Maiden flight test of Pinaka long-range guided rocket conducted successfully | भारत के पिनाका रॉकेट की पहली फ्लाइट टेस्टिंग सफल: 120km रेंज, टारगेट पर सटीक अटैक किया; भारतीय सेना में शामिल करने की भी मंजूरी मिली
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नई दिल्ली3 मिनट पहले
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ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से पिनाका रॉकेट लॉन्च किया गया।
भारत ने सोमवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) की पहली सफल फ्लाइट टेस्टिंग की। इस दौरान रॉकेट को उसकी अधिकतम 120 किलोमीटर रेंज तक दागा गया।
उड़ान के दौरान रॉकेट ने सभी तय इन-फ्लाइट मैन्युवर सफलतापूर्वक पूरे किए और निर्धारित लक्ष्य पर सटीक वार किया। रेंज में तैनात सभी ट्रैकिंग सिस्टम ने उड़ान के पूरे रूट के दौरान रॉकेट की निगरानी की।यह सफल परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने किया।
खास बात यह रही कि 120 किलोमीटर रेंज वाले इस रॉकेट का पहला टेस्ट उसी दिन हुआ, जब रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने इसे भारतीय सेना में शामिल करने की मंजूरी दी। DAC की बैठक सोमवार दोपहर में हुई थी।

रॉकेट का परीक्षण उसकी अधिकतम 120 किलोमीटर की रेंज पर किया गया।
LRGR को आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट ने हाई एनर्जी मटीरियल्स रिसर्च लैबोरेटरी के साथ मिलकर डिजाइन किया है। इसे बनाने में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेटरी और रिसर्च सेंटर इमारत ने भी मदद की है।
इस फ्लाइट टेस्टिंग का संचालन इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज और प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टैब्लिशमेंट ने किया। रॉकेट को सेना में पहले से इस्तेमाल हो रहे पिनाका लॉन्चर से दागा गया, जिससे यह साबित हुआ कि एक ही प्लेटफॉर्म से अलग-अलग रेंज के पिनाका रॉकेट दागे जा सकते हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर DRDO को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी के गाइडेड रॉकेटों का विकास सशस्त्र बलों की क्षमताओं को मजबूत करेगा। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDOको के चेयरमैन समीर वी. कामत ने टेस्टिंग को सामने से देखा और मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए टीमों की सराहना की।
पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) भारतीय सेना के लिए बनाई गई एक लंबी दूरी की तोपखाना प्रणाली (आर्टिलरी सिस्टम) है। यह तेज और सटीक हमले के लिए जानी जाती है, जिससे सेना की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ती है।
पिनाका को स्वदेशी हथियार प्रणालियों में एक सफल सिस्टम माना जाता है और इसे सेना का मजबूत समर्थन मिला है। सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने संकेत दिया है कि लंबी दूरी के पिनाका एडिशन पूरी तरह ऑपरेशनल होने के बाद वैकल्पिक सिस्टम की खरीद पर दोबारा विचार किया जा सकता है।
रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भी पिनाका सिस्टम को सफलता मिली है। आर्मेनिया इसे भारत से खरीद चुका है, जबकि फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों ने इसे खरीदने में रुचि दिखाई है।