Punjabi YouTuber Nancy Grewal Murder
नैन्सी ग्रेवाल सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहती थी। जहां वह हिंदी और पंजाबी गानों पर रील बनाकर पोस्ट करती रहती थी।
कनाडा में कत्ल की गई पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल हमेशा निहंगों और खालिस्तानियों को टारगेट करती थी। खालिस्तानियों को वह गुंडा कहती थी तो निहंगों को क्रिमिनल, हालांकि वह ये भी साफ करती थी कि अच्छे निहंगों का वह दिल से सम्मान करती है। खालिस्तानी होना
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नैन्सी के जट्ट सिख होने पर भी सवाल खड़े होते रहे। कोई उन्हें ब्राह्मण तो कोई बंगाली बताता रहा। मगर, एक इंटरव्यू में उसने बताया था कि वह सिख परिवार से ही है। उसकी शादी भी हुई थी, पति इंजीनियर था लेकिन पति के साथ धार्मिक वजहों से विवाद हो गया। जिसके बाद झगड़े बढ़े तो उसने तलाक ले लिया।
नैन्सी का मंगलवार रात को कनाडा के विंडसर में चाकू मारकर कत्ल कर दिया गया। हालांकि अभी तक कातिलों का पता नहीं चला है लेकिन मां छिंदरपाल कौर ने खालिस्तानियों पर शक जताया है। वहीं कनाडा की पुलिस ने भी लोगों से इस कत्ल के बारे में किसी तरह की सूचना होने पर उसे शेयर करने के लिए कहा है।

नैन्सी ग्रेवाल अक्सर हिंदी गानों पर रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करती थी।
मोनीप्रीत कैसे बनी नैन्सी ग्रेवाल, स्टेज पर सिंगिंग करने वाली कैसे कनाडा पहुंची, जट्ट सिख न होने पर क्या दिया था जवाब, तलाक को लेकर क्या कहा और निहंगों-खालिस्तानियों से कैसे हुई दुश्मनी, पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
सबसे पहले नैन्सी के बारे में जानिए…
- हरियाणा में जन्मी, परिवार जालंधर में रहता: नैंसी ग्रेवाल हरियाणा के सिरसा में पैदा हुईं। उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई भी वहीं पर हुई। हालांकि उसका परिवार मूल रूप से लुधियाना का था। सिरसा से पढ़ाई पूरी होने के बाद कुछ समय उसका परिवार लुधियाना में रहा। इसके बाद जालंधर में शिफ्ट हो गए। अब उसकी मां छिंदरपाल कौर जालंधर में ही रहती है।
- मोनीप्रीत से बनी नैन्सी: एक इंटरव्यू में नैन्सी ग्रेवाल ने बताया कि उसके पिता ने उसका नाम मोनीप्रीत रखा था। स्कूल में दाखिला लेते वक्त भी यही नाम लिखवाया था। स्कूल में पंजाबी की टीचर मोनीप्रीत को मोनी कोनी कहकर बुलाती थी तो उसने परिवार को बताए बिना अपना नाम बदलकर नैन्सी रख दिया। यही नहीं उसने स्कूल भी बदल दिया।
- सहेली घर आई तो पिता को नाम बदलने का पता चला: नैन्सी ग्रेवाल ने बताया था कि उसके पिता को पता ही नहीं था कि उसने स्कूल के साथ नाम भी बदल दिया। जब उसकी सहेली घर पर आई और नैन्सी के बारे में पूछा तो पिता ने कह दिया था कि यहां कोई नैंसी नहीं रहती। फिर उसने बाहर आकर बताया कि वो नैन्सी है और उसने अपना नाम व स्कूल बदल दिया।
- 7 साल की उम्र में शुरू किया स्टेज प्रोग्राम: नैन्सी ग्रेवाल पढ़ने में कमजोर थी लेकिन सिंगिंग में बेहतर थी। स्कूल स्तर पर गाना शुरू किया। वहीं प्रोफेशनल मंचों पर 7 साल की उम्र में गाना शुरू किया। तब वह जगरातों में गाती थी। धार्मिक प्रोग्राम के बाद नैंसी ने पंजाबी गीत गाने शुरू किए। गीतों के एल्वम के कवर पर उसका नाम एम नैंसी लिखा जाता था। नैंसी ने हिसार से ग्रेजुएशन की और फिर पंजाब में स्टेज शो करने शुरू किए।
- 2012 में आम आदमी पार्टी से जुड़ी: नैन्सी ग्रेवाल 2012 विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ी। हालांकि वह किसी पद पर नहीं रहीं। मगर, पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय रही। 2015 में उसने राजनीति से पूरी तरह से किनारा कर दिया। इसके बाद नर्सिंग की स्टडी के लिए फिर नैंसी ग्रेवाल कनाडा गई। कनाडा में नर्सिंग के साथ काम करना शुरू किया। नर्सिंग पूरी होने के बाद वहीं पर फुल टाइम काम किया और उसे कनाडा की नागरिकता मिल गई।

स्टेज पर गातीं नैन्सी ग्रेवाल।- फाइल फोटो
जट्ट होने पर सवाल उठे तो कहा- मां गिल थी, दादी बराड़ सोशल मीडिया पर नैन्सी ग्रेवाल के जट्ट सिख होने पर सवाल खड़े होते थे। कोई उसे ब्राह्मण तो कोई उसे बंगाल का बताता था। इस पर भी एक इंटरव्यू में उसने अपने पूरे खानदान के बारे में बताया था। इंटरव्यू में नैन्सी ग्रेवाल ने बताया था कि मैं ग्रेवाल परिवार में जन्मी हूं। मेरी मां गिल परिवार से है। मेरी नानी मांगट है। दादी मेरी बराड़ है।

