March 27, 2026

Indian Army roadmap for 2026 AI data digital networks Preparation | 2026 के लिए भारतीय सेना का रोडमैप तैयार: शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म में प्लानिंग; AI, डेटा और डिजिटल नेटवर्क से होगी अगली जंग

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नई दिल्ली7 मिनट पहलेलेखक: मुकेश कौशिक

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सेना ने साल 2023 से 2032 को परिवर्तन का दशक घोषित किया है। File - Dainik Bhaskar

सेना ने साल 2023 से 2032 को परिवर्तन का दशक घोषित किया है। File

ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के साथ 88 घंटे की जंग के विश्लेषण के बाद सेना ने अहम बदलावों की रूपरेखा तैयार की है। सेना ने इसे तीन हिस्सों अल्पकालिक (शॉर्ट टर्म), मध्यकालिक (मीडियम टर्म) और दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) रण​नीति में बांटा है।

अल्पकालिक रणनीति के तहत 2026 का स्पष्ट रोडमैप बनाया गया है। सेना के सूत्रों ने बताया कि इस साल पूरा जोर हथियार हासिल करने की बजाए युद्ध के पूरे वातावरण की त्वरित जानकारी, नेटवर्क और तेज फैसलों पर केंद्रित रहेगा जो ऑपरेशन सिंदूर का अहम सबक है।

सेना ने साल 2026 को ‘नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी’ और 2027 में ऑपरेशंस के एआई से पूर्ण इंटीग्रेशन के रूप में मनाने का फैसला किया है। इस प्रक्रिया से जुड़े शीर्ष अधिकारी ने बताया कि यह फैसला सेना की लंबे समय से चल रही परिवर्तन योजना का अगला कदम है।

सेना ने साल 2023 से 2032 को परिवर्तन का दशक घोषित किया है। इसके तहत 2023 में संगठन, सोच और काम करने के तरीकों में सुधार 2024 को ‘तकनीक आत्मसात’ और 2025 में जमीनी स्तर पर बदलाव का रोडमैप अपनाया गया है।

6-7 मई 2025: सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था

अंतरराष्ट्रीय बिरादरी, दुश्मन, घरेलू कम्युनिकेशन के लिए अलग माध्यम

स्ट्रेटेजिक कम्युनिकेशन में भी बदलाव किए जा रहे हैं। योजना यह है कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी, दुश्मन और घरेलू कम्युनिकेशन के लिए अलग-अलग कंटेंट और माध्यम तय हों। नैरेटिव वॉर में दुश्मन के झूठ तंत्र को फेल किया जाए। राजनीतिक नेतृत्व, तीनों सेनाओं के बीच संवाद और मीडिया के साथ तालमेल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सेना की स्टडी में सामने आया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सही समय पर सटीक जानकारी कितनी जरूरी है।

  • जल्द फैसले: एआई और ऑटोमेशन से मिलेगी सूचनाएआई और ऑटोमेशन का भरपूर इस्तेमाल होगा। यह तीन स्तंभों डेटा, नेटवर्क और फौजी आंकड़ों पर खड़ा होगा। साइबर तंत्र के माध्यम से तय होगा कि कौन-सी जानकारी कहां से आएगी और उसे कैसे सुरक्षित रखा जाएगा।
  • साझा प्लेटफॉर्म: नेटवर्क, सॉफ्टवेयर और डेटा कासेना देशभर में फैले अपने डिजिटल नेटवर्क, डेटा सेंटर और सॉफ्टवेयर सिस्टम सेंटरों का साझा प्लेटफॉर्म तैयार करेगी। इससे जंग के मैदान में तैनात सैनिक से लेकर कमांडर तक सबको अपडेट जानकारी मिलेगी।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की बढ़ी ताकत

29 दिसंबर 2025: भारत ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) की पहली सफल फ्लाइट टेस्टिंग की। इस दौरान रॉकेट को उसकी अधिकतम 120 किलोमीटर रेंज तक दागा गया।

उड़ान के दौरान रॉकेट ने सभी तय इन-फ्लाइट मैन्युवर सफलतापूर्वक पूरे किए और निर्धारित लक्ष्य पर सटीक वार किया। रेंज में तैनात सभी ट्रैकिंग सिस्टम ने उड़ान के पूरे रूट के दौरान रॉकेट की निगरानी की।यह सफल परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने किया। पूरी खबर पढ़ें…

17 दिसंबर 2025: भारतीय सेना को अमेरिका से आखिरी तीन अपाचे AH-64E हेलिकॉप्टर मिले। इसके साथ ही भारतीय सेना के 6 अपाचे हेलिकॉप्टर का बेड़ा पूरा हो गया है। इन तीनों हेलिकॉप्टर को पाकिस्तान के साथ लगी पश्चिमी सीमा के पास जोधपुर के 451 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन में तैनात किया जाएगा।​

रक्षा मंत्रालय ने 2020 में बोइंग से थल सेना के लिए 6 हेलिकॉप्टर खरीदने का 600 मिलियन डॉलर (करीब 5,691 करोड़ रुपए) का करार किया था। मूल योजना के अनुसार इन हेलिकॉप्टरों को मई-जून 2024 तक पहुंचना था, लेकिन सप्लाई चेन की समस्याओं और तकनीकी कारणों से 15 महीने की देरी हुई। पूरी खबर पढ़ें…

23 अक्टूबर 2025 : सेना की इन्फैंट्री विंग के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार ने बताया कि भारतीय सेना में अगले छह महीने के भीतर भैरव लाइट कमांडो की 20 बटालियनें और शामिल हो जाएंगी। ऐसी 4 बटालियनें पहले ही देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं। इन पांच बटालियनों के अलावा 4 और लगभग तैयार हैं, जबकि बाकी 16 अगले छह महीने में काम करने लगेंगी।

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भारत ने K-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया: पनडुब्बी से 3500km की रेंज तक मार करेगी, 2 टन न्यूक्लियर पेलोड ले जा सकेगी

भारत ने बंगाल की खाड़ी में न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन INS अरिघाट से 3,500 किलोमीटर रेंज वाली K-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। रक्षा सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि यह टेस्ट मंगलवार को विशाखापट्टनम तट के पास किया गया। भारत जमीन, हवा के बाद अब समुद्र से भी परमाणु हथियार लॉन्च कर सकेगा। पूरी खबर पढ़ें…

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