March 28, 2026

Kainchi Dham: Gen-Z’s Spiritual Hub, Not a Tourist Destination | Neem Karoli Baba | कैंची धाम टूरिस्ट डेस्टिनेशन नहीं, Gen-Z की आस्था का केंद्र: 70% युवा श्रद्धालु कर रहे दर्शन; 82% लोग उत्तराखंड के बाहर से पहुंचे – Nainital News

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कतार में लग मंदिर में प्रवेश के लिए अपनी बारी का इंतजार करते युवा।

उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कैंची धाम को अब सिर्फ एक धार्मिक स्थल के रूप में नहीं, बल्कि युवा और Gen-Z की आध्यात्मिक तलाश के केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।यहां आने वाले श्रद्धालुओं का रुझान बताता है कि कैंची धाम घूमने की जगह नहीं, बल्कि डिवोशन का ड

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संख्या विभाग और पर्यटन विभाग के संयुक्त सर्वे में सामने आया है कि बाबा नीम करौली महाराज की तपोस्थली में आने वालों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी 15 से 30 वर्ष के युवाओं की है। यह ट्रेंड साफ संकेत देता है कि नई पीढ़ी अध्यात्म को सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि जीवन की जरूरत के रूप में अपना रही है।

नैनीताल में स्थित कैंची धाम जो युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरा है।

नैनीताल में स्थित कैंची धाम जो युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरा है।

युवा और Gen-Z का अध्यात्म की ओर बढ़ता रुझान

अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 के दौरान किए गए तीन हजार श्रद्धालुओं पर आधारित इस सर्वे में सामने आया कि 67.17 प्रतिशत श्रद्धालु 15 से 30 वर्ष की आयु वर्ग से हैं। यानी कैंची धाम में आने वाला हर तीसरा श्रद्धालु युवा या Gen-Z वर्ग से जुड़ा है। यह आंकड़ा इस बात की ओर इशारा करता है कि धर्म और अध्यात्म के प्रति युवाओं की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है और वे इसे मानसिक शांति व जीवन के अर्थ से जोड़कर देख रहे हैं।

कैंची धाम- डेस्टिनेशन नहीं, डिवोशन

सर्वे के मुताबिक 95.3 प्रतिशत श्रद्धालु केवल आध्यात्मिक उद्देश्य से कैंची धाम पहुंचे। इनमें से 99 प्रतिशत ने एक घंटे से कम समय में दर्शन किए। खास बात यह रही कि 73.4 प्रतिशत श्रद्धालु सिर्फ बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन के लिए आए और आसपास के अन्य पर्यटन स्थलों पर नहीं गए। वहीं, 65 प्रतिशत श्रद्धालु दर्शन के बाद सीधे लौट गए, जिससे यह साफ होता है कि कैंची धाम का महत्व पर्यटन से ज्यादा भक्ति और आस्था से जुड़ा है।

नीम करौली मंदिर के बाहर लगी भक्तों की भीड़।

नीम करौली मंदिर के बाहर लगी भक्तों की भीड़।

उत्तराखंड से बाहर के श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी

इस अध्ययन में यह भी सामने आया कि 82.47 प्रतिशत श्रद्धालु उत्तराखंड के बाहर के राज्यों से आए थे।इनमें सबसे अधिक संख्या उत्तर प्रदेश और बिहार के श्रद्धालुओं की रही, जबकि दिल्ली से आने वाले भक्तों की संख्या भी उल्लेखनीय पाई गई। यह आंकड़े बताते हैं कि कैंची धाम की आस्था राज्य की सीमाओं से कहीं आगे तक फैली हुई है।

विदेशों तक फैली बाबा नीम करौली महाराज की आस्था

सर्वे में यह भी सामने आया कि बाबा के दरबार में विदेशी नागरिकों की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है।नेपाल से लेकर नीदरलैंड तक से श्रद्धालु कैंची धाम पहुंच रहे हैं। कुल मिलाकर 95 प्रतिशत श्रद्धालु केवल आध्यात्मिक उद्देश्य से बाबा के दर्शन के लिए आते हैं, जो बाबा की वैश्विक पहचान को दर्शाता है।

बाबा के भक्तों में नामी हस्तियां भी शामिल

बाबा नीम करौली महाराज के भक्तों में कई जानी-मानी हस्तियों के नाम शामिल हैं।बताया जाता है कि स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग, जूलिया रॉबर्ट्स और भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली भी बाबा की समाधि के दर्शन कर चुके हैं।कहा जाता है कि फेसबुक को लेकर असमंजस के दौर में स्टीव जॉब्स ने मार्क जुकरबर्ग को कैंची धाम जाने की सलाह दी थी।



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