March 28, 2026

Kuldeep Yadav Wedding Card Revealed

0
grey-quote.02a691c7.png


कुलदीप और वंशिका की शादी का कार्ड सामने आया है। 14 मार्च को होने वाली इस शादी का कार्ड राधा-कृष्ण की थीम डिजाइन किया गया है।

भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर कुलदीप यादव अपनी बचपन की दोस्त वंशिका सिंह के साथ शादी करने जा रहे हैं। 14 मार्च को दोनों उत्तराखंड के मसूरी में ‘वेलकमहोटल ‘द सेवॉय’ में 7 फेरे लेंगे। तीन दिन बाद यानी 17 मार्च को लखनऊ के होटल सेंट्रम में ग्रैंड रिसेप्शन

.

कुलदीप और वंशिका की शादी का खूबसूरत और शाही वेडिंग कार्ड सामने आया है। ‘दैनिक भास्कर’ को मिले इस निमंत्रण पत्र की थीम राधा-कृष्ण पर है। बनावट, नक्काशी और इस पर उकेरे गए चित्र किसी शाही रजवाड़े का अहसास करा रहे हैं।

कार्ड की कीमत 2200 रुपए है। कुलदीप कानपुर के रहने वाले हैं। जबकि वंशिका लखनऊ में रहती हैं। 4 जून 2025 को लखनऊ में दोनों की सगाई हुई थी।

फोन पर ‘दैनिक भास्कर’ से खास बातचीत में उन्होंने पहली बार अपनी शादी को लेकर प्रतिक्रिया दी। कुलदीप ने हंसते हुए कहा,

QuoteImage

मुझे तैयारियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। मैं सीधे फ्लाइट से देहरादून पहुंचूंगा और वहां से बाय रोड मसूरी आऊंगा।

QuoteImage

शादी में मेहमानों के लिए खास मेन्यू तैयार किया गया है, जिसमें 10 से ज्यादा तरह के व्यंजन परोसे जाएंगे। बताया जा रहा है कि एक टाइम एक व्यक्ति के खाने की कीमत करीब 20 हजार रुपए तक हो सकती है। कुलदीप के पिता राम सिंह यादव ने बताया कि शादी का कार्यक्रम पूरी तरह निजी रखा गया है और इसमें परिवार के लोग व चुनिंदा वीवीआईपी मेहमान ही शामिल होंगे।

शादी के कार्ड की PHOTOS…

कुलदीप यादव की शादी का कार्ड एक बॉक्स की तरह बना हुआ है।

कुलदीप यादव की शादी का कार्ड एक बॉक्स की तरह बना हुआ है।

बॉक्स के बाहर कुलदीप यादव और उनके पिता का नाम लिखा हुआ है।

बॉक्स के बाहर कुलदीप यादव और उनके पिता का नाम लिखा हुआ है।

वेडिंग कार्ड की खासियतें…

शाही अंदाज और बारीक नक्काशी कार्ड का बेस हल्के गुलाबी (पीच) रंग का है। इस पर बेहद बारीक फ्लोरल (फूल-पत्तियों) पैटर्न छपा है। कार्ड पर ‘गोल्ड फॉयल वर्क’ (सुनहरी नक्काशी) है। किनारों पर महल के गुंबदों और आकृतियों को उभारने के लिए सुनहरे रंग का इस्तेमाल किया है, जो इसे एक 3D और विंटेज लुक देता है। कार्ड के ऊपरी हिस्से पर एक शानदार गोल्डन लॉक (बकल) है, जिसके ऊपर गुलाबी फूलों की डिजाइन बनी है।

कार्ड के बीचों-बीच आकर्षक कपल का चित्र उकेरा कार्ड के बीचों-बीच एक बेहद आकर्षक चित्र उकेरा है। इसमें एक शाही महल के झरोखे के सामने एक जोड़े को खड़े दर्शाया है। लाल और हरे रंग के पारंपरिक शाही लिबास में सजे इस जोड़े की झलक राधा-कृष्ण जैसी लग रही है।

बैकग्राउंड में महल की जालीदार खिड़कियां और गुंबद हैं। वहीं, कार्ड के निचले हिस्से में प्रकृति का सुंदर चित्रण है- तालाब में खिले कमल के फूल और फव्वारे के पास बैठा एक मोर दिखाया गया है।

कुलदीप और वंशिका ने 4 जून 2025 को लखनऊ में सगाई की थी। (फाइल फोटो)

कुलदीप और वंशिका ने 4 जून 2025 को लखनऊ में सगाई की थी। (फाइल फोटो)

अक्षर और निमंत्रण का संदेश कार्ड पर लिखे अक्षरों का चुनाव भी इसकी शाही थीम से मेल खाता है। सबसे ऊपर एक खूबसूरत गोल्डन विंटेज नेमप्लेट के आकार की डिजाइन में “कुलदीप और वंशिका” लिखा है। कार्ड के साथ एक निमंत्रण टैग भी जुड़ा है, जिस पर अंग्रेजी के ‘k’ और ‘v’ (कुलदीप और वंशिका) अक्षरों को मिलाकर एक ‘लोगो’ बनाया है, जो एक हार्ट शेप में खत्म होता है।

