Himachal Vikas झanwar UPSC exam qualify | 159rank
UPSC परीक्षा पास करने के बाद बेटे विकास पंवार को लड्डू खिलाते हुए माता-पिता।
हिमाचल प्रदेश के शिमला के कुपवी निवासी 22 वर्षीय विकास पंवार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा पहले ही प्रयास में पास कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विकास ने देशभर में 159वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम
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विकास पंवार कुपवी के जुब्बली गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई शिमला स्थित डीएवी न्यू शिमला स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में बीए (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की।
वर्तमान में वह पॉलिटिकल साइंस में एमए की पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने यूजीसी-नेट परीक्षा भी क्वालिफाई कर ली, जो उनकी शैक्षणिक प्रतिभा को दर्शाता है।

UPSC परीक्षा पास करने वाले विकास पंवार।
पिता दिल्ली में प्रिंसिपल
विकास के पिता चत्तर सिंह खुद दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल है। इससे पहले वह हिमाचल प्रदेश में टीजीटी, पंचायत सचिव और आयकर निरीक्षक जैसे पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वह दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, विकास की माता विनिता पंवार गृहिणी हैं।
हिमाचल में 10वीं-12वीं में भी टॉप किया: चत्तर सिंह
चत्तर सिंह ने बताया कि विकास बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रहा है। उसने सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में भी हिमाचल प्रदेश में टॉप किया था। उन्होंने कहा कि विकास के मन में शुरू से ही देश सेवा का जज्बा रहा है और उसी लक्ष्य को लेकर उसने UPSC की तैयारी की।

UPSC परीक्षा पास करने वाले विकास पंवार अपने माता-पिता के साथ।
कौन बनेगा करोड़पति में भी 50 लाख जीता
दिलचस्प बात यह है कि विकास पंवार इससे पहले नवंबर 2025 में लोकप्रिय टीवी क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। इस कार्यक्रम में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 लाख रुपए की राशि जीती थी। उस समय भी उनकी उपलब्धि ने पूरे हिमाचल का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
पहले ही रैंक में पास की परीक्षा
अब UPSC जैसी कठिन परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर विकास ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि से चौपाल और कुवपी क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है।