March 26, 2026

Himachal Dharamshala College student death case UGC Fact finding committee after FIR | हिमाचल छात्रा मौत मामले में UGC सख्त: फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनेगी, एंटी-रैगिंग सिस्टम की जांच होगी; FIR के 36 घंटे बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं – Dharamshala News

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हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला कॉलेज की पूर्व छात्रा पल्लवी की रैगिंग के बाद मौत मामले में अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने संज्ञान लिया है। UGC ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज को फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के गठन के निर्देश दिए है।

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यूजीसी ने दो टूक कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कमेटी कॉलेज में मौजूदा एंटी-रैगिंग और शिकायत निवारण सिस्टम को भी जांंचेगी। उधर, राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लेते हुए एसपी कांगड़ा से मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी है।

वहीं छात्रा के परिजनों की शिकायत पर भूगोल के प्रोफेसर अशोक कुमार समेत चार लोगों पर FIR दर्ज हुई है। मामले में 3 छात्राओं पर रैगिंग करने और प्रोफेसर पर यौन और मानसिक प्रताड़ना के आरोप है। हालांकि, पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दी है, लेकिन 36 घंटे बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

छात्रा के घर पर देर शाम तक जांच करते हुए पुलिस।

छात्रा के घर पर देर शाम तक जांच करते हुए पुलिस।

सबूत जुटाना पुलिस के लिए चुनौती

डीएसपी निशा कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम देर रात तक छात्रा के घर पर जांच करती रही। छात्रा का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया गया था और अंतिम संस्कार हो चुका है, इसलिए पुलिस के सामने सबूत जुटाना चुनौती है।

पुलिस अब इन अहम सुरागों पर निर्भर…

  • डाइंग डिक्लेरेशन: पुलिस ने पल्लवी द्वारा उपचार के दौरान रिकॉर्ड करवाए गए वीडियो की क्लिप्स जब्त की हैं। माना जा रहा है कि मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए ये बयान ही सबसे बड़ा सबूत होंगे।
  • मेडिकल हिस्ट्री: पुलिस ने अस्पतालों से एक्स-रे, सीटी स्कैन और ब्लड रिपोर्ट्स मांगी हैं ताकि यह साफ हो सके कि क्या डिप्रेशन के अलावा कोई और बीमारी मौत की वजह थी।
  • डिजिटल रिकॉर्ड: मृतका, आरोपी प्रोफेसर और छात्राओं के मोबाइल और कॉल डिटेल्स खंगाले जाएंगे।
मृतक छात्रा के माता-पिता।

मृतक छात्रा के माता-पिता।

महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान महिला आयोग की चेयरमैन विद्या नेगी ने बताया कि उन्होंने एसपी कांगड़ा से इस मामले में पूरी रिपोर्ट मांगी है। यह संवेदनशील मामला है। जो भी सच है, उसे सामने लाया जाएगा। इसमें बहुत ही मुस्तैदी से जांच करने को कहा गया है। मामले में जो भी दोषी है, उन पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।

मृतक छात्रा के घर शोक जताने पहुंचे लोग।

मृतक छात्रा के घर शोक जताने पहुंचे लोग।

सिलसिलेवार रूप में जानें पूरा मामला…

  • छात्रा के साथ रैगिंगः मृतक धर्मशाला के डिग्री कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वो कॉलेज में रैगिंग और यौन उत्पीड़न की घटना के बाद से परेशान थी। गत 26 दिसंबर को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। हालांकि, मरने से पहले उसने एक प्रोफेसर और 3 लड़कियों का नाम लेकर एक वीडियो भी बनाया।
  • प्रोफेसर पर बैड टच का आरोपः वीडियो में छात्रा ने बताया कि कॉलेज की छात्राएं हर्षिता, आकृति और कोमोलिका ने उसके साथ रैगिंग के बाद मारपीट की और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दीं। इसी के साथ छात्रा ने एक प्रोफेसर पर बैड टच करने का आरोप लगाए।
  • कॉलेज ने नाम काटाः मृतक छात्रा के भाई आर्यन ने बताया कि जुलाई में हुई परीक्षा में उनकी बहन एक नंबर से रह गई थी। इसके बाद वो कॉलेज नहीं गई। इसके बाद 21 अगस्त को उसका नाम कॉलेज से काट दिया गया। जब सितंबर में वो दोबारा एडमिशन लेने गई तो उसे री-वैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) फॉर्म भरने को कहा गया।
  • डिप्रेशन में चली गई छात्राः फॉर्म भरने के बाद जब वो कॉलेज गई तो एक प्रोफेसर ने उसे क्लास में बैठने नहीं दिया और बदसलूकी भी की। भाई आर्यन ने बताया कि इसके बाद रैगिंग और यौन उत्पीड़न के चलते उसकी तबीयत और बिगड़ गई। इसी घटना के बाद से बहन पूरी तरह टूट गई और डिप्रेशन में चली गई थी। इसके बाद परिवार लगातार अस्पतालों के चक्कर काटता रहा। ​​​​​​
  • परिजनों ने CM हेल्पलाइन पर शिकायत कीः छात्रा की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने CM हेल्पलाइन (1100) पर रैगिंग और प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत की। इसके बाद जांच के लिए पुलिस तपोवन स्थित उसके घर पहुंची, जहां छात्रा ऑक्सीजन सपोर्ट पर मिली।
  • दिसंबर में छात्रा की मौतः छात्रा की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे लुधियाना के डीएमसी में इलाज के लिए ले गए। 26 दिसंबर को उसकी हालत नाजुक होने के चलते मौत हो गई। अगले दिन परिजनों ने छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया। ​​​​

प्रोफेसर ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं, गवर्नमेंट कॉलेज धर्मशाला के प्रोफेसर अशोक कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि छात्रा पिछले सत्र में उनके पास पढ़ती थी, जबकि मौजूदा सत्र में वह किसी अन्य प्रोफेसर के अधीन थी।



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