इस पर अंग्रेजी में लिखा है-

QuoteImage

A Heartfelt Invitation From: मिस्टर. राम सिंह यादव, मिस्टर. कुलदीप सिंह यादव

QuoteImage

इसके ठीक नीचे उनके कानपुर स्थित निवास का पता- ‘381-D, डिफेंस कॉलोनी, जाजमऊ, कानपुर’ और फोन नंबर लिखे हुए हैं।

शादी का पूरा शेड्यूल…

13 मार्च: हल्दी और मेहंदी का कार्यक्रम, कुलदीप का वेन्यू पर आगमन

14 मार्च: ‘द सेवॉय’ में सात फेरे

15 मार्च: नवदंपति और मेहमानों की वापसी

17 मार्च: लखनऊ के होटल सेंट्रम में भव्य रिसेप्शन

सगाई के बाद टल गई थी शादी कुलदीप और वंशिका की शादी पहले नवंबर में तय थी, लेकिन क्रिकेट टूर्नामेंट और टी-20 वर्ल्ड कप की व्यस्तता के चलते इसे टाल दिया गया। कुलदीप चाहते थे कि वे पहले वर्ल्ड कप जीतकर आएं और उसके बाद शादी करें।

शादी में भारतीय क्रिकेट, राजनीति और फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हो सकती हैं। मेहमानों की सूची में भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली, समेत टीम इंडिया के कई खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं।

होटल के एक स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शादी में शामिल होने के लिए आईसीसी अध्यक्ष जय शाह के पहुंचने की भी संभावना है। इसके अलावा, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत कई राजनीतिक हस्तियां भी पहुंच सकती हैं।

योगी भी शामिल हो सकते हैं कुलदीप के पिता राम सिंह यादव ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उन्हें शादी और रिसेप्शन का न्योता भी दिया है। ऐसे में समारोह में मुख्यमंत्री के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

मसूरी के 'वेलकमहोटल ‘द सेवॉय’ में शादी होगी।

मसूरी के ‘वेलकमहोटल ‘द सेवॉय’ में शादी होगी।

116 से 125 खास मेहमान, मैरियट में भी ठहरने की व्यवस्था शादी को बेहद निजी रखा गया है। इसमें सिर्फ 116 से 125 खास मेहमान शामिल होंगे। मेहमानों में परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और कुछ खास दोस्त होंगे। वीवीआईपी मेहमानों के ठहरने के लिए ‘द सेवॉय’ के अलावा मसूरी के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में भी कमरे बुक किए गए हैं, जहां एक रात का किराया करीब 26 हजार रुपए से शुरू होता है।

अब उस होटल के बारे में जानिए जहां सात फेरे लेंगे कुलदीप…

23 एकड़ में फैला शाही हेरिटेज होटल मसूरी की “क्वीन ऑफ हिल्स” में स्थित सेवॉय होटल लगभग 23.5 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। पुराने दौर की भव्य इमारत, बड़े-बड़े लॉन और हिमालयी पर्वतों का शानदार दृश्य इसे बेहद खास बनाते हैं।

होटल के परिसर में फैली हरियाली और शांत वातावरण इसे एक अलग पहचान देते हैं। यही कारण है कि यहां अक्सर बड़े आयोजन, शाही समारोह और डेस्टिनेशन वेडिंग आयोजित की जाती हैं।

आज भी इस होटल के गलियारों और कमरों में एडवर्डियन दौर का फर्नीचर, पियानो, कट-ग्लास और यूरोप से लाई गई कई कलाकृतियां मौजूद हैं।

सुंदर वादियों के बीच बना वेलकमहोटल द सेवॉय।

सुंदर वादियों के बीच बना वेलकमहोटल द सेवॉय।

स्कूल से शुरू हुआ था सेवॉय होटल का इतिहास सेवॉय होटल की शुरुआत एक होटल के रूप में नहीं बल्कि एक स्कूल के रूप में हुई थी। वर्ष 1849 में यहां मैडॉक स्कूल चलता था, जो बाद में स्टोक्स स्कूल के नाम से जाना जाने लगा।

1890 में आयरिश बैरिस्टर सेसिल डी’लिंकन ने इस स्कूल को खरीदकर इसे होटल में बदल दिया और इसका नाम सेवॉय होटल रखा। उस समय इसे मसूरी के सबसे शानदार ठिकानों में शामिल करने की योजना बनाई गई थी।

होटल को सजाने के लिए फर्नीचर, पियानो और चांदी के बर्तन इंग्लैंड और यूरोप से मंगवाए गए थे। उस दौर में यह सामान जहाज के जरिए कोलकाता पहुंचाया गया और वहां से इलाहाबाद, सहारनपुर और देहरादून होते हुए बैलगाड़ियों और मजदूरों के सहारे मसूरी तक लाया गया था।

