PM Modi Targets Dalit Voters in Punjab for 2027 Elections
डेरा बल्लां में संबोधित करते पीएम नरेंद्र मोदी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां से बिना राजनीतिक बात किए मालवा-माझा और दोआबा साध गए। पीएम ने जालंधर, होशियारपुर, मोगा, फिरोजपुर, अमृतसर और लुधियाना का दो बार जिक्र किया। इन शहरों में भाजपा की 40 सीटों पर नजर है।
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जालंधर, होशियारपुर, मोगा, फिरोजपुर की सीटों पर दलित वोटर्स का ज्यादा प्रभाव है। अमृतसर और लुधियाना का नाम लेकर पीएम ने शहरी हिंदू वोटर्स और व्यापारी वर्ग को साधने की कोशिश की। टेक्सटाइल बजट का जिक्र कर पीएम ने समझाया कि कैसे यहां के युवाओं के लिए केंद्र सरकार ने यूरोपियन यूनियन का बाजार खोला।
सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर अमृतसर और लुधियाना में देखने को मिलेगा। PM ने यह संदेश भी दिया कि आजादी के 78 सालों में भाजपा ने दलित समाज के बारे में सोचा। पद्मश्री का पीएम ने जिक्र किया। इसके साथ ही खुद को संत रविदास की जन्मभूमि काशी से जोड़ा।
मंच पर संत निरंजन दास के दो बार पैर छूए। इन सबसे PM ने इमोशनली भी लोगों को जोड़ा। किसी पार्टी को कोसे बिना और पंजाब का मुद्दा छेड़े बिना पीएम ने एक तरह से जालंधर से 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव की शुरूआत कर दी।

डेरा सचखंड बल्लां में PM मोदी ने संत निरंजन दास के पैर छूकर संबोधन शुरू किया।
PM ने पूरे पंजाब को कैसे साधा…
- दोआबा को संतों के पैर छूकर खुश करने की कोशिश: पहली बार सचखंड बल्लां पहुंचे प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरूआत धन-धन गुरुदेव, जय गुरुदेव कहकर की। उन्होंने कहा- आज मेरा सौभाग्य है कि मुझे डेरा बल्लां में आने का मौका मिला और गुरुदेव के दर्शन हुए। पीएम ने पंजाबी में कहा- मैं पंजाब दी इस धरती नूं नमन करदा हां। संत निरंजन दास के पैर छुए, गुरु रविदास के नाम पर आदमपुर एयरपोर्ट और पद्मश्री का जिक्र किया। इन सबसे दोआबा के रविदासिया-वाल्मीकि समाज को सीधा संदेश दिया कि उनकी आस्था और पहचान केंद्र के एजेंडे में है।
- मालवा को बजट और रोजगार के भरोसे जोड़ा: लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर जैसे शहरों का नाम लेकर MSME, टेक्सटाइल, खेलो इंडिया और EU ट्रेड डील की बात की। युवाओं और फैक्ट्री मालिकों को सीधा संबोधन कर मालवा को रोजगार और इंडस्ट्री हब के रूप में पेश किया।

