March 26, 2026

India Beats England in T20 World Cup Semifinal; Surya Credits Fielding Coach

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मुंबई4 घंटे पहले

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संजू सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता। इंग्लैंड से पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रन की पारी के लिए उन्हें यह अवॉर्ड मिला था। - Dainik Bhaskar

संजू सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता। इंग्लैंड से पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रन की पारी के लिए उन्हें यह अवॉर्ड मिला था।

मुंबई में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली। टीम की जीत में संजू सैमसन की 42 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी अहम रही, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

गुरुवार रात अवॉर्ड लेने के बाद सैमसन ने कहा कि इस सम्मान के असली हकदार जसप्रीत बुमराह हैं। वहीं सूर्यकुमार यादव ने टीम की फील्डिंग की तारीफ की, जबकि इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने माना कि सैमसन का कैच छोड़ना उनकी टीम को भारी पड़ गया।

सैमसन बोले- बुमराह ‘जनरेशनल टैलेंट’

सैमसन ने प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कहा, मैं यह अवॉर्ड बुमराह को देना चाहता हूं। वे वर्ल्ड क्लास बॉलर हैं, ऐसे खिलाड़ी जो पीढ़ी में एक बार आते हैं। आज उन्होंने वही डिलीवर किया। अगर डेथ ओवर्स में उन्होंने उस तरह की गेंदबाजी नहीं की होती, तो शायद मैं आज यहां खड़ा नहीं होता। सारा क्रेडिट हमारे गेंदबाजों को जाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में खुद पर भरोसा रखा।

जसप्रीत बुमराह ने 4 ओवर में 33 रन देकर 1 विकेट लिया।

जसप्रीत बुमराह ने 4 ओवर में 33 रन देकर 1 विकेट लिया।

वानखेड़े में रन बनते ही हैं- सैमसन

सैमसन ने अपनी पारी के बारे में कहा, यह अलग अहसास है। मुझे पता था कि पिछली पारी (वेस्टइंडीज के खिलाफ) से मेरी फॉर्म अच्छी चल रही है। मैंने खुद को थोड़ा समय दिया और सोचा कि इस फॉर्म का पूरा फायदा उठाना चाहिए। वानखेड़े में रन बनते ही हैं, यहां कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं होता, इसलिए हम ज्यादा से ज्यादा रन बनाना चाहते थे।

शतक से चूकने का मलाल नहीं

सैमसन शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, टी-20 में शतक बनाना कोई लक्ष्य नहीं होता। यहां आपको बस लगातार तेजी से रन बनाने होते हैं।

जब आप अपनी टीम को जीत दिलाते हैं, तो यह मायने नहीं रखता कि आपने कितने रन बनाए। मैं अपनी टीम की जीत में योगदान देकर बहुत खुश हूं।

संजू सैमसन ने सिक्स लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की।

संजू सैमसन ने सिक्स लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की।

न्यूजीलैंड सीरीज में प्लेइंग-11 में जगह बनाने का दबाव था

संजू ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्लेइंग इलेवन में जगह पक्की करने के दबाव में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में जरूरत से ज्यादा कोशिश की। इसी वजह से उस सीरीज में बल्ले से बड़े रन नहीं निकले।

न्यूजीलैंड के खिलाफ सैमसन का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और उनकी जगह ईशान किशन ने अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की। हालांकि, टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की लगातार मौजूदगी को तोड़ने के लिए सैमसन को फिर मौका मिला और उन्होंने उसे भुना दिया।

सैमसन ने लगातार दो अर्धशतक लगाए। सेमीफाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंद में 89 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। इससे पहले उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाए थे।

खराब दौर में खेल के बेसिक्स पर काम किया- संजू

संजू ने बताया कि खराब दौर के बाद उन्होंने अपने खेल के बेसिक्स पर फिर से काम किया। ज्यादा प्रैक्टिस की और खुद को शांत रखने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने अपने करीबियों के साथ समय बिताया और सोशल मीडिया से दूरी बना ली।

सैमसन ने कहा कि उन्होंने फोन तक बंद कर दिया था ताकि बाहरी शोर कम रहे और सही दिशा में ध्यान लगा सकें। उनके मुताबिक इससे उन्हें फोकस करने में काफी मदद मिली।

अविश्वसनीय अहसास, लड़कों पर गर्व है- सूर्या

प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कप्तान सूर्यकुमार यादव काफी भावुक दिखे। उन्होंने कहा, यह एक अविश्वसनीय अहसास है। भारत में खेलना, एक शानदार टीम की कप्तानी करना और वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचना बहुत खास है।

मैं बहुत नर्वस था, मैच के दौरान मेरी हार्ट रेट 160-175 के आसपास रही होगी। फाइनल में जाने को लेकर पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ उत्साहित है।

कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पूरी टीम की तारीफ की।

कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पूरी टीम की तारीफ की।

सूर्या ने सैमसन की पारी की तारीफ की

सूर्यकुमार ने सैमसन की तारीफ करते हुए कहा कि वे क्रीज पर उतरते ही जानते थे कि उन्हें क्या करना है। उन्हें पता था कि विकेट अच्छा है और यहां रन बनेंगे। जब भी विकेट गिरा, उन्होंने रन गति कम नहीं होने दी। पिछले एक साल की मेहनत का फल उन्हें आज मिला। यह एक स्पेशल पारी थी।

बुमराह और गेंदबाजों ने पलटा पासा

कप्तान सूर्या ने बुमराह की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, हम सब जानते हैं कि बुमराह क्या करने में काबिल हैं। उन्होंने फिर साबित किया कि वे मैच विनर हैं। बुमराह और अर्शदीप ने डेथ ओवर्स में जो गेंदबाजी की, वह बेहतरीन थी।

फील्डिंग कोच टी दिलीप की मेहनत रंग लाई

सूर्या ने टीम की फील्डिंग पर बात की। उन्होंने कहा, हमें हमारे फील्डिंग कोच टी दिलीप को श्रेय देना होगा। टूर्नामेंट में हमारी फील्डिंग पहले उतनी अच्छी नहीं थी, लेकिन लड़कों ने अपनी स्किल्स पर काम किया और टीम के लिए एक्स्ट्रा एफर्ट्स डाले। खिलाड़ियों ने अपनी व्यक्तिगत ट्रेनिंग के बाद भी फील्डिंग पर बहुत मेहनत की, जिसका नतीजा आज मैदान पर दिखा।

इंग्लैंड की पारी के दौरान अक्षर पटेल ने कप्तान ब्रूक का बेहतरीन रनिंग कैच पकड़ा। वहीं जैकब बेथेल और विल जैक्स की खतरनाक होती साझेदारी को तोड़ने के लिए बाउंड्री पर जैक्स का बेहतरीन कैच भी लपका। इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैक्कुलम ने भी माना कि अक्षर पटेल के दो कैच ने ही मैच उनसे छीना।

विल जैक्स का कैच पकड़ते अक्षर पटेल और शिवम दुबे। यह कैच मुकाबले का टर्निंग पॉइंट रहा।

विल जैक्स का कैच पकड़ते अक्षर पटेल और शिवम दुबे। यह कैच मुकाबले का टर्निंग पॉइंट रहा।

सैमसन का कैच छोड़ना पड़ा भारी- ब्रूक

इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने माना कि सैमसन का कैच छोड़ना उनकी टीम के लिए महंगा साबित हुआ। ब्रूक ने सेमीफाइनल के दौरान 15 रन पर सैमसन का कैच छोड़ दिया था, जिसके बाद भारतीय बैटर ने शानदार पारी खेलते हुए मैच का रुख बदल दिया।

ब्रूक ने कहा, कहते हैं कि कैच मैच जिताते हैं। दुर्भाग्य से गेंद मेरे हाथ में टिक नहीं पाई। ऐसा कभी-कभी हो जाता है। उसके बाद सैमसन ने शानदार पारी खेली और शायद उसी पारी ने भारत को मैच जिता दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ रहा था, उन्हें लगातार यह एहसास हो रहा था कि सैमसन की पारी मैच पर असर डाल रही है। ब्रूक ने कहा कि स्कोरबोर्ड देखते हुए उन्हें लगा कि इंग्लैंड को जीतने के लिए अब उन्हें खुद बड़ी पारी खेलनी होगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।

हैरी ब्रुक ने सैमसन को 15 रन पर जीवनदान दिया। इसके बाद उन्होंने 89 रन की पारी खेली।

हैरी ब्रुक ने सैमसन को 15 रन पर जीवनदान दिया। इसके बाद उन्होंने 89 रन की पारी खेली।

रणनीति को सही से अपना नहीं सके- इंग्लिश कोच

इंग्लैंड के कोच मैक्कुलम ने बताया कि उनकी टीम पिच के बाउंस को ठीक से भांप नहीं पाई। उन्होंने कहा, वानखेड़े में जो लेंथ हमें सही लग रही थी, वह एक्स्ट्रा बाउंस के कारण थोड़ी छोटी पड़ रही थी।

जोफ्रा आर्चर का संजू के खिलाफ रिकॉर्ड अच्छा रहा है, लेकिन उस कैच के छूटने के बाद संजू ने मैच पर पकड़ बना ली और हम दबाव में आ गए। हम अपनी रणनीति को मैदान पर सही तरह से लागू नहीं कर सके।

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