होटल में कई ऐसा सामान है जो सालों पहले विदेशों से मंगवाया गया था।

होटल में कई ऐसा सामान है जो सालों पहले विदेशों से मंगवाया गया था।

होटल के 3 खास रेस्टोरेंट…

सेवॉय होटल में कई प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट भी हैं, जो अपने अलग-अलग स्वाद और माहौल के लिए जाने जाते हैं।

ग्रैंड डाइनिंग हॉल: होटल का मुख्य और सबसे क्लासिक रेस्टोरेंट है। यहां ब्रिटिश दौर की हेरिटेज डाइनिंग हॉल स्टाइल देखने को मिलती है। बड़े झूमर, लकड़ी का क्लासिक इंटीरियर और शाही माहौल इसे खास बनाते हैं। यहां भारतीय और इंटरनेशनल मल्टी-कुजीन फूड परोसा जाता है।

द राइटर्स बार: होटल का लाइब्रेरी स्टाइल लाउंज और बार है। यहां आरामदायक सोफे, लकड़ी का इंटीरियर और शांत माहौल मिलता है। यहां प्रीमियम ड्रिंक्स, कॉकटेल और स्नैक्स के साथ रिलैक्स माहौल का आनंद लिया जा सकता है।

द रोयल अफगान: होटल का स्पेशलिटी रेस्टोरेंट है, जो नॉर्थ-वेस्ट फ्रंटियर क्यूजीन के लिए मशहूर है। यहां सीख कबाब, मलाई टिक्का, दाल बुखारा स्टाइल दाल और तंदूरी डिशेज परोसी जाती हैं।

होटल में स्थित रॉयल डाइनिंग हॉल।

होटल में स्थित रॉयल डाइनिंग हॉल।

अब जानिए क्यों नेहरू से होटल खाली करवाया गया था …

अफगान वार्ता के दौरान सेवॉय होटल में ठहरे थे नेहरू इतिहासकारों के अनुसार जवाहरलाल नेहरू पहली बार वर्ष 1906 में अपने पिता के साथ मसूरी आए थे। इसके बाद मई 1920 में वे पत्नी कमला नेहरू और बेटी इंदिरा के साथ मसूरी पहुंचे और सेवॉय होटल में ठहरे थे।

उसी समय अफगानिस्तान और ब्रिटिश शासन के बीच राजनीतिक संधि को लेकर प्रतिनिधियों की बातचीत भी इसी होटल में चल रही थी। इस कारण ब्रिटिश अधिकारियों को आशंका थी कि नेहरू इस वार्ता को प्रभावित कर सकते हैं।

जब भी नेहरू इस होटल में पहुंचते थे तो उनका भव्य स्वागत किया जाता था।

जब भी नेहरू इस होटल में पहुंचते थे तो उनका भव्य स्वागत किया जाता था।

साइन नहीं किए तो होटल खाली करने को कहा अंग्रेज अधिकारियों ने नेहरू से एक पत्र पर हस्ताक्षर करने को कहा, जिसमें लिखा था कि वे इस बातचीत में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेंगे। नेहरू ने इस पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।

इसके बाद ब्रिटिश अधिकारियों ने अपने उच्चाधिकारियों से आदेश लेकर नेहरू को 24 घंटे के भीतर होटल खाली करने के लिए कह दिया, जिसके बाद वे वापस इलाहाबाद लौट गए।

कई इतिहासकार मानते हैं कि नेहरू का ये होटल फेवरेट था।

कई इतिहासकार मानते हैं कि नेहरू का ये होटल फेवरेट था।

बाद में कई बार मसूरी आए और सेवॉय में ठहरे इतिहासकारों के अनुसार इसके बाद भी जवाहरलाल नेहरू कई बार मसूरी आए। वर्ष 1928 में वे पत्नी कमला नेहरू के साथ फिर मसूरी पहुंचे और सेवॉय होटल में ही ठहरे थे।

इसके बाद अक्टूबर 1930 में वे अपने पिता और पत्नी के साथ मसूरी आए और तीन दिन तक यहां रुके। इसके बाद वे वापस इलाहाबाद लौट गए।

————————–

ये खबर भी पढ़ें…

मसूरी के सेवॉय होटल में सात फेरे लेंगे कुलदीप यादव: कभी नेहरू की फेवरेट रही ये जगह, अंग्रेजों ने थमाया था खाली करने का नोटिस

इंडियन क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव की शादी 14 मार्च को मसूरी के ‘वेलकमहोटल ‘द सेवॉय’ में होने जा रही है। शादी की रस्में 12 मार्च से शुरू होंगी और तीन दिन तक चलेंगी। समारोह में कई VIP मेहमानों के पहुंचने की उम्मीद है।

मसूरी के बीचोंबीच स्थित ITC का ये होटल सिर्फ एक लग्जरी होटल नहीं बल्कि शहर की ऐतिहासिक पहचान भी है। करीब एक सदी से ज्यादा पुराने ये हेरिटेज होटल देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का फेवरेट रहा है। हालांकि एक दौर ऐसा भी था जब अंग्रेजों ने नेहरू से ये होटल खाली करवा दिया था। (पढ़ें पूरी खबर)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *