Delhi Online Investment Scam | Conifer App Cyber Crime Gang Arrested | दिल्ली पुलिस ने 7.16 करोड़ का ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम पकड़ा: चार गिरफ्तार; ये लोग देशभर में 300 से ज्यादा साइबर क्राइम में शामिल थे
नई दिल्ली7 मिनट पहले
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दिल्ली पुलिस ने देशभर में फैले एक ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम के मामले में चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। जांच में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से जुड़ी शिकायतों में कुल 7.16 करोड़ रुपए के ट्रांजैक्शन का पता चला है।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम ब्रांच) आदित्य गौतम ने बताया कि ये गिरफ्तारियां 3 नवंबर को दर्ज एक ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड केस की जांच के दौरान की गईं। इस मामले में दिल्ली के एक व्यक्ति से 27.2 लाख रुपए की ठगी की गई थी।
पुलिस के मुताबिक आरोपी एक बड़े साइबर क्राइम सिंडिकेट का हिस्सा थे। यह गिरोह देशभर में 300 से अधिक साइबर अपराध शिकायतों से जुड़े धोखाधड़ी के पैसों को रूट करने और लॉन्डर करने के लिए बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। NCRP से जुड़ी शिकायतों में 7.16 करोड़ रुपए के ट्रांजैक्शन सामने आए हैं।
शिकायतकर्ता ने क्या बताया…
- शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे अनजान लोगों ने ऑनलाइन संपर्क कर एक फर्जी इन्वेस्टमेंट ग्रुप में जोड़ा।
- वहां उसे मनगढ़ंत मुनाफा दिखाया गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे ‘Conifer’ नाम का एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा और एक लॉजिस्टिक्स कंपनी के IPO में निवेश के लिए उकसाया।
- ऐप पर दिख रहे रिटर्न को असली मानकर पीड़ित ने 27.2 लाख रुपए कई खातों में ट्रांसफर कर दिए।
- जब उसने और निवेश करने से इनकार किया, तो उसका ऐप अकाउंट फ्रीज कर दिया गया।
जांच में सामने आया कि ये खाते पुणे और हैदराबाद में संचालित एक गिरोह के फर्जी खाते थे। DCP ने बताया कि M/s Nexus-IN Broadband से जुड़े एक खाते की पहचान ठगी के पैसों को प्राप्त करने और लॉन्डर करने के मुख्य चैनल के रूप में हुई है।

जांच में क्या सामने आया…
- फाइनेंशियल एनालिसिस में पाया गया कि पैसों को कई ट्रांसफर, ATM से नकद निकासी और अन्य खातों के जरिए तेजी से लेयर किया गया। इन खातों से किसी वैध व्यावसायिक गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं मिला।
- गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुणे के मयूर मारुति सानस और गौरव जाधव, तथा हैदराबाद के मोहम्मद यूसुफ अली और मोहम्मद अबरार खान के रूप में हुई है।
- पुलिस के मुताबिक आरोपी पुणे के एक होटल में एक साथ रह रहे थे और ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर करने के लिए सक्रिय रूप से फर्जी खातों का संचालन कर रहे थे।
- चारों आरोपी कई राज्यों में चल रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम से जुड़े एक बड़े साइबर सिंडिकेट के लिए फर्स्ट-लेयर फर्जी खातों का संचालन कर रहे थे।
- पुलिस ने इनके पास से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल चैट बरामद की हैं, जिनसे धोखाधड़ी से मिले पैसों को मिलकर संभालने की पुष्टि होती है।
पुलिस के मुताबिक, सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की पहचान करने और अपराध से जुड़े बाकी पैसों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

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