DRDO Pralay Missile Testing Video Update | Chandipur ITR | एक लॉन्चर से दागीं बैक टू बैक 2 प्रलय मिसाइल: भारत ने किया सफल परीक्षण; 7500 kmph की रफ्तार, 1000 किग्रा तक गोला बारूद ले जा सकेगी
बालासोर31 मिनट पहले
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DRDO ने बुधवार को सुबह करीब 10:30 बजे प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बुधवार को ओडिशा तट के पास प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस दौरान एक ही लॉन्चर से बैक टू बैक दो प्रलय मिसाइलें (सल्वो लॉन्च) दागी गईं।
मिसाइलों की पूरी उड़ान पर नजर रखने के लिए चांदीपुर में स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) के सेंसर लगाए गए थे। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह परीक्षण सुबह करीब 10:30 बजे किया गया। जो कि सेना के उपयोग से जुड़ी जांच (यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल) का हिस्सा था। दोनों मिसाइलें तय किए गए रास्ते पर ठीक तरह से उड़ीं और सफलतापूर्वक लक्ष्य पूरे किए।
रक्षा मंत्रालय ने इसे भारत की सामरिक मिसाइल क्षमता के लिए एक अहम उपलब्धि बताया है। प्रलय मिसाइल को पूरी तरह स्वदेशी है और DRDO ने ही इसे बनाया है।
पहले भी हो चुका है सफल परीक्षण
इससे पहले DRDO ने 28-29 जुलाई को ओडिशा तट पर ही प्रलय मिसाइल के दो सफल परीक्षण किए थे। ये परीक्षण भी परीक्षण सेना और वायुसेना के उपयोग की जांच (यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल) के तहत किए गए थे।
स्वदेशी तकनीक से विकसित इस आधुनिक क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल के जल्द हीं भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल किया जाना है, जिससे देश की रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।

23 दिसंबर- K-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण

इससे पहले भारत ने 23 दिसंबर को बंगाल की खाड़ी में 3,500 किलोमीटर रेंज वाली K-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। यह टेस्ट INS अरिघाट से विशाखापट्टनम तट के पास किया गया। भारत जमीन, हवा के बाद अब समुद्र से भी परमाणु हथियार लॉन्च कर सकेगा।
ये मिसाइल 2 टन तक न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम है। K-सीरीज की मिसाइलों में “K” अक्षर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सम्मान में रखा गया है। इनकी भारत के मिसाइल कार्यक्रम में अहम भूमिका रही है। पूरी खबर पढ़ें…
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