Putin tastes Indian food at state dinner | राष्ट्रपति भवन में पुतिन ने खाई कश्मीरी अखरोट की चटनी: मेन्यू में झोल मोमो और दाल तड़का भी; PM मोदी ने गिफ्ट किया चांदी का घोड़ा
नई दिल्ली22 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

राष्ट्रपति भवन में 5 दिसंबर को पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्टेट डिनर का आयोजन किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में 5 दिसंबर को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में भव्य स्टेट डिनर का आयोजन किया। यह डिनर पुतिन के दो दिवसीय भारत दौरे के अंत में हुआ। खाने का मेन्यू पूरी तरह से भारतीय क्षेत्रीय व्यंजनों से सजा था।
डिनर की शुरुआत दक्षिण भारतीय मुरुंगेकाई चारू (रसम) सूप से हुई। इसके बाद स्टार्टर में कश्मीरी गुछी दून चेटिन (कश्मीरी अखरोट की चटनी के साथ भरे हुए मशरूम), काले चने के शिकमपुरी कबाब और वेज झोल मोमोज परोसे गए।
मेन कोर्स में पुतिन को वेज थाली परोसी गई, जिसमें जाफरानी पनीर रोल, पालक-मेथी-मटर साग के साथ कई किस्म की रोटियां शामिल थी। मीठे में हलवा, कुल्फी और संदेश सर्व किए गए। वहीं, मोदी ने पुतिन को चांदी का घोड़ा, मार्बल चेस समेत 6 खास गिफ्ट दिए।

पुतिन के सम्मान में शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति
डिनर में भारतीय भोजन के साथ शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी गई। राष्ट्रपति भवन की नौसेना बैंड और शास्त्रीय वादकों के ग्रुप ने राग अमृतवर्षिणी, खमाज, यमन, शिवरंजिनी, नलिनकांति, भैरवी का प्रदर्शन किया।
इसके साथ रूस की मशहूर धुन ‘कालिंका’, चैकोव्स्की की नटक्रैकर सूट के पार्ट प्रस्तुत किए गए। पुतिन ने भोज के दौरान ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ गाना भी सुना। इसके बाद पुतिन रूस के लिए रवाना हुए।

राष्ट्रपति भवन में 5 दिसंबर को स्टेट डिनर के दौरान अपनी बात रखते रूसी राष्ट्रपति पुतिन।
पुतिन बोले- भारत-रूस के बीच साझेदारी मजबूत हो रही
डिनर के दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने राजनीति, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा, शिक्षा सहित हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने वाला एक समझौता किया है।
पुतिन ने कहा, “हम एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिसमें संयुक्त राष्ट्र केंद्र में होगा।
भारत की 2026 में ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान भी हमारा सहयोग और गहरा होगा।” उन्होंने भारतीय कहावत “साथ चलो, साथ बढ़ो” का जिक्र करते हुए कहा कि यही हमारी दोस्ती का सच्चा स्वरूप है।

राष्ट्रपति भवन में 5 दिसंबर को स्टेट डिनर से पहले बातचीत करते रूसी राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी।
राष्ट्रपति मुर्मू बोली- 23वां भारत-रूस समिट हमारी दोस्ती का प्रतीक
राष्ट्रपति मुर्मू ने पुतिन का स्वागत करते हुए कहा कि इस साल भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे हो रहे हैं।
यह साझेदारी शांति, स्थिरता और आपसी सामाजिक-आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर आधारित है। 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का संयुक्त वक्तव्य हमारी विशेष दोस्ती को दर्शाता है और आगे का रोडमैप देता है।
मोदी ने पुतिन को दिए 6 खास गिफ्ट…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तोहफे के तौर पर असम ब्लैक टी और मुर्शिदाबाद का सिल्वर टी सेट दिया है।
1. मुर्शिदाबाद सिल्वर टी सेट- नक्काशियों वाला सिल्वर सेट पश्चिम बंगाल की कला और चाय की सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाता है।
भारत और रूस दोनों में चाय प्रेम, संबंध और साझा कहानियों का प्रतीक है। यह सेट भारत-रूस मित्रता और चाय की परंपरा का उत्सव मनाने के लिए दिया गया।

