Makar sankranti kashi prayagraj haridwar punjab maghi parv cm yogi khichdi
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नई दिल्ली/भोपाल/लखनऊ1 मिनट पहले
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सीएम योगी ने गुरु गोरक्षनाथ को दंडवत प्रणाम (नाथ संप्रदाय के अनुसार ‘आदेश’) किया।
देशभर में आज मकर संक्रांति मनाई जा रही है। प्रमुख नदियों गंगा-यमुना और नर्मदा के तटों लाखों लोग डुबकी लगाने पहुंचे हैं। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह खिचड़ी चढ़ाकर मकर संक्रांति की शुरुआत की।
पंजाब में आज का दिन माघी पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। इस मौके पर अमृतसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सचखंड श्री दरबार साहिब में पवित्र स्नान किया।
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लाइव अपडेट्स
8 मिनट पहले
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी में देर रात से लोग डुबकी लगाने पहुुंचे
वाराणसी में मकर संक्रांति के मौके पर गंगा में पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
11 मिनट पहले
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गोरखपुर का गोरखनाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला
मकर संक्रांति के मौके पर गोरखनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं।
15 मिनट पहले
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गोरक्षपीठ में नेपाल राजपरिवार से खिचड़ी आने की परंपरा क्यों

गुरु गोरखनाथ को मकर संक्रांति पर नेपाल राज परिवार की ओर से खिचड़ी चढ़ाई जाती है। इसके पीछे का इतिहास नेपाल के एकीकरण से जुड़ा है। मान्यता है कि राजा के राजमहल के पास ही गुरु गोरक्षनाथ की गुफा थी। उस समय के राजा ने अपने बेटे राजकुमार पृथ्वी नारायण शाह से कहा कि यदि कभी गुफा में जाएं तो वहां के योगी जो भी मांगे, उसे मना मत करें।
जिज्ञासावश शाह खेलते हुए वहां पहुंच गए और गुरु ने उनसे दही मांगी। राजकुमार अपने माता-पिता के साथ दही लेकर जब गुरु के पास पहुंचे तो उन्होंने दही का आचमन कर युवराज के अंजुलि में उल्टी कर दी और उसे पीने को कहा। युवराज की अंजुलि से दही उनके पैरों पर गिर गई। लेकिन बालक को निर्दोष मानकर नेपाल के एकीकरण का वरदान गुरु ने दे दिया। बाद में इसी राजकुमार ने नेपाल का एकीकरण किया। तभी से नेपाल नरेश व वहां के लोगों के लिए गुरु गोरखनाथ आराध्य देव हैं। राजपरिवार से खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा भी तभी से शुरू हुई जो आज तक चली आ रही है।