पर कार्रवाई की अनुमति दी, जो बीएस-4 उत्सर्जन मानकों के अनुरूप नहीं। कोर्ट ने अपना 12 अगस्त का आदेश बदला है। उसमें 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर कार्रवाई से रोका गया था।

सुप्रीम कोर्ट के 3 प्रमुख कमेंट्स…

  • सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि प्रदूषण की पाबंदियों से बेरोजगार हुए कंस्ट्रक्शन वर्कर्स की मदद की जाए और उन्हें दूसरा काम देने पर भी विचार किया जाए।
  • कोर्ट ने CAQM और NCR सरकारों से कहा कि वे शहरों में ट्रैफिक, मोबिलिटी और किसानों को पराली जलाने से रोकने जैसे मुद्दों पर ध्यान दें। टुकड़ों में उपाय करने से यह संकट हल नहीं होगा।
  • सुप्रीम कोर्ट ने नर्सरी से कक्षा 5 तक के स्कूल बंद रखने के दिल्ली सरकार के फैसले में दखल नहीं दिया। कोर्ट ने कहा कि सर्दियों की छुट्टियां नजदीक हैं, इसलिए इसमें बदलाव की जरूरत नहीं है।

दिल्ली में निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों को ₹10 हजार मुआवजा

दिल्ली सरकार सभी रजिस्टर्ड और वेरिफाइड निर्माण मजदूरों के खातों में मुआवजे के तौर पर ₹10,000 भी ट्रांसफर करेगी। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री कपिल मिश्रा ने 17 दिसंबर को बताया कि दिल्ली में 16 दिनों तक ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का तीसरा फेज, (GRAP-3) लागू रहा। इस दौरान निर्माण कार्य बंद थे। इससे दिहाड़ी मजदूर प्रभावित हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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राहुल ने कहा- सरकार प्रदूषण रोकने का प्लान बनाए, रिजिजू बोले- हम संसद में चर्चा को तैयार

कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 12 दिसंबर को लोकसभा में वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘हमारे देश के ज्यादातर बड़े शहर जहरीली हवा की चपेट में हैं। लाखों बच्चे फेफड़ों की बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। राहुल ने कहा, ‘यह एक अहम मुद्दा है। मुझे पूरा यकीन है कि सरकार हमारे साथ इस मामले पर चर्चा के लिए एकमत होगी।’ पूरी खबर पढ़ें…

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