मोदी ने पुतिन को मुर्शिदाबाद सिल्वर टी सेट उपहार में दिया।
2. असम ब्लैक टी- ब्रह्मपुत्र की उपजाऊ घाटियों में उगाई गई यह चाय अपने मजबूत माल्टी फ्लेवर, चमकदार रंग और पारंपरिक असमिका प्रोसेसिंग के लिए जानी जाती है। 2007 में GI टैग से सम्मानित यह चाय भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और संभावित स्वास्थ्य लाभ का प्रतीक है।

मोदी ने पुतिन को असम ब्लैक टी भेंट की।
3.कश्मीरी केसर- कश्मीर में उगाया जाने वाला यह केसर, स्थानीय रूप से कंग या जाफरान के नाम से जाना जाता है। अपने गहरे रंग, खुशबू और स्वाद के लिए मशहूर है। यह GI और ODOP के तहत संरक्षित है। इसे “रेड गोल्ड” भी कहा जाता है और यह स्वास्थ्य लाभ, परंपरा और कारीगरी का प्रतीक है।

मोदी ने पुतिन को कश्मीर में उगाया जाने वाला खास केसर दिया।
4. सिल्वर हॉर्स- महाराष्ट्र में हस्तशिल्प से तैयार किया गया यह चांदी का घोड़ा खास डिजाइनों के साथ बना है।
यह भारत की धातु कला की परंपरा को दर्शाता है। यह घोड़ा सम्मान और साहस का प्रतीक है, जो भारतीय और रूसी संस्कृति में समान रूप से महत्व रखता है।

मोदी ने पुतिन को चांदी का घोड़ा गिफ्ट में दिया।
5. मार्बल चेस सेट- आगरा में तैयार यह हस्तशिल्प मार्बल चेस सेट क्षेत्र की पत्थर नक्काशी कला को उजागर करता है।
इसमें व्यक्तिगत नक्काशी वाले मोती, विभिन्न रंगों के पत्थर के प्यादे और फूलों की डिजाइन वाला चेकर बोर्ड है।
मार्बल, लकड़ी और अर्ध-कीमती पत्थरों का मिश्रण इसे न केवल खेल के लिए बल्कि सजावट के लिए भी आकर्षक बनाता है।

मोदी ने पत्थर नक्काशी कला वाली मार्बल चेस सेट पुतिन के दिया।
6. श्रीमद् भगवद् गीता (रूसी भाषा में)- पीएम मोदी ने रूसी भाषा में ट्रांसलेट की गई श्रीमद् भगवद् गीता भी पुतिन को गिफ्ट की। मोदी ने कहा- गीता की शिक्षाएं दुनियाभर के लाखों लोगों को प्रेरणा देती हैं।

पीएम मोदी ने 4 दिसंबर को राष्ट्रपति पुतिन को रूसी भाषा में लिखी गीता भेंट की।
23वें भारत-रूस समिट के आए थे पुतिन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर को 23वें भारत-रूस समिट के लिए दो दिन के भारत दौरे पर आए थे। इससे पहले पुतिन 2021 में भारत आए थे। उन्हें रिसीव करने के लिए पीएम मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर खुद पालम एयरपोर्ट गए।
मोदी ने एयरपोर्ट पर पुतिन को गले लगाकर स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता पुतिन की लग्जरी कार ऑरस सीनेट छोड़कर सफेद रंग की टोयोटा फॉर्च्यूनर से पीएम आवास पहुंचे। यात्रा के अंत में रूसी राष्ट्रपति के सम्मान में प्राइवेट डिनर दिया गया।

——————————–
पुतिन के भारत दौरे से क्या बदला: तेल सप्लाई का भरोसा समेत 19 डील, फाइटर जेट और रक्षा सौदे का ऐलान नहीं

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन अपना 27 घंटे का भारत दौरा पूरा कर वापस लौट गए हैं। उन्होंने शुक्रवार को पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत की और बिजनेस फोरम को संबोधित किया। पूरी खबर पढ़ें…