नैन्सी ग्रेवाल की सोशल मीडिया पर शेयर की गई रील।
तलाक पर कहा था- पति मेंटली सिक था नैन्सी ग्रेवाल की शादी को लेकर भी सोशल मीडिया में सवाल खड़े होते रहे हैं। उस पर भी उसने स्पष्ट किया कि मैं डायवोर्सी हूं। जिससे मेरी शादी हुई थी, वह मैकेनिकल इंजीनियर था। वो सभी धर्मों को गालियां देता है। वो मेंटली सिक था। रोज झगड़े हो रहे थे। वो चाहता था कि मेरा सारा पैसा उसके पास जाए।
हालांकि उसे मेरी सिंगिंग पसंद थी। वो चाहता था मैं गाऊं। शादी से पहले मैंने शर्त रखी थी कि मुझे अपने परिवार को पालना है क्योंकि मैंने अपने पापा को अस्पताल के बेड पर वादा किया था कि आपका परिवार का पालन पोषण मैं करूंगी। मेरे पति ने मुझे पैसे देने से मना किया तो हमारा डिवोर्स हो गया।

नैन्सी ग्रेवाल का सोशल मीडिया पर शेयर की गई रील से ली गई फोटो।
जानिए, निहंगों-खालिस्तानियों से क्यों नाराज थी नैन्सी
- निहंगों ने मदद के बदले रुपए लिए: अपने एक इंटरव्यू में नैन्सी ने निहंगों से दुश्मनी होने की बात बताई थी। नैन्सी ग्रेवाल ने बताया था कि उसके घर की दीवार तोड़कर एक धार्मिक स्थल ने कब्जा कर लिया था। उस कब्जे को हटाने के लिए उसने निहंगों से मदद मांगी थी। निहंगों ने कब्जा हटवाया और उसके बाद 10 हजार रुपए की डिमांड की। फिर उनका सौदा 5100 रुपए और सभी को ढाबे में अच्छा खाना खिलाने पर निपट गया। नैन्सी ने इंटरव्यू में कहा था कि उसे लगता था कि निहंग सिंह फ्री में लोगों की मदद करते हैं।
- सोशल मीडिया पर टारगेट किया: इसके बाद एक निहंग ने सोशल मीडिया पर नैन्सी ग्रेवाल के संबंध में कुछ लिख दिया। नैन्सी ने बताया था कि उसके बाद उसने भी सोशल मीडिया से ही जवाब दिया। फिर दूसरे निहंग ने उसके और उसके परिवार के बारे में अभद्र बातें लिखी। बस वहीं से निहंग सिंहों के साथ उसका विवाद चलता रहा।
- निहंगों की 2 कैटेगरी बताती थी: नैन्सी ग्रेवाल अपने वीडियो में कहती थी कि निहंग 2 तरह के हैं। एक प्योर निहंग हैं जो गुरु की लाडली फौज है और उनका वो दिल से सम्मान करती है। दूसरी कैटेगिरी वह है जिसमें क्रिमिनल, नशा करने वाले लोग निहंग बने हैं। वो धर्म को बदनाम भी करते हैं और गुंडागर्दी भी करते हैं। वह कहती थी कि मेरी दुश्मनी दूसरी कैटेगिरी के निहंगों से है।
- खालिस्तानियों के झंडे फाड़ने से थी नाराज: सोशल मीडिया पर निहंगों के साथ विवाद करते जब नैन्सी कनाडा पहुंची तो उसने खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया। वह कहती थी कि जो खालिस्तान समर्थक देश का झंडा फाड़ते हैं और देश विरोधी गतिविधियां करते हैं वो खालिस्तानी हो नहीं सकते। खालिस्तान एक पवित्र शब्द है। खालिस्तानी होना गलत नहीं है।
- खालिस्तान की मांग लोकतांत्रिक तरीके से रखें: नैन्सी ग्रेवाल कहती थी कि उनकी खालिस्तान की मांग है तो लोकतांत्रित तरीके से अपनी मांग रखें। मगर, जो देश का झंडा फाड़ते हैं या फिर गुंडागर्दी करते हैं और महिलाओं का अपमान करते हैं वो दूसरे दर्ज के खालिस्तान समर्थक हैं। नैन्सी कहती थी कि उसे परिवार ने कई बार रोका लेकिन वह नहीं रुकी। उसने एक इंटरव्यू में खुद कहा था कि अब तो उसकी मां भी बोलकर थक गई है। मां को पता है कि ये जिद्दी है नहीं मानेगी।
- निज्जर की हत्या के बाद भी खालिस्तानियों की आलोचना की: नैन्सी ग्रेवाल खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू को लेकर खूब बोलती थी। कनाडा में जब खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई और उसमें भारतीय एजेंसियों के नाम की बात आई तो भी नैन्सी ग्रेवाल ने कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो व खालिस्तान समर्थकों की खूब आलोचना की थी।

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कनाडा में पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की चाकू मारकर हत्या:मां बोली- खालिस्तानियों ने मारा; हरियाणा में जन्मी, विवादित टिप्पणियां करती थी

कनाडा में पंजाबी मूल की यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल (45) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। कैनेडियन पुलिस के मुताबिक मंगलवार की रात करीब साढ़े 9 बजे हमलावर उसके घर में घुसे। उसे घर के भीतर ही चाकू मारे गए। जिसके बाद हमलावर उसे लहूलुहान हालत में छोड़कर फरार हो गए। नैन्सी कनाडा के विंडसर इलाके में रहती थी। इसका पता चलने के बाद पुलिस वहां पहुंची। जहां से नैन्सी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया (पढ़ें पूरी खबर)