March 29, 2026

HDFC Bank Q3FY26 Profit Surges 11.5%; Executive Director Retires

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मुंबई10 घंटे पहले

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देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के लेंडर HDFC बैंक ने शनिवार (17 जनवरी) को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। दिसंबर तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 11.5% बढ़कर 18,654 करोड़ रुपए रहा है।

पिछले साल इसी तिमाही में बैंक ने 16,735 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा कमाया था। बैंक के नतीजे बाजार के अनुमानों से बेहतर रहे हैं, क्योंकि एक्सपर्ट्स ने करीब 18,473 करोड़ रुपए के मुनाफे की उम्मीद जताई थी।

एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावेश जवेरी रिटायरमेंट लेंगे

बैंक ने नतीजों के साथ एक महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की है। बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावेश जवेरी ने रिटायरमेंट का फैसला लिया है। वे 18 अप्रैल 2026 को अपना पद छोड़ देंगे।

जवेरी लंबे समय से बैंक के साथ जुड़े हुए थे और उन्होंने बैंक के ऑपरेशंस और बिजनेस स्ट्रैटेजी में अहम भूमिका निभाई है। बोर्ड ने उनके योगदान की सराहना की है।

एसेट क्वालिटी में सुधार, NPA के मोर्चे पर राहत मिली

बैंक की एसेट क्वालिटी में इस तिमाही सुधार देखने को मिला है। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) सितंबर तिमाही के मुकाबले कम हुआ है।

बैंक के लोन बुक की सेहत बेहतर बनी हुई है, जिससे प्रोविजनिंग (फंसे हुए कर्ज के लिए अलग रखी जाने वाली राशि) में भी स्थिरता आई है। बैंक ने बताया कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में लोन की मांग मजबूत बनी हुई है।

डिपॉजिट और एडवांस में डबल डिजिट ग्रोथ

बैंक के बिजनेस अपडेट के मुताबिक, दिसंबर तिमाही के अंत तक बैंक के ग्रॉस एडवांस (दिए गए कर्ज) सालाना आधार पर 11.9% बढ़कर 28.4 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गए हैं।

वहीं, बैंक के कुल डिपॉजिट (जमा राशि) में भी 11.5% की अच्छी बढ़त देखी गई है और यह 28.5 लाख करोड़ रुपए हो गया है। बैंक का CASA (करेंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट) डिपॉजिट भी बढ़कर 9.6 लाख करोड़ रुपए रहा।

ब्याज से होने वाली आय भी बढ़ी

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII), जो ब्याज से होने वाली कमाई और ब्याज पर किए गए खर्च का अंतर होती है, उसमें करीब 4-8% की ग्रोथ रहने का अनुमान है। बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) स्थिर बने हुए हैं।

एनालिस्ट्स का कहना है कि मर्जर के बाद बैंक अब अपनी बैलेंस शीट को बेहतर तरीके से मैनेज कर रहा है और डिपॉजिट जुटाने पर उसका खास फोकस है।

डिजिटल बैंकिंग और रिटेल लोन पर फोकस

बैंक ने भविष्य की योजनाओं के बारे में कहा कि वह अपने डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म को और मजबूत करेगा। आने वाले समय में बैंक रिटेल लोन पोर्टफोलियो और एमएसएमई (MSME) सेक्टर में अपनी पकड़ और बढ़ाना चाहता है। बैंक का लक्ष्य अपने कॉस्ट-टू-इनकम रेश्यो को और कम करना है ताकि मुनाफे की रफ्तार बनी रहे।

कॉन्सोलिडेशन फेज में HDFC बैंक का शेयर

बाजार के जानकारों के अनुसार, HDFC बैंक का स्टॉक फिलहाल एक ‘कॉन्सोलिडेशन’ फेज में है। अच्छे नतीजों के बाद सोमवार को शेयर बाजार में इस स्टॉक पर नजर रहेगी। पिछले एक साल में शेयर ने निवेशकों को सुस्त रिटर्न दिया है, लेकिन अर्निंग्स में सुधार से रिकवरी की उम्मीद है।

नॉन परफॉर्मिंग एसेट या NPA क्या है?

जब कोई व्यक्ति या संस्था किसी बैंक से लोन लेकर उसे वापस नहीं करती, तो उसे बैड लोन या नॉन परफॉर्मिंग एसेट या NPA कहा जाता है। यानी इन लोन्स की रिकवरी की उम्मीद काफी कम होती है। नतीजतन बैंकों का पैसा डूब जाता है और बैंक घाटे में चला जाता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, अगर किसी बैंक लोन की किस्त 90 दिनों तक यानी तीन महीने तक नहीं चुकाई जाती है, तो उस लोन को NPA घोषित कर दिया जाता है। अन्य वित्तीय संस्थाओं के मामले में यह सीमा 120 दिन की होती है। बुक को क्लियर करने के लिए बैंकों को ऐसा करना होता है।

HDFC बैंक की देश में 9,092 से ज्यादा ब्रांच

HDFC बैंक, बैंकिंग और फाइनेंशियल स‌र्विसेज प्रोवाइड करता है। बैंक के फाउंडर हसमुखभाई पारेख हैं। उन्होंने इस बैंक को 1994 में स्थापित किया था। इसका हेड क्वार्टर मुंबई में है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) शशिधर जगदीशन हैं। HDFC बैंक की देश में 9,092 से ज्यादा ब्रांच और 20,993 से ज्यादा ATMs हैं।

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