Leh Rally, Kargil Band After Sonam Wangchuk Release
लेह (लद्दाख)2 मिनट पहले
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लेह में सोमवार को अगल राज्य की मांग को लेकर लोगों ने रैली निकाली।
लद्दाख में सोमवार को पूरा बंद रहा और हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। लोग पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
लेह और कारगिल में बाजार बंद रहे। लोग बैनर लेकर बाजारों में मार्च करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगा रहे थे। जंस्कार के दूर के इलाकों में भी बंद का असर देखा गया।
यह बंद एपेक्स बॉडी लेह (ABL) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने बुलाया था। ये संगठन केंद्र सरकार से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है।
यह प्रदर्शन पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई के दो दिन बाद हुई। वांगचुक को करीब छह महीने तक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में रखा गया था।

रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं।
पुलिस फायरिंग में मारे गए लोगों की तस्वीरे लेकर रैली में पहुंचे
रैली का नेतृत्व LAB के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने किया। प्रदर्शनकारी सिंगे नामग्याल चौक से लेह के पोलो ग्राउंड तक मार्च करते हुए गए। रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं और लोग राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग के समर्थन में नारे लगा रहे थे।
कुछ लोग उन चार लोगों की तस्वीरें भी लेकर चल रहे थे, जिनकी पिछले साल सितंबर में पुलिस फायरिंग में मौत हो गई थी, जब LAB की रैली हिंसक हो गई थी।
लद्दाख के पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने लेह के सिंगे नामग्याल चौक में रैली स्थल का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए थे।अधिकारियों के अनुसार कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली।

रैली में शामिल हुए लोग राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे।
सड़कें बंद, प्रतिबंध के बाद भी लोग रैली में पहुंचे
लेह में पत्रकारों से बात करते हुए चेरिंग दोरजे ने कहा कि प्रशासन ने सड़कें बंद कर दी थीं, प्रतिबंध लगा दिए थे। फिर भी लोगों ने बड़ी संख्या में रैली में भाग लिया। उन्होंने लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बधाई दी और रैली को बड़ी सफलता बताया।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि एपेक्स बॉडी को जनता का समर्थन नहीं है, लेकिन आज लद्दाख के लोगों ने दिखा दिया कि वे LAB और KDA के साथ हैं।
सोनम वांगचुक, जो इस आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक हैं, को सितंबर में इस आरोप में NSA के तहत हिरासत में लिया गया था कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काई।

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लेह प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक 21 दिनों तक अनशन पर रहे थे। यह फोटो 24 सितंबर 2025 की है।
केंद्र ने शनिवार को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगा नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) हटा दिया। सरकार ने कहा कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया। गृह मंत्रालय के अनुसार, सोनम ने NSA एक्ट के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…
