income tax payers Zero tax filers increases in india Central government report | 2020-21 से 2024-25 के बीच जीरो टैक्स फाइलर 20% बढ़े: इनकम छूट के बावजूद टैक्स देने वालों में 4 साल में 50% बढ़ोतरी
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नई दिल्ली2 मिनट पहले
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साल 2020-21 में टैक्स चुकाने वालों की हिस्सेदारी 28% से बढ़कर 34% हो गई। AI
आयकर में छूट का दायरा बढ़ने के बावजूद देश में टैक्स चुकाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार की संसद में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, बीते 4 सालों में जहां जीरो टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या 15% बढ़ी, वहीं, टैक्स देने वाले 50.4% तक बढ़ गए।
2020-21 में कुल 6.72 करोड़ रिटर्न फाइल हुए थे। इनमें 4.84 करोड़ जीरो टैक्स फाइलर थे यानी इन पर कोई टैक्स देनदारी नहीं थी। जबकि, 1.88 करोड़ लोगों ने टैक्स दिया था। वहीं, 2024-25 में जीरो टैक्स फाइलर 5.58 करोड़ हो गए, पर टैक्स देने वालों का आंकड़ा 2.82 करोड़ तक पहुंच गया।
साल 2020-21 में कुल रिटर्न में से 72% जीरो फाइलर थे, जो 2024-25 में घटकर 66% रह गए। वहीं, टैक्स चुकाने वालों की हिस्सेदारी 28% से बढ़कर 34% हो गई।
विशेषज्ञों के अनुसार AI, फेसलेस असेसमेंट और आयकर कानूनों की सरलता से टैक्स सिस्टम में भरोसा बढ़ा है। पहले जो टैक्स पेयर टैक्स बचाने की रणनीति में उलझे रहते थे, अब वे सीधे टैक्स चुका रहे हैं।
कोविड के बाद वेतन, व्यवसाय और एमएसएमई से आय बढ़ने का असर भी टैक्स कलेक्शन में दिख रहा है। काॅरपोरेट लाभ पिछले पांच साल में काफी बढ़ा है। इसका असर टैक्स चुकाने के लिए आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या में इजाफे के रूप में देखने को मिल रहा है।
द. राज्यों में जीरो फाइलर ज्यादा बढ़े
उत्तर की तुलना में समृद्ध माने जाने वाले दक्षिण के राज्यों में जीरो फाइलर तेज बढ़े। नए राज्य तेलंगाना में जीरो फाइलर की संख्या पांच साल में तीन गुना हो गई। केरल में ढाई गुना जीरो फाइलर हो गए। तमिलनाडु में करीब सवा दोगुना हो गई।
एक्सपर्ट्स: ज्यादातर युवा पहली जॉब द. भारत के तेलंगाना, तमिलनाडु व कर्नाटक जैसे राज्यों में शुरू करते हैं। वेतन कम होने के बाद भी पैन, बैंक खाते व पीएफ जमा सब शुरू हो जाता है। वे टैक्स छूट का भी लाभ ले रहे। इसलिए वहां जीरो फाइलर तेजी से बढ़े।
करदाताओं की वृद्धि में हरियाणा भी
उत्तर भारत में अचानक टैक्स देने वालों की संख्या पांच साल में बढ़ रही है। वजह यह है कि अब तक जो लोग टैक्स नहीं देते थे वे भी टैक्स देने के लिए आगे आ रहे हैं। टैक्स देने वालों में बढ़ोतरी देखें तो इसमें हरियाणा शीर्ष पर है। गुजरात दूसरे और बिहार तीसरे नंबर पर है। इस सूची में मप्र 7 वें नंबर पर है।
एक्सपर्ट्स: टैक्स छूट का दायरा बढ़ने से अब लोगों को लगने लगा है कि वे आय घोषित करके भविष्य में आयकर की झंझटों से बच सकते हैं। इसलिए 5 साल में 1 करोड़ करदाता बढ़े।
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