- माझा में बॉर्डर नैरेटिव छोड़ ट्रेड की बात की: PM ने अमृतसर और आसपास के इलाकों को 27 यूरोपीय देशों के बाजार से जोड़ने का जिक्र किया। सुरक्षा या बॉर्डर की समस्याओं से दूरी रख किसान और कारोबारी की आर्थिकता पर निशाना साधा। PM ने कहा- अमृतसर में कपड़ा मिलें हैं। हमने टेक्सटाइल को बजट दिया है। इसका फायदा अमृतसर के युवाओं को होगा। वह अपना कारोबार कर 27 देशों में अपने प्रोडक्ट बेच सकते हैं।
- एयरपोर्ट पॉलिटिक्स से क्षेत्रीय संतुलन बनाया: आदमपुर एयरपोर्ट दोआबा की लाइफलाइन है। सिविल एयरपोर्ट के साथ यहां एयरफोर्स की भी एयर स्ट्रिप हैं। PM ने इसका नामकरण संत रविदास जी के नाम पर कर रविदासिया समाज को न्यू एयर का तोहफा दिया है। इसके साथ ही हलवारा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन कर लुधियाना के मालवा क्षेत्र के लिए विकास की सौगात दी।
- धर्म और विकास से जोड़कर पंजाब को जोड़ा: PM ने संत रविदास की समानता, बेगमपुरा और श्रम सम्मान की बात कर धार्मिक मंच से वेलफेयर और विकास का नैरेटिव सेट किया। PM ने बिना चुनाव, पार्टी या विरोधियों का नाम लिए तीनों क्षेत्रों को एक साथ साधा। PM ने कहा- मैं पंजाब के युवाओं, फैक्ट्री मालिकों से एक अपील करना चाहता हूं कि मैंने आपके लिए दुनिया का बाजार तो खोल दिया है। लेकिन अब आपको ध्यान रखना होगा कि आपके प्रोडक्ट की क्वालिटी बेहतर होनी चाहिए।

PM मोदी ने इमोशनली लगाव दिखाया…
- संतों के पैर छूकर आस्था के सामने सत्ता को छोटा दिखाया: PM ने संत निरंजन दास के पैर छूकर यह संदेश दिया कि प्रधानमंत्री भी पहले श्रद्धालु हैं। स्टेज पर पैर छूकर सीधा मैसेज दिया कि संत देश के लिए सबसे ऊपर हैं। पीएम ने अपने 33 मिनट के संबोधन में कई बार गुरु रविदास का जिक्र किया। उनकी वाणी से 3 श्लोक पढ़े। काशी, एमपी और पंजाब में संत रविदास की सेवा करने की बात दोहराई। रविदासिया समाज के साथ वाल्मीकि समाज को भी साधा। वाल्मीकि समाज को साधने के लिए अयोध्या के एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर करने की बात बताई।
- गुजराती होकर काशी से अपना रिश्ता जोड़ा: पीएम मोदी ने कहा- मेरा रिश्ता काशी से है। यह कहकर संत रविदास की जन्मभूमि से अपना संबंध बताया। PM ने कहा कि वह बाहरी नहीं हैं। जैसे आप रविदास महाराज को मानते हैं, वैसे ही वह भी मानते हैं और उनकी जन्मभूमि काशी में सेवा कर रहे हैं।
- पंजाबी भाषा और सभ्याचार का सम्मान किया: PM ने अपने संबोधन में बीच-बीच में पंजाबी में भी बात की। इससे लोगों से सीधा जुड़ने की कोशिश की। पीएम ने कहा- मैं पंजाब दी धरती नूं नमन करदा हां।
- दलित संत को पद्मश्री मिला: पीएम मोदी के भाषण से पहले डेरे के प्रबंधकों ने कहा कि 78 साल में पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने दलितों के बारे में सोचा और किसी दलित संत को सर्वोच्च सम्मान दिया। इसके साथ ही दलितों की बात और पहचान को किसी पीएम ने नेशनल मंच दिया है।
- संतों के विचारों को इंडिया के सपनों से जोड़ा: बेगमपुरा, श्रम का सम्मान और समानता की बात को विकास, रोजगार और वेलफेयर से जोड़कर लोगों को यह महसूस कराया कि उनकी आस्था आज के भारत का रास्ता दिखा रही है। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के विचार को भी गुरु रविदास जी का विचार बताया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविदासिया समाज के जालंधर स्थित सबसे बड़े धार्मिक स्थल डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे। यहां PM मोदी ने संत निरंजन दास के पैर छूकर श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा- मेरा रिश्ता संत रविदास जी की जन्मभूमि काशी से है। मैं पंजाब दी धरती नूं नमन करदा हां (मैं पंजाब की धरती को नमन करता हूं)। पूरी खबर पढ़ें…